आचार्य श्री सुनील सागर जी राष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतर्गत Indore में 12 से 14 जुलाई तक कालजयी विरासत और स्वर्णिम भविष्य विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी। देशभर के विद्वान, शिक्षाविद एवं अतिथि इसमें शामिल होंगे।
आचार्य श्री सुनील सागर जी राष्ट्रीय संगोष्ठी: कालजयी विरासत पर त्रि-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी होगी
रिपोर्टर : राजेश जैन दद्दू
Indore । आचार्य श्री सुनील सागर जी राष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतर्गत कुंद कुंद ज्ञानपीठ एवं दिगंबर जैन उदासीन आश्रम ट्रस्ट के तत्वावधान तथा आचार्य श्री सुनील सागर जी के सानिध्य में “कालजयी विरासत और स्वर्णिम भविष्य” विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी।
तीन दिवसीय गोष्ठी में देश के मनीषी विद्वान एवं शिक्षाविद डॉ. जयकुमार उपाध्ये, प्रो. नलिन के., प्रो. राकेश सिंह, प्रो. निलेश जैन, प्रो. नेमिनाथ जैन तथा तारा डागा सहित अनेक विद्वान अपने विचार व्यक्त करेंगे।
आयोजन के मीडिया प्रभारी राजेश जैन दद्दू ने बताया कि गोष्ठी का शुभारंभ रविवार 12 जुलाई को प्रातः 9:00 बजे उदासीन आश्रम परिसर में होगा। कार्यक्रम का उद्घाटन मध्य प्रदेश शासन के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय एवं महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय, उज्जैन के कुलपति डॉ. शिवकुमार मिश्र करेंगे। इस अवसर पर आचार्य श्री सुनील सागर जी के मंगल प्रवचन भी होंगे।
आयोजन समिति के प्रमुख अमित कासलीवाल एवं डॉ. अरविंद जैन ने बताया कि गोष्ठी में प्रतिदिन प्रातः 8:30 बजे से 10:30 बजे तक दो सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विभिन्न विषयों पर विद्वानों द्वारा शोधपरक व्याख्यान प्रस्तुत किए जाएंगे।
गोष्ठी का समापन मंगलवार 14 जुलाई को प्रातः 8:30 बजे सांसद शंकर ललवानी के मुख्य आतिथ्य में होगा। समापन अवसर पर रेनेसा विश्वविद्यालय के कुलपति स्वप्निल कोठारी मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त करेंगे।
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्देश्य भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत तथा भविष्य की दिशा पर गंभीर विमर्श करना है, जिससे समाज, शिक्षा एवं संस्कृति के क्षेत्र में नई सोच को प्रोत्साहन मिल सके।
