ऐतिहासिक मंगल प्रवेश 2026 के तहत इंदौर में आचार्य श्री 108 सुनीलसागरजी महाराज का 38 मुनिराजों एवं आर्यिका संघ के साथ भव्य मंगल प्रवेश हुआ। राजवाड़ा से उदासीन आश्रम तक विशाल शोभायात्रा निकली और राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ।
ऐतिहासिक मंगल प्रवेश 2026: आचार्य श्री 108 सुनीलसागरजी महाराज के भव्य स्वागत में उमड़ा आस्था का महासैलाब
रिपोर्ट: राजेश जैन दद्दू | इंदौर
ऐतिहासिक मंगल प्रवेश 2026 से धर्ममय हुआ इंदौर
ऐतिहासिक मंगल प्रवेश 2026 के अवसर पर मां अहिल्याबाई होलकर की धर्मनगरी इंदौर रविवार को पूरी तरह धर्ममय वातावरण में रंग गई। चतुर्थ पट्टाचार्य एवं प्राकृताचार्य आचार्य श्री 108 सुनीलसागरजी महाराज का संघस्थ 38 मुनिराजों एवं आर्यिका संघ के साथ भव्य एवं ऐतिहासिक मंगल प्रवेश हुआ। रियासतकालीन राजवाड़ा परिसर में हजारों श्रद्धालुओं ने बैंड-बाजों, मंगल ध्वनि और जयघोष के बीच आचार्य श्री की अगवानी की।
इसके बाद राजवाड़ा से उदासीन आश्रम तक निकली विशाल शोभायात्रा में समाज के हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। पूरा मार्ग धार्मिक जयघोष, पुष्पवर्षा और श्रद्धा के वातावरण से गूंज उठा।
समाज के प्रमुख पदाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
रिपोर्टर राजेश जैन दद्दू ने बताया कि चातुर्मास समिति के मुख्य संयोजक इंद्रकुमार वीणा सेठी, कैलाश लुहाड़िया, डॉ. जैनेन्द्र जैन, डॉ. गिरिश पाटोदी, प्रदीप बड़जात्या एवं महिला परिषद संभाग अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन सहित समाज के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।
राजवाड़ा पहुंचने पर आचार्य श्री ने मां अहिल्याबाई होलकर का स्मरण करते हुए श्रद्धालुओं को धर्म, संयम और आत्मकल्याण का संदेश दिया।
रीगल चौराहे पर दो महामुनिराजों का हुआ मंगल मिलन
प्रचार मंत्री रेखा संजय जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि कीर्ति स्तंभ, रीगल चौराहे पर अंतर्मुखी मुनि श्री पूज्यसागरजी महाराज के सान्निध्य में ट्रस्ट अध्यक्ष अमित कासलीवाल, ट्रस्टियों एवं समाजजनों ने आचार्य श्री का स्वागत किया।
यहीं पर आचार्य श्री सुनीलसागरजी महाराज एवं मुनि श्री पूज्यसागरजी महाराज का पुनः मंगल मिलन हुआ, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
64 रजत थालियों से हुआ संघ का पाद प्रक्षालन
भव्य शोभायात्रा के उदासीन आश्रम पहुंचने पर 64 रजत थालियों से संघ का पारंपरिक पाद प्रक्षालन किया गया।इसके पश्चात आचार्य श्री ने जिनालय में भगवान के दर्शन कर ध्वजारोहण किया और विशाल धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा—“साधु चमत्कार करते नहीं, उनके जीवन में चमत्कार अपने आप होते हैं।”
यह संदेश उपस्थित श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक प्रेरणा का केंद्र बना।
राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ
उदासीन आश्रम ट्रस्ट द्वारा संचालित कुन्दकुन्द ज्ञानपीठ में 12 से 14 जुलाई तक आयोजित त्रिदिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं चित्र अनावरण के साथ किया गया।
“कालजयी विरासत, समकालीन विमर्श और स्वर्णिम भविष्य की रूपरेखा” विषय पर आयोजित इस संगोष्ठी में देशभर के विद्वान, शोधकर्ता एवं चिंतक भाग ले रहे हैं।
प्रवचन से पूर्व ट्रस्ट अध्यक्ष अमित कासलीवाल ने संस्था का परिचय दिया। अपने संबोधन में आचार्य श्री ने कासलीवाल परिवार की कई पीढ़ियों के धर्म सेवा में योगदान का विशेष उल्लेख किया।
जनप्रतिनिधियों ने लिया आशीर्वाद
राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस अवसर पर
- इंदौर सांसद शंकर लालवानी
- नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय
- मंत्री तुलसी सिलावट
- सोशल ग्रुप फेडरेशन की संरक्षिका पुष्पा कासलीवाल
- सामाजिक संसद अध्यक्ष आनंद गोधा
- कार्यकारी अध्यक्ष नवीन गोधा
- हर्ष जैन
ने आचार्य श्री के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
राजवाड़ा से उदासीन आश्रम तक ऐतिहासिक मंगल प्रवेश
- 38 मुनिराज एवं आर्यिका संघ की सहभागिता
- हजारों श्रद्धालुओं ने की भव्य अगवानी
- 64 रजत थालियों से संघ का पाद प्रक्षालन
- 12 से 14 जुलाई तक राष्ट्रीय संगोष्ठी
- देशभर के विद्वान, शोधकर्ता एवं चिंतक शामिल

