लोकेशन कुक्षी
रिपोर्ट नरेंद्र सिरवी
कुक्षी नगर के मुख्य मार्ग सिनेमा चौपाटी पर हो रहा घटिया फूल का निर्माण ज्ञापन देने के बाद भी नहीं रुक रहा घटिया फूल निर्माण का कार्य
आखिर जिम्मेदार कौन प्रशासनिक अधिकारी जन प्रतिनिधि या आम जनता
कुक्षी। जनहित संघर्ष समिति कुक्षी द्वारा मुख्यमंत्री व केंद्रीय राज्य मंत्री क्षेत्रीय सांसद एवं नगरी प्रशासन मंत्री के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन भी सौंपा गया एवं धार कलेक्टर महोदय को भी ज्ञापन दिया गया ज्ञापन में स्पष्ट रूप से बताया गया कि नगर के बीच से निकल रहे नाला पर नगर परिषद द्वारा पक्का निर्माण किया जा रहा है। नगर के लोगो द्वारा लगातार नाला निर्माण को लेकर बताया जा रहा कि इस नाले में बहुत दूर से बारीश का पानी आता है। इसी नाले के उपर ग्राम तालनपुर में बडा तालाब बना हुआ है जिसका भी पानी बारीश में इसी नाले में आता है सन् 2004 में भी बारीश का पानी नगर की बस्तीयों में घुस गया था। जिसके कारण काफी लोगो के घर व सामान बर्बाद हुआ था। दुकानों में भी नाले का पानी घुसने का कारण लाखो रूपये का सामान खराब हो गया था। हम लोग नगर परिषद से बार-बार मांग कर रहे है कि अगर नाले का निर्माण अगर पक्का किया जाता है तो पहले उसको 5 फीट गहरा किया जाये।

साथ ही जितना नाला चौड़ा है पुरे नाले पर निर्माण किया जावे। जिससे की बारीश का पानी आसानी से निकल सके। लेकिन नगर परिषद द्वारा हठधर्मी करते हुये नाले की डीपीआर शासन को भेज कर जो राशि मंजूर की गई है। वह डीपीआर पूर्ण रूप से गलत है एवं शासन के उच्च अधिकारी एवं मंत्रीयो को गुमराह किया गया है। हमारा मंत्री महोदय से निवेदन है कि इस कार्य को तुरंत रोका जावे। एवं इसकी न्यायायीक जांच करके फिर से डीपीआर तैयार कि जावे। साथ ही नाले की लंबाई नगरीय क्षेत्र में करीबन 2 कि.मी के लगभग की है। एवं चौडाई 100 फीट से भी अधिक के लगभग है। लेकिन नगर परिषद द्वारा मात्र 10 फीट की चौडाई पर ही नाला निर्माण का कार्य किया जा रहा है।
मंत्री महोदय से निवेदन है कि नगर की जनता को डुबने से बचा लिया जाये, अन्यथा बारीश के पानी ने नगर की आधी बस्ती जलमग्न हो जावेगी। पूर्व में भी हम कई बार ज्ञापन के माध्यम से मौखिक भी अधिकारी एवं नगर परिषद के अध्यक्ष एवं पार्षदो को भी अवगत करा चुके है। अतः आप से पूनः निवेदन है कि इस ज्ञापन को संज्ञान में लेते हुये तुरंत निर्माण कार्य बंद करवाया जाए एवं नवीन डीपीआर बना कर उसकी राज्य शासन से मंजुरी ली जावे एवं उसी आधार पर निर्माण कार्य किया जाए।
