मनावर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ऑनलाइन फ्रॉड करने वाला साइबर ठग गिरफ्तार, 2.87 लाख रुपये की ठगी के मामले का खुलासा
फेसबुक लिंक के जरिए बनाया था शिकार, साइबर टीम ने इंदौर से आरोपी को पकड़ा
धार/मनावर।
ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत मनावर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को अपना शिकार बनाने वाले एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने फेसबुक के जरिए संपर्क कर एक व्यक्ति से लाखों रुपये की ऑनलाइन ठगी की थी।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक फर्जी पहचान के माध्यम से फरियादी से संपर्क किया और उसे एक लिंक भेजकर लालच दिया। इसके बाद अलग-अलग माध्यमों से कुल 2 लाख 87 हजार रुपये की ठगी की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू की और लगातार प्रयासों के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
साइबर फ्रॉड के खिलाफ पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चल रहा अभियान
मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने और अपराधियों पर कार्रवाई करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
इसी क्रम में हाल ही में प्रदेश स्तर पर “SAFE CLICK-2.0” अभियान चलाया गया था। यह अभियान 24 जून 2026 से 8 जुलाई 2026 तक संचालित किया गया, जिसका उद्देश्य नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, डिजिटल धोखाधड़ी और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना था।
इस अभियान के दौरान पुलिस विभाग द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और लंबित मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी को प्राथमिकता दी गई।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित की गई विशेष टीम
धार जिले में साइबर फ्रॉड के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक श्री सचिन शर्मा ने अज्ञात साइबर ठगों की पहचान कर उनकी शीघ्र गिरफ्तारी तथा ठगी की राशि बरामद करने के निर्देश दिए थे।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विजय डावर, एसडीओपी श्री बृजेश कुमार मालवीय और थाना प्रभारी मनावर श्री राजेश यादव के मार्गदर्शन में विशेष टीम का गठन किया गया।
गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, साइबर जांच और प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की।
हरियाणा और महाराष्ट्र तक पहुंची पुलिस जांच
साइबर ठगी के इस मामले में पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए कई राज्यों में जांच की। पुलिस टीम द्वारा गुरुग्राम (हरियाणा), पालघर (महाराष्ट्र) और मुंबई (महाराष्ट्र) सहित अन्य स्थानों पर पतारसी की गई।
लगातार प्रयासों और तकनीकी जांच के बाद पुलिस को आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली।
पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
फेसबुक फ्रेंड रिक्वेस्ट से शुरू हुई थी ठगी की कहानी
मामले के अनुसार, थाना मनावर क्षेत्र के निवासी अनिल पिता मोहनलाल अग्रवाल ने 24 दिसंबर 2025 को पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
फरियादी ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल पर फेसबुक आईडी के माध्यम से काव्या परिहार नाम की एक युवती की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी।
इसके बाद कथित रूप से बातचीत के दौरान एक लिंक भेजा गया और एक खाते से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के लिए कहा गया। शिकायत के अनुसार, लालच और विश्वास में लेकर फरियादी से अलग-अलग समय पर कुल 2 लाख 87 हजार रुपये की राशि ठग ली गई।
फरियादी की शिकायत के आधार पर थाना मनावर में अपराध क्रमांक 833/25 दर्ज किया गया।
इन धाराओं में दर्ज किया गया था मामला
पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 319(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस ने साइबर तकनीक, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य माध्यमों से आरोपियों की जानकारी जुटाई।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधों में आरोपी अक्सर फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, आकर्षक ऑफर और झूठे प्रलोभनों का सहारा लेकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं।
इंदौर निवासी आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार आरोपी की पहचान:
जैद पिता जमील खान, उम्र 22 वर्ष, निवासी 148 श्रीनगर कांकड़, थाना एमआईजी, जिला इंदौर
के रूप में बताई है।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने इससे पहले कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इस नेटवर्क में कितने अन्य लोग शामिल हैं।
अन्य आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस के अनुसार, इस मामले में कुछ अन्य आरोपी अभी फरार हैं।
फरार आरोपियों में अनिश शेख और उसके साथी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
साइबर अपराधियों के नए तरीकों से सावधान रहने की जरूरत
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर आने वाले अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले सावधानी बरतें।
किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक करने, बैंक संबंधी जानकारी साझा करने या लालच देने वाले ऑफर पर भरोसा करने से बचना चाहिए।
साइबर अपराधी अक्सर फर्जी पहचान बनाकर लोगों से संपर्क करते हैं और धीरे-धीरे विश्वास हासिल कर आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।
पुलिस ने कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।
पुलिस टीम के इन सदस्यों की रही महत्वपूर्ण भूमिका
इस पूरे मामले के खुलासे में मनावर पुलिस और साइबर टीम धार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्रवाई में प्रमुख रूप से:
- निरीक्षक राजेश यादव
- उप निरीक्षक मनीष चौधरी
- आरक्षक 899 जितेंद्र कुशवाह
- साइबर टीम धार से उप निरीक्षक प्रशांत गुंजाल
- प्रधान आरक्षक 71
- आरक्षक शुभम
- आरक्षक प्रशांत चौहान
- एवं साइबर टीम के अन्य सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
साइबर अपराधों पर लगातार जारी रहेगी कार्रवाई
मनावर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि साइबर अपराधों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य न केवल अपराधियों को पकड़ना है, बल्कि आम नागरिकों को साइबर ठगी से बचाने के लिए जागरूक करना भी है।
पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन लेन-देन करते समय सावधानी रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
मनावर पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराधियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है और पुलिस को उम्मीद है कि आगे की जांच में इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का भी खुलासा हो सकता है।
