मध्य प्रदेश गौ सेवक मैत्री संघ ने प्रदेश अध्यक्ष राजेश धौलपुरे के नेतृत्व में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान 3.0 एवं FMD कार्य के बहिष्कार का ऐलान किया। मासिक मानदेय और अन्य मांगों को लेकर भोपाल में बड़ा सम्मेलन आयोजित होगा।
मध्य प्रदेश गौ सेवक मैत्री संघ ने सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का लिया बड़ा निर्णय
मध्य प्रदेश गौ सेवक मैत्री संघ ने प्रदेशभर के गौ सेवकों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। प्रदेश अध्यक्ष राजेश धौलपुरे के आह्वान पर रविवार शाम एक महत्वपूर्ण Google Meet आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश के सभी जिला अध्यक्ष, जिला कार्यकारिणी, ब्लॉक अध्यक्ष तथा ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में प्रदेशभर के पदाधिकारियों ने अपने-अपने विचार रखे और सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि जब तक गौ सेवकों की प्रमुख मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान 3.0 तथा एफएमडी (Foot and Mouth Disease) कार्यक्रम से जुड़े सभी कार्यों का पूर्ण रूप से बहिष्कार जारी रहेगा।
मासिक मानदेय की मांग पर एकजुट हुआ संगठन
बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि प्रदेशभर में गौ सेवक लगातार पशुपालन विभाग एवं सरकार की विभिन्न योजनाओं को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक नियमित मासिक मानदेय एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।
संगठन का कहना है कि जब तक सरकार गौ सेवकों के सम्मानजनक मासिक मानदेय, सेवा सुरक्षा तथा अन्य लंबित मांगों पर निर्णय नहीं लेती, तब तक किसी भी सरकारी अभियान में सहयोग नहीं किया जाएगा।
दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान 3.0 एवं FMD कार्यक्रम का पूर्ण बहिष्कार
बैठक में यह स्पष्ट निर्णय लिया गया कि पूरे मध्य प्रदेश में दुग्ध समृद्धि संपर्क अभियान 3.0 और FMD कार्यक्रम का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा।प्रदेश अध्यक्ष राजेश धौलपुरे ने कहा कि संगठन शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाएगा और जब तक उचित निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
भोपाल में होगा प्रदेश स्तरीय विशाल सम्मेलन
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी दिनों में प्रदेश के सभी जिला अध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष, प्रदेश कार्यकारिणी एवं हजारों गौ सेवकों की उपस्थिति में भोपाल में एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।इस सम्मेलन में आंदोलन की आगामी रणनीति तय की जाएगी तथा सरकार पर दबाव बनाने के लिए बड़े स्तर पर निर्णय लिए जाएंगे।
विधानसभा और हाईकोर्ट तक पहुंचेगा मामला
बैठक में यह भी गंभीर विचार-विमर्श किया गया कि यदि सरकार समय रहते गौ सेवकों की मांगों पर विचार नहीं करती है तो संगठन आगामी विधानसभा सत्र में जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्रश्न लगवाएगा।इसके अतिरिक्त संगठन द्वारा मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई ताकि गौ सेवकों के अधिकारों की कानूनी लड़ाई भी लड़ी जा सके।
प्रदेशभर के पदाधिकारी रहे उपस्थित
Google Meet में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं ब्लॉकों के अध्यक्ष, जिला कार्यकारिणी सदस्य, ब्लॉक कार्यकारिणी सदस्य तथा प्रदेश कार्यकारिणी के अनेक पदाधिकारी शामिल हुए।सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में संगठन के निर्णय का समर्थन किया और कहा कि जब तक सरकार उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करती, आंदोलन पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।
संगठन ने सरकार से की प्रमुख मांगें
बैठक के दौरान निम्न प्रमुख मांगों को दोहराया गया—
- नियमित मासिक मानदेय लागू किया जाए।
- गौ सेवकों को सेवा सुरक्षा प्रदान की जाए।
- अन्य लंबित मांगों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
- गौ सेवकों के हितों की रक्षा के लिए स्थायी नीति बनाई जाए।
- सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराई जाएं।
संगठन का संदेश
प्रदेश अध्यक्ष राजेश धौलपुरे ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी योजना का विरोध करना नहीं बल्कि गौ सेवकों के अधिकारों की रक्षा करना है। यदि सरकार सकारात्मक निर्णय लेती है तो संगठन आगे की रणनीति पर पुनर्विचार करेगा।
जानकारी दी
इस संबंध में विस्तृत जानकारी मध्य प्रदेश गौ सेवक मैत्री संघ के धार जिला अध्यक्ष सीताराम सोलंकी द्वारा दी गई।

