MP Weather: जुलाई की झमाझम बारिश से बदला मौसम का मिजाज, मध्य प्रदेश में सामान्य से 10% अधिक वर्षा, अगले चार दिन भी बरसेंगे बादल
MP में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। जून में अपेक्षाकृत कमजोर रही बारिश की भरपाई जुलाई के शुरुआती दिनों में हुई तेज और लगातार वर्षा ने कर दी है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक औसतन 234.4 मिलीमीटर (करीब 9.4 इंच) बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो सामान्य औसत से लगभग 10 प्रतिशत अधिक है। अच्छी बारिश के कारण खेतों, जलाशयों और नदियों में पानी की आवक बढ़ी है, वहीं कई जिलों में जनजीवन भी प्रभावित होने लगा है। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान जताया है। पन्ना और सतना जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया गया है।
जुलाई की बारिश ने पूरी की जून की कमी
इस वर्ष जून में मानसून की रफ्तार अपेक्षा से धीमी रही थी, जिसके चलते कई जिलों में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। इससे किसानों के साथ-साथ आम लोगों की भी चिंता बढ़ गई थी। हालांकि जुलाई की शुरुआत से मौसम ने करवट ली और लगातार हो रही बारिश ने मानसून की तस्वीर बदल दी।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जुलाई के पहले नौ दिनों में हुई झमाझम बारिश ने प्रदेश में बारिश के कुल आंकड़े को सामान्य से ऊपर पहुंचा दिया है। अब तक 234.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश का औसत 212.3 मिमी माना जाता है। यानी प्रदेश में फिलहाल सामान्य से करीब 10 प्रतिशत अधिक वर्षा हो चुकी है।
पश्चिमी मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा बारिश
बारिश का सबसे अधिक असर पश्चिमी मध्य प्रदेश के जिलों में देखने को मिला है। यहां लगातार सक्रिय मानसूनी सिस्टम के कारण कई क्षेत्रों में अच्छी वर्षा हुई है। इससे जल स्रोतों में पानी की उपलब्धता बढ़ी है और खरीफ फसलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हैं।
हालांकि पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में सक्रिय मानसून के कारण इन क्षेत्रों में भी अच्छी वर्षा होने की संभावना है।
32 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा
MP के 32 जिलों में इस बार औसत से ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, देवास, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, हरदा, बैतूल, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नीमच, शाजापुर, रतलाम, आगर-मालवा, दमोह, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी, पांढुर्णा, निवाड़ी, भिंड, मुरैना और श्योपुर जैसे जिले शामिल हैं।
इन जिलों में लगातार बारिश के कारण जलस्तर में सुधार हुआ है और कृषि गतिविधियों को भी गति मिली है। किसानों का कहना है कि समय पर हुई वर्षा से धान, सोयाबीन, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को काफी लाभ मिलेगा।
इन जिलों में अब भी कम हुई है बारिश
दूसरी ओर प्रदेश के कुछ जिले अभी भी सामान्य से कम वर्षा वाले क्षेत्रों की सूची में शामिल हैं। इनमें पन्ना, सतना, रीवा, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, कटनी, जबलपुर, मंडला और टीकमगढ़ प्रमुख हैं।
हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में इन क्षेत्रों में भी अच्छी बारिश हो सकती है, जिससे वर्षा की कमी काफी हद तक पूरी होने की संभावना है।
पन्ना और सतना में भारी बारिश का अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने पन्ना और सतना जिलों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान इन इलाकों में चार इंच या उससे अधिक वर्षा हो सकती है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, रीवा, सीधी, सिंगरौली, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
नदियां और जलाशय भरने लगे
लगातार हो रही बारिश का असर अब प्रदेश की नदियों और जलाशयों पर भी दिखाई देने लगा है। कई स्थानों पर नदी-नाले उफान पर हैं और बांधों में जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है।
आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा क्षेत्र में लखुंदर नदी लगातार दूसरे दिन भी उफान पर बनी हुई है। नदी पर बने स्टॉप डैम से पानी ओवरफ्लो होने लगा है। वहीं नर्मदापुरम सहित कई जिलों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है।
जनजीवन पर भी दिख रहा असर
लगातार बारिश के कारण कई क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित होने लगा है। ग्रामीण इलाकों में कुछ सड़कों पर जलभराव की स्थिति बनी है, जबकि कई छोटे पुलों और रपटों पर पानी बहने से आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
किसानों के लिए राहत की खबर
अच्छी बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों की बुवाई लगभग पूरी हो चुकी है और लगातार हो रही वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आगामी दिनों में भी संतुलित बारिश जारी रही तो इस वर्ष उत्पादन बेहतर रहने की संभावना है।
अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?
MP मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जबकि कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी दर्ज की जा सकती है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के पास सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
निष्कर्ष
जुलाई के शुरुआती दिनों में सक्रिय हुए मानसून ने मध्य प्रदेश में बारिश की कमी को काफी हद तक दूर कर दिया है। प्रदेश में सामान्य से 10 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज होने से कृषि, जल संसाधनों और पेयजल व्यवस्था को बड़ा लाभ मिला है। हालांकि भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सतर्कता भी जरूरी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले चार दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिससे प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून और मजबूत हो सकता है।
