पीथमपुर में 57 ग्राम पटवारियों एवं अधिकारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण, ग्राम स्तरीय आंकड़ों के सटीक संकलन पर दिया गया जोर
संवाददाता :राजशेखर शास्त्री
पीथमपुर (धार): आगामी जनगणना 2027 की तैयारियों को व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद पीथमपुर के परिषद सभागार में जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (District Census Handbook – DCHB) ग्राम निर्देशिका संबंधी एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम स्तर पर विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और आधारभूत सुविधाओं से संबंधित आंकड़ों का सटीक, प्रमाणिक और समयबद्ध संकलन सुनिश्चित करना था।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद पीथमपुर, नगर परिषद मांडव तथा तहसील कार्यालय पीथमपुर (ग्रामीण) से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती आरती गरवाल एवं कार्यालय अधीक्षक श्री विजय अहीर की गरिमामयी उपस्थिति रही।
जनगणना की सफलता में ग्राम निर्देशिका की महत्वपूर्ण भूमिका
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) जनगणना का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज होता है, जिसमें प्रत्येक गांव से संबंधित आधारभूत सुविधाओं, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति तथा विकास संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी संकलित की जाती है।
ग्राम निर्देशिका के माध्यम से शासन और प्रशासन को ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने में सहायता मिलती है। इसी आधार पर भविष्य की विकास योजनाएं तैयार की जाती हैं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाता है।
प्रशिक्षकों ने कहा कि यदि आंकड़ों का संकलन सही और तथ्यात्मक होगा तो विकास योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सकेगा।
57 ग्राम पटवारियों ने लिया प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद पीथमपुर, नगर परिषद मांडव तथा तहसील कार्यालय पीथमपुर (ग्रामीण) के कुल 57 ग्राम पटवारियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त एआरआई श्री अजय अग्रवाल भी प्रशिक्षण में शामिल हुए।
प्रशिक्षण का संचालन श्री हुकुमचंद्र पर्वते एवं श्री आशीष कुमार श्रीवास्तव द्वारा किया गया। दोनों प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को ग्राम निर्देशिका तैयार करने की संपूर्ण प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से समझाई।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जानकारी का संकलन निर्धारित प्रारूप के अनुसार किया जाना आवश्यक है, ताकि संपूर्ण जिले का डेटा एकरूप और विश्वसनीय रहे।

विभिन्न विषयों पर विस्तार से दी गई जानकारी
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ग्राम निर्देशिका में शामिल किए जाने वाले विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई।
इनमें प्रमुख रूप से—
- शैक्षणिक संस्थानों की उपलब्धता
- चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सुविधाएं
- पेयजल एवं स्वच्छता व्यवस्था
- संचार एवं परिवहन सुविधाएं
- बैंकिंग एवं ऋण सुविधाएं
- डाकघर एवं अन्य सार्वजनिक सेवाएं
- विद्युत एवं ईंधन की उपलब्धता
- भूमि उपयोग एवं सिंचाई व्यवस्था
- प्रमुख कृषि उत्पाद
- लघु उद्योग, विनिर्माण एवं हस्तशिल्प गतिविधियां
- अन्य सामाजिक एवं आर्थिक सुविधाओं से संबंधित आंकड़ों के संकलन की प्रक्रिया को विस्तारपूर्वक समझाया गया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि प्रत्येक जानकारी संबंधित अभिलेखों एवं वास्तविक स्थिति के आधार पर ही दर्ज की जानी चाहिए।
गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध डेटा संकलन पर दिया गया जोर
प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि जनगणना से संबंधित प्रत्येक जानकारी सही, सटीक और निर्धारित समय-सीमा के भीतर संकलित की जाए।
प्रतिभागियों को बताया गया कि छोटी-सी त्रुटि भी भविष्य में आंकड़ों की विश्वसनीयता को प्रभावित कर सकती है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करे।
प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान
प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने डेटा संकलन से जुड़े कई व्यावहारिक प्रश्न पूछे। प्रशिक्षकों ने प्रत्येक प्रश्न का विस्तार से उत्तर देते हुए संभावित समस्याओं के समाधान भी बताए।
साथ ही डेटा संग्रहण के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों, अभिलेखों के सत्यापन तथा विभिन्न प्रारूपों को सही तरीके से भरने के संबंध में भी विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया।
प्रशासनिक अधिकारियों ने दिया सहयोग
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मुख्य नगर पालिका अधिकारी श्रीमती आरती गरवाल एवं कार्यालय अधीक्षक श्री विजय अहीर का महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
अधिकारियों ने प्रतिभागियों से कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रहण नहीं, बल्कि देश की विकास योजनाओं की मजबूत आधारशिला है। इसलिए प्रत्येक कर्मचारी को इस कार्य को पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ संपन्न करना चाहिए।
विकास योजनाओं के लिए उपयोगी होंगे आंकड़े
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जनगणना के माध्यम से प्राप्त आंकड़ों का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, बिजली, आवास, कृषि, सिंचाई, परिवहन और ग्रामीण विकास जैसी योजनाओं के निर्माण एवं क्रियान्वयन में किया जाता है।
इसी कारण ग्राम निर्देशिका में दर्ज प्रत्येक जानकारी भविष्य की नीतियों और योजनाओं को प्रभावित करती है। यदि आंकड़े वास्तविक स्थिति के अनुरूप होंगे तो विकास योजनाएं भी अधिक प्रभावी सिद्ध होंगी।
जनगणना 2027 की तैयारियों में महत्वपूर्ण कदम
आयोजकों ने बताया कि यह प्रशिक्षण जनगणना 2027 की तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्य क्षमता को मजबूत किया जा रहा है ताकि ग्राम स्तर पर डेटा संग्रहण का कार्य बिना किसी त्रुटि के पूरा किया जा सके।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों से अपेक्षा की गई कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान का उपयोग करते हुए अपने-अपने क्षेत्र में निर्धारित प्रारूप के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध जानकारी का संकलन करेंगे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जनगणना 2027 के सफल, पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जो भविष्य में ग्रामीण विकास की योजनाओं को अधिक सशक्त और परिणामकारी बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
