Khandwa: कुक्षी आंगनवाड़ी केंद्र से दस्तक अभियान का शुभारंभ, 30 अगस्त तक चलेगा विशेष स्वास्थ्य अभियान
संवाददाता : दिनेश देवड़ा
बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुंचाई जाएंगी स्वास्थ्य सेवाएं
Khandwa: जिले के किल्लौद क्षेत्र में मंगलवार को दस्तक अभियान का शुभारंभ किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किल्लौद के अंतर्गत आने वाले कुक्षी आंगनवाड़ी केंद्र से इस विशेष स्वास्थ्य अभियान की शुरुआत हुई। यह अभियान 14 जुलाई से शुरू होकर 30 अगस्त 2026 तक संचालित किया जाएगा।
दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर पांच वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएंगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य की नियमित जांच करना, बीमारियों की समय पर पहचान करना और जरूरतमंदों को उपचार उपलब्ध कराना है।
शुभारंभ कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी रहे मौजूद
अभियान के शुभारंभ अवसर पर स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग से जुड़े कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में बीसीएम लवेश कुमरावत, उमंग काउंसलर संजय कुमार सिरसाटे, एएनएम ज्योति केवते सहित आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
अधिकारियों ने अभियान के महत्व के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए समय पर जांच और उपचार बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी परिवारों से अपील की कि वे स्वास्थ्य टीमों का सहयोग करें और अपने बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं की जांच अवश्य करवाएं।
घर-घर जाकर होगी बच्चों की स्वास्थ्य जांच
दस्तक अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांवों और क्षेत्रों में जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगी। अभियान में पांच वर्ष तक के बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा बच्चों की वृद्धि और स्वास्थ्य की जांच की जाएगी। साथ ही ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी जिन्हें विशेष देखभाल या उपचार की आवश्यकता है।
छूटे हुए बच्चों का किया जाएगा टीकाकरण
अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में से एक बच्चों का संपूर्ण टीकाकरण सुनिश्चित करना है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें उन बच्चों की पहचान करेंगी जो किसी कारणवश टीकाकरण से वंचित रह गए हैं।
ऐसे बच्चों को आवश्यक टीके लगाए जाएंगे ताकि उन्हें गंभीर बीमारियों से बचाया जा सके। विभाग का मानना है कि समय पर टीकाकरण बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षित भविष्य के लिए बेहद जरूरी है।
कुपोषण और एनीमिया की होगी पहचान
दस्तक अभियान के तहत बच्चों में कुपोषण और एनीमिया की जांच भी की जाएगी। स्वास्थ्य टीमों द्वारा बच्चों के पोषण स्तर का आकलन किया जाएगा और कमजोर या कुपोषित बच्चों की पहचान कर उन्हें उचित सलाह एवं उपचार उपलब्ध कराया जाएगा।
गर्भवती महिलाओं में भी एनीमिया की जांच की जाएगी ताकि समय रहते स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समाधान किया जा सके।
जन्मजात बीमारियों की स्क्रीनिंग पर विशेष जोर
अभियान के दौरान बच्चों में जन्मजात विकारों की पहचान के लिए स्क्रीनिंग भी की जाएगी। यदि किसी बच्चे में कोई गंभीर समस्या पाई जाती है, तो उसे बेहतर इलाज के लिए स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि बच्चों में होने वाली गंभीर बीमारियों का शुरुआती स्तर पर पता लगाया जाए, जिससे समय पर उपचार शुरू किया जा सके।
परिवारों को पोषण और स्वच्छता के प्रति किया जाएगा जागरूक
दस्तक अभियान केवल जांच और उपचार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी दी जाएगी। स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों को पोषण, साफ-सफाई और बच्चों की देखभाल के बारे में जागरूक करेंगे।
परिवारों को बताया जाएगा कि बच्चों के बेहतर विकास के लिए संतुलित आहार, स्वच्छ वातावरण और समय पर टीकाकरण कितना महत्वपूर्ण है।
मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करना है अभियान का लक्ष्य
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दस्तक अभियान का मुख्य उद्देश्य मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। समय पर बीमारियों की पहचान और उपचार मिलने से गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को रोका जा सकता है।
इसके अलावा अभियान के माध्यम से बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और सभी पात्र बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करना भी प्रमुख लक्ष्य है।
आमजन से सहयोग की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र के लोगों से अपील की है कि वे दस्तक अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करें। विभाग ने कहा कि घर-घर पहुंचने वाली स्वास्थ्य टीमों को आवश्यक जानकारी दें और बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं की जांच में भागीदारी सुनिश्चित करें।
अधिकारियों का कहना है कि जनभागीदारी से ही इस अभियान को सफल बनाया जा सकता है और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जा सकता है।
30 अगस्त तक चलेगा अभियान
दस्तक अभियान 14 जुलाई से शुरू होकर 30 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें निर्धारित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाएंगी।
विभाग ने उम्मीद जताई है कि अभियान के माध्यम से बड़ी संख्या में बच्चों और महिलाओं को स्वास्थ्य लाभ मिलेगा तथा क्षेत्र में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की स्थिति में सुधार आएगा।
