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बीज से हरियाली तक का संकल्प: सेवा सृजन समृद्धि फाउंडेशन ने तैयार किए 30 हजार से अधिक सीड बॉल, मनावर क्षेत्र में चलेगा व्यापक वृक्षारोपण अभियान

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Published On: 13 July 2026
Environmental Initiative in Dhar: 30,000+ Seed Balls Prepared to Boost Biodiversity and Green Cover
— Environmental Initiative in Dhar: 30,000+ Seed Balls Prepared to Boost Biodiversity and Green Cover

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बीज से हरियाली तक का संकल्प: सेवा सृजन समृद्धि फाउंडेशन ने तैयार किए 30 हजार से अधिक सीड बॉल, मनावर क्षेत्र में चलेगा व्यापक वृक्षारोपण अभियान

‘बीजा रोपण से वृक्षारोपण’ अभियान से पर्यावरण संरक्षण को मिल रही नई दिशा

सावन जाट, मनावर।
पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से सतत विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सेवा सृजन समृद्धि फाउंडेशन द्वारा धार जिले के मनावर विकासखंड के पिछड़े एवं आदिवासी क्षेत्रों में एक अनूठा अभियान संचालित किया जा रहा है। संस्था द्वारा चलाए जा रहे “बीजा रोपण से वृक्षारोपण” अभियान के अंतर्गत इस वर्ष बड़े स्तर पर सीड बॉल (Seed Balls) तैयार किए जा रहे हैं।

इस अभियान का उद्देश्य केवल पौधरोपण करना नहीं है, बल्कि समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जैव विविधता का संरक्षण करना और स्थानीय समुदाय को प्रकृति संरक्षण से जोड़ना है। अभियान अब एक सामाजिक आंदोलन का रूप लेता जा रहा है, जिसमें ग्रामीणों, विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं और विभिन्न संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।

सेवा सृजन समृद्धि फाउंडेशन का मानना है कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक नागरिक को इसमें अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। इसी सोच के साथ संस्था ने “एक बीज – एक भविष्य” की अवधारणा को लेकर यह महत्वपूर्ण पहल शुरू की है।

30 हजार से अधिक सीड बॉल तैयार करने का लक्ष्य

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सेवा सृजन समृद्धि फाउंडेशन द्वारा इस वर्ष वर्षाकाल के लिए 30 हजार से अधिक सीड बॉल तैयार किए जा रहे हैं। इन सीड बॉल में स्थानीय पर्यावरण और जैव विविधता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न प्रकार के बीजों का उपयोग किया गया है।

संस्था के अनुसार, इन सीड बॉल में लगभग 40 से 45 प्रकार के स्थानीय, फलदार, छायादार, औषधीय और पर्यावरणीय महत्व वाले वृक्षों एवं वनस्पतियों के बीज शामिल किए गए हैं।

इनमें ऐसे पौधों की प्रजातियों को प्राथमिकता दी गई है, जो स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुकूल हों तथा प्राकृतिक रूप से विकसित होकर क्षेत्र की हरियाली बढ़ाने में सहायक साबित हों।

सीड बॉल तकनीक का उद्देश्य यह है कि बीजों को सुरक्षित तरीके से ऐसे स्थानों पर पहुंचाया जाए, जहां वे प्राकृतिक रूप से अंकुरित होकर नए पौधों का रूप ले सकें। यह तरीका कम लागत में अधिक क्षेत्र में हरियाली विकसित करने का प्रभावी माध्यम माना जाता है।

सीड बैंक गतिविधि बनी अभियान की सबसे बड़ी विशेषता

इस अभियान की सबसे महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक पहल संस्था द्वारा संचालित “सीड बैंक” गतिविधि है। इसके अंतर्गत संस्था द्वारा चयनित परिवारों, विद्यालयों, विद्यार्थियों और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं को विशेष बीज संग्रह डिब्बे उपलब्ध कराए जाते हैं।

इन डिब्बों में लोग अपने घरों में उपयोग होने वाले फल, सब्जियों और अन्य खाद्य सामग्री से निकलने वाले बीजों को सुरक्षित एकत्रित करते हैं। सामान्य तौर पर जो बीज कचरे में चले जाते हैं, उन्हें अब प्रकृति संरक्षण के लिए उपयोग किया जा रहा है।

संस्था के कार्यकर्ता प्रत्येक 5 से 6 महीने के अंतराल में इन बीजों का संग्रहण करते हैं। इसके बाद विशेषज्ञों की सहायता से बीजों की गुणवत्ता की जांच की जाती है और उपयुक्त बीजों से वर्षा ऋतु में सीड बॉल तैयार किए जाते हैं।

यह गतिविधि लोगों को पर्यावरण से जोड़ने के साथ-साथ उनमें जिम्मेदारी की भावना भी विकसित कर रही है।

स्थानीय समुदाय की भागीदारी से सफल हो रहा अभियान

“बीजा रोपण से वृक्षारोपण” अभियान की सबसे बड़ी ताकत इसमें शामिल स्थानीय समुदाय है। संस्था ने शुरुआत से ही ग्रामीणों, युवाओं, विद्यार्थियों और महिलाओं को इस अभियान से जोड़ने का प्रयास किया है।

आने वाले समय में जुलाई माह के अंतिम सप्ताह में स्थानीय विद्यालयों के विद्यार्थियों, शिक्षकों, युवाओं और ग्रामीणों की सहभागिता से तैयार किए गए सीड बॉल को प्राकृतिक पहाड़ियों, वन क्षेत्रों और अनुपयोगी भूमि पर वितरित किया जाएगा।

इसका उद्देश्य यह है कि बारिश के मौसम में इन बीजों को पर्याप्त नमी मिले और वे प्राकृतिक रूप से अंकुरित होकर भविष्य में वृक्षों का रूप ले सकें।

अगस्त माह में होगा पौधरोपण से वृक्षारोपण अभियान

अभियान के दूसरे चरण में अगस्त माह के दौरान पौधरोपण से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

इस चरण में चयनित स्थानों पर पौधरोपण किया जाएगा और लगाए गए पौधों के संरक्षण एवं संवर्धन की जिम्मेदारी स्थानीय समुदाय, विद्यालयों, स्वयं सहायता समूहों और युवाओं को सौंपी जाएगी।

संस्था का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखकर बड़े वृक्ष के रूप में विकसित करना है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर जिम्मेदारी तय करने की योजना बनाई गई है।

पर्यावरण संरक्षण के साथ महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा

इस अभियान की एक विशेष उपलब्धि यह भी है कि इसमें ग्रामीण स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है।

महिलाएं सीड बॉल निर्माण कार्य में संस्था के साथ मिलकर सहयोग कर रही हैं। इससे उन्हें रोजगार और आजीविका के अवसर प्राप्त हो रहे हैं, साथ ही वे पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक कार्य में अपनी भूमिका निभा रही हैं।

यह पहल महिला सशक्तिकरण और हरित विकास के समन्वित मॉडल के रूप में सामने आ रही है। संस्था का मानना है कि जब महिलाएं पर्यावरण संरक्षण जैसे अभियानों से जुड़ती हैं तो इसका प्रभाव समाज के व्यापक स्तर तक पहुंचता है।

संस्था के सामाजिक विकास कार्यों की लंबी श्रृंखला

सेवा सृजन समृद्धि फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रही है। संस्था द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, पेड़-पानी संरक्षण, प्लास्टिक मुक्त अभियान, महिला सशक्तिकरण, जैविक खेती और युवाओं के कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

संस्था संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (Sustainable Development Goals) के अनुरूप स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है।

संस्था का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास के अवसर पहुंचाना और स्थानीय समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने के साथ पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाना है।

जन अभियान परिषद और सहयोगी संस्थाओं का मिला सहयोग

इस महत्वपूर्ण अभियान में मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है। विकासखंड समन्वयक भुवान सिंह गेहलोत सहित विभिन्न सहयोगी संस्थाओं और कार्यकर्ताओं ने अभियान को सफल बनाने में योगदान दिया है।

इसके अलावा नवांकुर से जुड़े कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों का भी सहयोग मिल रहा है।

अभियान में सहयोग करने वाले प्रमुख कार्यकर्ताओं में सुदर्शन तोमर, सचिन मालवीया, शिवानी चौहान, प्रिया जोशी, अरुण राठौर, सीताराम चौहान, मनीषा डावर, बृजरान मंडलोई, भुवान सिंह गेहलोत और सावन जाट सहित अन्य सहयोगी शामिल हैं।

प्रत्येक बीज को बचाने की अपील

सेवा सृजन समृद्धि फाउंडेशन का मानना है कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने घर से निकलने वाले बीजों को सुरक्षित रखकर प्रकृति को वापस समर्पित करे, तो आने वाले वर्षों में लाखों नए वृक्ष तैयार किए जा सकते हैं।

संस्था ने नागरिकों, विद्यालयों, स्वयंसेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों और सरकारी विभागों से अपील की है कि वे इस अभियान से जुड़कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाएं।

‘एक बीज – एक भविष्य’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम

“बीजा रोपण से वृक्षारोपण” अभियान केवल पेड़ लगाने की पहल नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और समाज के बीच संबंध को मजबूत करने का प्रयास है।

यह अभियान स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग, सामुदायिक सहभागिता और पर्यावरणीय जिम्मेदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बन रहा है।

सेवा सृजन समृद्धि फाउंडेशन की यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ, स्वस्थ और संतुलित पर्यावरण तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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