जालोर में जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने साप्ताहिक समीक्षा बैठक में संपर्क पोर्टल परिवेदनाओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई, ग्रामीण सेवा शिविर और हरियालो राजस्थान अभियान की भी समीक्षा की गई।
संपर्क पोर्टल परिवेदनाओं का त्वरित निस्तारण: जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने अधिकारियों को दिए 7 अहम निर्देश
रिपोर्ट: मुकेश सोलंकी | जालोर | दैनिक स्वराज वाणी
जालोर। संपर्क पोर्टल परिवेदनाओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आमजन द्वारा संपर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों एवं परिवेदनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए।
जिला कलक्टर ने विभागवार समीक्षा करते हुए कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने विभाग में लंबित परिवेदनाओं का शीघ्र निस्तारण करें तथा औसत समाधान समय में उल्लेखनीय कमी लाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
संपर्क पोर्टल परिवेदनाओं का त्वरित निस्तारण सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक के दौरान जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने संपर्क पोर्टल परिवेदनाओं का त्वरित निस्तारण करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग अपने स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग करे तथा शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान उपलब्ध कराए ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिक कार्रवाई न करें बल्कि स्थायी समाधान सुनिश्चित करें जिससे नागरिकों का प्रशासन पर विश्वास और अधिक मजबूत हो।
जनसुनवाई एवं समाधान व्यवस्था शिविरों की समीक्षा
राज्य सरकार के निर्देशानुसार ग्राम एवं ब्लॉक स्तर पर आयोजित जनसुनवाई एवं समाधान व्यवस्था शिविरों की भी समीक्षा की गई।
जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि शिविरों में आने वाले प्रत्येक नागरिक की शिकायत को गंभीरता से सुना जाए तथा मौके पर ही अधिकतम समस्याओं का समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल आवेदन प्राप्त करना नहीं बल्कि प्रभावी समाधान उपलब्ध कराना है।
ग्रामीण सेवा शिविरों की प्रगति पर भी चर्चा
बैठक में जिले में संचालित ग्रामीण सेवा शिविरों की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
डॉ. प्रदीप के. गावंडे ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
हरियालो राजस्थान अभियान में लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश
बैठक में हरियालो राजस्थान एवं एक पेड़ माँ के नाम अभियान की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप व्यापक वृक्षारोपण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधारोपण अभियान को जनभागीदारी के साथ सफल बनाया जाए तथा लगाए गए पौधों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेंद्र सिंह चांदावत, डीएफओ जयदेव सिंह चारण, जिला परिषद की अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी चिदम्बरा परमार, सीएमएचओ डॉ. भेराराम जाणी, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के महाप्रबंधक संग्रामराम देवासी, जिला रसद अधिकारी नमिता नारवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशासन ने दिए ये प्रमुख निर्देश
- संपर्क पोर्टल की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण।
- औसत समाधान समय में कमी लाना।
- गुणवत्तापूर्ण शिकायत समाधान सुनिश्चित करना।
- जनसुनवाई शिविरों को प्रभावी बनाना।
- ग्रामीण सेवा शिविरों से अधिक लाभार्थियों को जोड़ना।
- हरियालो राजस्थान अभियान में लक्ष्य पूर्ण करना।
- व्यापक वृक्षारोपण एवं पौधों का संरक्षण सुनिश्चित करना।
निष्कर्ष
जिला प्रशासन द्वारा आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि संपर्क पोर्टल परिवेदनाओं का त्वरित निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही जनसुनवाई, ग्रामीण सेवा शिविर तथा हरियालो राजस्थान अभियान को भी प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य आमजन को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है।

