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भव्य 15 जुलाई 2026: राष्ट्र संत आचार्य पद्मसागरजी का अहमदाबाद चातुर्मास, जानिए पूरा कार्यक्रम

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Published On: 10 July 2026
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राष्ट्र संत आचार्य पद्मसागरजी का अहमदाबाद चातुर्मास 15 जुलाई 2026 से भव्य मंगल प्रवेश के साथ शुरू होगा। जानिए चातुर्मास स्थल, प्रवेश समय, धार्मिक कार्यक्रम, आचार्य श्री प्रशांतसागर सूरीश्वरजी की उपस्थिति और चार माह के विशेष आयोजनों की पूरी जानकारी।

राष्ट्र संत आचार्य पद्मसागरजी का अहमदाबाद चातुर्मास: 15 जुलाई को होगा भव्य मंगल प्रवेश

अहमदाबाद। राष्ट्र संत आचार्य पद्मसागरजी का अहमदाबाद चातुर्मास इस वर्ष जैन समाज के लिए अत्यंत ऐतिहासिक और प्रेरणादायी अवसर बनने जा रहा है। 15 जुलाई 2026 को प्रातः 6:45 बजे राष्ट्र संत, युगद्रष्टा एवं प्राचीन श्रुत-तीर्थोद्धारक आचार्यदेव श्री पद्मसागर सूरीश्वरजी महाराज आदि ठाणा का भव्य मंगल प्रवेश शेला स्थित श्री मुनिसुव्रतस्वामी स्काय सिटी जैन संघ में होगा। इस आध्यात्मिक आयोजन में देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।

राष्ट्र संत आचार्य पद्मसागरजी का अहमदाबाद चातुर्मास

राष्ट्र संत आचार्य पद्मसागरजी का अहमदाबाद चातुर्मास इस वर्ष शेला स्थित श्री मुनिसुव्रतस्वामी स्काय सिटी जैन संघ एवं श्री संघोपासक मातुश्री सरयूबेन हसमुखभाई वोरा परिवार के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

यह चातुर्मास केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आत्मकल्याण, धर्म प्रचार, संयम, तप एवं आध्यात्मिक जागरण का महापर्व माना जाता है।

15 जुलाई को होगा भव्य मंगल प्रवेश

15 जुलाई 2026 को प्रातः 6:45 बजे राष्ट्र संत आचार्य पद्मसागरजी का मंगल प्रवेश अत्यंत भव्य स्वरूप में होगा।इस अवसर पर

  • पूज्य आचार्य श्री प्रशांतसागर सूरीश्वरजी महाराज
  • गणि भगवंत
  • श्रमण-श्रमणी भगवंत
  • देशभर के जैन संघ
  • हजारों श्रद्धालु

उपस्थित रहेंगे।पूरे प्रवेश समारोह को आध्यात्मिक उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।

चार माह तक होंगे विशेष धार्मिक आयोजन

आचार्य श्री प्रशांतसागर सूरीश्वरजी महाराज ने बताया कि आगामी चार माह तक अनेक धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इनमें प्रमुख रूप से—

  • प्रवचन
  • स्वाध्याय
  • तप आराधना
  • नवकार महामंत्र जाप
  • युवक-युवती संस्कार शिविर
  • महिला धार्मिक सम्मेलन
  • जिनालय दर्शन
  • गुरुवंदन
  • धर्मसभा
  • सांस्कृतिक आयोजन

का आयोजन होगा।

चातुर्मास का धार्मिक महत्व

जैन धर्म में चातुर्मास का अत्यंत विशेष महत्व है।वर्षा ऋतु में साधु-साध्वियां एक ही स्थान पर विराजमान होकर धर्मप्रभावना करते हैं।इस दौरान

  • संयम
  • तपस्या
  • ध्यान
  • स्वाध्याय
  • दान
  • पूजा
  • आराधना

का विशेष महत्व रहता है।श्रावक-श्राविकाएं बड़ी संख्या में गुरु भगवंतों के सान्निध्य में धर्म लाभ प्राप्त करते हैं।

राष्ट्र संत आचार्य पद्मसागरजी का योगदान

आचार्य श्री पद्मसागर सूरीश्वरजी महाराज को जैन समाज में राष्ट्र संत एवं युगद्रष्टा के रूप में सम्मान प्राप्त है।उन्होंने

  • प्राचीन श्रुत तीर्थों का संरक्षण
  • धर्म प्रचार
  • युवा पीढ़ी को संस्कार
  • सामाजिक समरसता
  • आध्यात्मिक जागरण

के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।देश-विदेश में उनके प्रवचन लाखों श्रद्धालुओं को प्रेरित करते हैं।

चातुर्मास स्थल

  • स्थानश्री नित्य शांति भवन
  • आनंद ओलिगन्स के पास
  • क्लब-07 रोड
  • शेला
  • अहमदाबाद (गुजरात)

देशभर के संघों को आमंत्रण

आयोजकों ने देशभर के जैन संघों एवं श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर गुरु भगवंत के दर्शन, वंदन एवं धर्मलाभ प्राप्त करें।यह चातुर्मास जैन समाज के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।

निष्कर्ष

राष्ट्र संत आचार्य पद्मसागरजी का अहमदाबाद चातुर्मास जैन धर्म के अनुयायियों के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा, संस्कार, तप और धर्म आराधना का विशेष अवसर लेकर आ रहा है। 15 जुलाई का भव्य मंगल प्रवेश श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास का अनुपम संगम बनेगा। चार माह तक चलने वाले विभिन्न धार्मिक आयोजनों से हजारों श्रद्धालु धर्मलाभ प्राप्त करेंगे तथा समाज में आध्यात्मिक चेतना का व्यापक प्रसार होगा।

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