Bandhavgarh Tiger Reserve में मिला संदिग्ध बाघ का कंकाल, मौत के कारणों की जांच तेज
रिपोर्ट – संभागीय ब्यूरो प्रमुख सुनील रैदास
उमरिया। Bandhavgarh Tiger Reserve के ताला परिक्षेत्र अंतर्गत मझखेता बीट के घने जंगल में मानसून गश्त के दौरान एक मांसाहारी वन्यजीव का कंकाल मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में वन अधिकारियों ने आशंका जताई है कि यह कंकाल बाघ का हो सकता है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जैविक (बायोलॉजिकल) जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
सूचना मिलते ही फील्ड डायरेक्टर, उप संचालक एवं वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे क्षेत्र में डॉग स्क्वाड (खोजी कुत्तों) की मदद से सर्च अभियान चलाया गया तथा मेटल डिटेक्टर से भी जांच की गई, ताकि घटनास्थल से कोई महत्वपूर्ण साक्ष्य छूट न जाए।

राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार अधिकारियों की मौजूदगी में कंकाल का बारीकी से परीक्षण किया गया। वैज्ञानिक जांच के लिए आवश्यक जैविक नमूने (Biological Samples) एकत्र किए गए। सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद मौके पर ही कंकाल का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
वन विभाग की विशेष टीम अब पूरे मामले की जांच कर रही है। लैब रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कंकाल वास्तव में बाघ का है या नहीं, उसकी उम्र कितनी थी तथा उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई। फिलहाल वन विभाग सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रहा है।
