“एक पेड़ गौमाता के नाम” अभियान बना जनआंदोलन, मनावर में गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
स्वराज वाणी के लिए मनावर से कौशिक पण्डित
हलहारिणी अमावस्या पर श्री सिंगाजी गौमाता मंदिर परिसर में हुआ पौधारोपण, 64 पौधे रोपकर दिया प्रकृति संरक्षण का संदेश
Manawar , जिला धार (मध्य प्रदेश)।
हलहारिणी अमावस्या के पावन अवसर पर ग्राम वायल स्थित श्री सिंगाजी गौमाता मंदिर परिसर में आयोजित “एक पेड़ गौमाता के नाम” अभियान जनसहभागिता और पर्यावरण संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बन गया। गौसेवा, प्रकृति संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के संकल्प के साथ आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के सदस्यों, ग्रामीणों, पर्यावरण प्रेमियों और गौभक्तों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर में कुल 64 पौधों का रोपण किया गया, जिसमें 21 त्रिवेणी पौधे और 43 फलदार पौधे शामिल रहे। पौधारोपण के साथ ही उपस्थित लोगों ने इन पौधों की देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी लिया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि पौधारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का निरंतर प्रयास है।
गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण को जोड़ने की अनूठी पहल
“एक पेड़ गौमाता के नाम” अभियान का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि गौसंरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ आगे बढ़ाना है। गौशाला परिसर में लगाए गए छायादार और फलदार पौधे भविष्य में गौमाता के लिए प्राकृतिक आश्रय का कार्य करेंगे।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि पेड़-पौधे जीवन का आधार हैं। जहां हरियाली होती है, वहां वातावरण शुद्ध रहता है और जीव-जंतुओं को भी संरक्षण मिलता है। गौशाला परिसर में लगाए गए पौधे न केवल गायों को छाया प्रदान करेंगे, बल्कि पक्षियों और अन्य जीवों के लिए भी भोजन एवं आश्रय का माध्यम बनेंगे।
आयोजकों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य समाज के हर वर्ग को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है, ताकि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसके संरक्षण की जिम्मेदारी निभाए।

पूजन-अर्चन के साथ हुआ अभियान का शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ पूज्य पंडित प्रवीण शर्मा ‘राधे भैया’ वराहेश्वर तीर्थ क्षेत्र बड़ा बड़दा द्वारा विधिवत पूजन-अर्चन एवं पौधारोपण कर किया गया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “एक पेड़ गौमाता के नाम” केवल पौधारोपण अभियान नहीं, बल्कि गौसेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानव जीवन के भविष्य को सुरक्षित रखने का संकल्प है।
उन्होंने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। बढ़ते प्रदूषण और घटते हरित क्षेत्र को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को पौधारोपण के साथ उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उठानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि गौशाला परिसर में लगाए गए पौधे आने वाले समय में न केवल सुंदर वातावरण तैयार करेंगे, बल्कि गौमाता को प्राकृतिक छाया भी प्रदान करेंगे। इसके साथ ही फलदार पौधे पक्षियों और अन्य जीवों के लिए भी उपयोगी साबित होंगे।
उन्होंने उपस्थित नागरिकों से अपील की कि वे हर वर्ष कम से कम एक पौधा लगाएं और उसे पेड़ बनने तक उसकी जिम्मेदारी निभाएं।
बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने लिया भाग
कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर पाटीदार समाज जिलाध्यक्ष रामनारायण मोदी, उपाध्यक्ष महेंद्र पाटीदार, तहसील अध्यक्ष देवाराम पाटीदार, चौकी प्रभारी प्रशांत पाल, जिला पंचायत सदस्य गणेश जर्मन, भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रकाश पांडे, विकासखंड शिक्षा अधिकारी प्रतिनिधि जगदीश मुकाती, कैलाश पटेल, विधायक प्रतिनिधि लोकेश पाटीदार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
इसके अलावा जन अभियान परिषद के भुवानसिंह गेहलोत, नवांकुर संस्था के प्रवीण बैरागी, प्रस्फुटन समिति के सदस्य, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं, शिक्षा विभाग अध्यक्ष राजेंद्र पाटीदार, सिताराम पाटीदार सिरसाला, डॉ. संतोष इश्के, पशुपालन विभाग से शांतीलाल पाटीदार अजंदा, वरिष्ठ पत्रकार कैलाश राठौड़, पन्नालाल गेहलोत, मेहबूब राही, दिलीप कुमरावत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और गौभक्त मौजूद रहे।

गौशाला को हराभरा बनाने का लिया संकल्प
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि लगाए गए सभी पौधों की नियमित देखभाल की जाएगी। पौधों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की जाएंगी, ताकि आने वाले वर्षों में यह परिसर हरियाली से भर सके।
लोगों ने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा और पालन-पोषण करना भी उतना ही जरूरी है। एक पौधा जब बड़ा होकर पेड़ बनता है, तो वह वर्षों तक समाज और प्रकृति को लाभ पहुंचाता है।
गौशाला जैसे स्थानों पर पौधारोपण का विशेष महत्व है, क्योंकि यहां रहने वाले पशुओं को छाया और बेहतर वातावरण मिलता है। साथ ही आसपास का पर्यावरण भी संतुलित रहता है।
समाज के हर वर्ग की रही सहभागिता
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता रही कि इसमें समाज के विभिन्न वर्गों ने एक साथ भाग लिया। राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ-साथ ग्रामीणों, युवाओं और पर्यावरण प्रेमियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
ग्राम पंचायत वायल के सरपंच, भागीराम भाभर, रोजगार सहायक श्रीराम धनगर, पंचगण, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि और श्री सिंगाजी गौमाता मंदिर गोसेवा समिति के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।
सभी ने एक स्वर में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है।

कार्यक्रम का सफल संचालन और आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त शिक्षक तुकाराम पाटीदार ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य और महत्व पर प्रकाश डालते हुए उपस्थित लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में उपसरपंच दिनेश पटेल ने सभी अतिथियों, ग्रामीणों, गौभक्तों और सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से यह अभियान सफल हुआ है और भविष्य में भी ऐसे सामाजिक एवं पर्यावरणीय कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।
अभियान को मिला व्यापक जनसमर्थन
“एक पेड़ गौमाता के नाम” अभियान ने यह संदेश दिया कि गौसेवा और पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। यदि समाज मिलकर प्रयास करे तो छोटे-छोटे कदम बड़े बदलाव ला सकते हैं।
हलहारिणी अमावस्या के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता का भाव भी पैदा किया।
ग्राम वायल के श्री सिंगाजी गौमाता मंदिर परिसर में लगाए गए 64 पौधे आने वाले समय में हरियाली, शुद्ध वातावरण और जीव-जंतुओं के संरक्षण का आधार बनेंगे। इस अभियान ने क्षेत्र में सामाजिक एकता और प्रकृति प्रेम का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया है।
स्वराज वाणी के लिए मनावर से
कौशिक पण्डित
कुशाग्र समाचार सेवा, मनावर जिला धार (मध्य प्रदेश) की रिपोर्ट
