एक सप्ताह में चालू होंगी फ्लाईओवर की स्ट्रीट लाइटें, सड़क सुरक्षा को लेकर कलेक्टर के सख्त निर्देश
संवाददाता: सौरभ विरथरे (कुमरयाई), दैनिक स्वराज वाणी न्यूज़, गुना
सड़क सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन की अहम बैठक
Guna जिले में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री किशोर कुमार कन्याल ने की। बैठक में पुलिस अधीक्षक श्रीमती हितिका वासल, अपर कलेक्टर श्री अखिलेश जैन, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिषेक दुबे सहित लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, नगर पालिका, परिवहन विभाग, यातायात पुलिस तथा अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाना तथा नागरिकों के लिए सुरक्षित सड़क वातावरण सुनिश्चित करना था। कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सड़क सुरक्षा केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
फ्लाईओवर की स्ट्रीट लाइटें एक सप्ताह में होंगी शुरू
बैठक के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-46 स्थित फ्लाईओवर पर लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। यातायात प्रभारी ने बताया कि रात के समय फ्लाईओवर पर पर्याप्त रोशनी नहीं होने के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार कम दृश्यता के कारण दुर्घटनाएं होने की आशंका बनी रहती है।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने संबंधित एजेंसी को निर्देश दिए कि फ्लाईओवर पर बंद पड़ी सभी स्ट्रीट लाइटों को अधिकतम एक सप्ताह के भीतर चालू किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्धारित समय-सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
राष्ट्रीय राजमार्ग से हटाया जाएगा अतिक्रमण
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग और शहर के प्रमुख मार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि चिन्हित स्थानों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तत्काल शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे किए गए अवैध निर्माण और अतिक्रमण न केवल यातायात को बाधित करते हैं बल्कि दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ाते हैं।
उन्होंने विशेष रूप से जय स्तंभ चौराहे से भुल्लापुरा तिराहे तक सड़क सुरक्षा कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पूरे मार्ग को अतिक्रमण मुक्त बनाया जाए। इसके साथ ही आवश्यक स्थानों पर यातायात संकेतक, बैरिकेडिंग और अन्य सुरक्षा उपकरण भी लगाए जाएं ताकि वाहन चालकों और पैदल यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
आरओबी पर सुरक्षा कार्य समय-सीमा में पूरे करने के निर्देश
बैठक में रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) पर चल रहे सुरक्षा कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि आरओबी पर शेष सभी सुरक्षा कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि अधूरे सुरक्षा कार्य दुर्घटनाओं का कारण बन सकते हैं, इसलिए गुणवत्ता और समय-सीमा दोनों का विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि पुलों और फ्लाईओवरों पर नियमित निरीक्षण किया जाए तथा जहां कहीं भी सुरक्षा संबंधी कमियां दिखाई दें, उन्हें तत्काल दूर किया जाए।
निराश्रित गोवंश को गौशालाओं में पहुंचाने के निर्देश
सड़क दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण सड़कों पर घूमने वाला निराश्रित गोवंश भी है। इस विषय पर चर्चा करते हुए कलेक्टर ने नगर पालिका, पंचायत और पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों पर घूम रहे सभी निराश्रित गोवंश को तत्काल निकटतम गौशालाओं में पहुंचाया जाए।
उन्होंने कहा कि केवल गोवंश को हटाना ही पर्याप्त नहीं है बल्कि गौशालाओं में उनके लिए चारा, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। इससे पशुओं की सुरक्षा के साथ-साथ सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी।
वर्षा ऋतु में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश
बैठक में आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए सड़क सुरक्षा के विशेष उपायों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने कहा कि बारिश के मौसम में सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं और दृश्यता भी कम हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि बारिश के मौसम में क्षतिग्रस्त सड़कों की समय पर मरम्मत कराई जाए, जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर उचित निकासी की व्यवस्था की जाए तथा संभावित दुर्घटना स्थलों पर चेतावनी संकेतक लगाए जाएं।
इसके अलावा ब्लैक स्पॉट की नियमित निगरानी करने और वहां आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने के निर्देश भी दिए गए।
यातायात नियमों के पालन पर रहेगा विशेष जोर
बैठक में शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी सहमति बनी। कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासनिक कार्रवाई से संभव नहीं है, बल्कि आम नागरिकों की सहभागिता भी उतनी ही आवश्यक है।
उन्होंने परिवहन विभाग और यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि स्कूलों, कॉलेजों, शैक्षणिक संस्थानों, व्यापारिक संगठनों तथा सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाए जाएं। लोगों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, मोबाइल फोन का उपयोग न करने और नशे की हालत में वाहन न चलाने के प्रति जागरूक किया जाए।
नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी और नियमित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यातायात पुलिस को निर्देश दिए कि बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, ओवरस्पीड, गलत दिशा में वाहन चलाने और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि नियमों का सख्ती से पालन कराने से ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कार्रवाई निष्पक्ष और पारदर्शी हो।
सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश
बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े प्रत्येक विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण है और सभी को अपनी जिम्मेदारियों का समय पर निर्वहन करना होगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़क सुरक्षा से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए तथा प्रगति रिपोर्ट समय-समय पर प्रस्तुत की जाए। जिन कार्यों में बाधाएं आ रही हैं, उनका तत्काल समाधान निकालकर योजनाओं को धरातल पर उतारा जाए।
सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के समापन पर कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाना नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित यात्रा का वातावरण उपलब्ध कराना है। फ्लाईओवर की स्ट्रीट लाइटों का शीघ्र संचालन, राष्ट्रीय राजमार्ग से अतिक्रमण हटाना, आरओबी पर सुरक्षा कार्य पूरे करना, निराश्रित गोवंश को गौशालाओं में पहुंचाना तथा यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध कार्रवाई करें, ताकि गुना जिले में दुर्घटनाओं की संख्या कम हो और आम नागरिक सुरक्षित एवं सुगम यातायात का लाभ उठा सकें।
