नशे से दूरी है जरूरी 2.0: नागदा में एनसीसी कैडेट्स ने निकाली जन जागरूकता रैली, लोगों को किया नशामुक्ति के लिए प्रेरित
स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय नागदा में आयोजित हुआ जागरूकता अभियान
नागदा। नशे के बढ़ते दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करने और युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश देने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय, नागदा-रूपेटा में बुधवार को “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के अंतर्गत जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी. बी. रेड्डी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में एनसीसी (NCC) कैडेट्स ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स ने नगर में जागरूकता रैली निकालकर आम नागरिकों को नशे के खिलाफ संदेश दिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया।
नगर पालिका परिषद नागदा से शुरू हुई जागरूकता रैली
नशामुक्ति अभियान के तहत आयोजित जन जागरण रैली का शुभारंभ नगर पालिका परिषद नागदा से किया गया। बड़ी संख्या में एनसीसी कैडेट्स अनुशासित तरीके से रैली में शामिल हुए।
रैली नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। इस दौरान कैडेट्स ने हाथों में जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां लेकर और नारे लगाकर लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी।
रैली के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और समाज तीनों के लिए नुकसानदायक है। युवाओं को विशेष रूप से नशे की आदतों से दूर रहने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया गया।
स्लोगनों के माध्यम से दिया नशामुक्ति का संदेश
जन जागरूकता रैली के दौरान एनसीसी कैडेट्स ने विभिन्न प्रेरणादायक नारों के माध्यम से लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
कैडेट्स द्वारा लगाए गए स्लोगनों में नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान को उजागर किया गया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
रैली में शामिल कैडेट्स ने संदेश दिया कि:
- नशा स्वास्थ्य का सबसे बड़ा दुश्मन है।
- युवा शक्ति देश का भविष्य है, इसलिए युवाओं को नशामुक्त रहना चाहिए।
- नशे से दूरी बनाकर ही बेहतर और स्वस्थ जीवन संभव है।
- परिवार और समाज की खुशहाली के लिए नशामुक्त वातावरण जरूरी है।
युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया जागरूक

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के कारण होने वाली समस्याओं से अवगत कराना था। वर्तमान समय में नशे की आदत कई सामाजिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का कारण बन रही है।
नशे के कारण व्यक्ति आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक तनाव, शारीरिक बीमारियों और पारिवारिक परेशानियों का सामना करता है। ऐसे में समय रहते युवाओं को जागरूक करना बेहद आवश्यक है।
एनसीसी कैडेट्स ने अपनी रैली के माध्यम से संदेश दिया कि युवा अपनी ऊर्जा को सकारात्मक कार्यों में लगाएं और शिक्षा, खेल एवं सामाजिक गतिविधियों में आगे बढ़ें।
कार्यक्रम के अंत में ली गई नशामुक्ति की शपथ
जागरूकता रैली के समापन के बाद महाविद्यालय परिसर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान उपस्थित विद्यार्थियों, एनसीसी कैडेट्स और शिक्षकों ने नशे से दूर रहने की शपथ ली।
शपथ में सभी ने संकल्प लिया कि वे स्वयं किसी भी प्रकार के नशे का सेवन नहीं करेंगे और समाज में भी लोगों को नशामुक्त जीवन जीने के लिए प्रेरित करेंगे।
इस अवसर पर विद्यार्थियों ने यह भी संकल्प लिया कि वे अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को नशे के नुकसान के बारे में जानकारी देंगे तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में अपना योगदान देंगे।
प्राचार्य डॉ. पी. बी. रेड्डी के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन
यह पूरा कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. पी. बी. रेड्डी के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग यदि जागरूक होकर आगे आए तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।
उन्होंने एनसीसी कैडेट्स की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं और उन्हें समाजहित के कार्यों के लिए प्रेरित करते हैं।
एनसीसी कैडेट्स की भूमिका रही महत्वपूर्ण
कार्यक्रम में एनसीसी कैडेट्स ने अनुशासन और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।
एनसीसी का उद्देश्य केवल सैन्य प्रशिक्षण देना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है।
इस अभियान में कैडेट्स ने जिस तरह लोगों तक नशामुक्ति का संदेश पहुंचाया, उससे समाज में जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली।
समाज के हर वर्ग से सहयोग की अपील
कार्यक्रम के माध्यम से आम नागरिकों से भी अपील की गई कि वे नशे के खिलाफ अभियान में अपना सहयोग दें।
नशामुक्त समाज बनाने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि परिवार, शिक्षण संस्थान और समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है।
शिक्षकों ने कहा कि बच्चों और युवाओं को सही दिशा देने में परिवार और शिक्षा संस्थानों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। यदि शुरुआत से ही युवाओं को नशे के नुकसान के बारे में बताया जाए तो वे इससे बच सकते हैं।
नशामुक्त भारत अभियान को मिलेगा बल
“नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान देशभर में चलाए जा रहे नशामुक्ति प्रयासों का हिस्सा है। इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य लोगों में जागरूकता फैलाना और नशे के खिलाफ सामूहिक प्रयासों को मजबूत करना है।
शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को सामाजिक मुद्दों से जोड़ते हैं और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं।
कार्यक्रम में मौजूद रहे महाविद्यालय के अधिकारी और विद्यार्थी
इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी, एनसीसी अधिकारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
सभी ने अभियान की सराहना करते हुए कहा कि नशे के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंच सके।
कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और उपस्थित सभी लोगों ने नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प दोहराया।
दिनांक: 15 जुलाई 2026
रिपोर्ट: डॉ. के. सी. मिश्रा
स्वामी विवेकानंद शासकीय महाविद्यालय, नागदा
