निसरपुर पुलिस बड़ी सफलता के तहत कुक्षी थाना पुलिस ने शासकीय चरनोई भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री कराने के मामले में ₹3,000 के इनामी फरार आरोपी साधुराम फुलमाली को गिरफ्तार किया। जानिए पूरा मामला, पुलिस कार्रवाई और जांच की पूरी जानकारी।
निसरपुर पुलिस बड़ी सफलता: ₹3,000 के इनामी फरार आरोपी गिरफ्तार, फर्जी दस्तावेज से चरनोई भूमि हड़पने का बड़ा खुलासा
रिपोर्ट: नरेंद्र सिरवी
स्थान: निसरपुर (धार)
निसरपुर पुलिस बड़ी सफलता के तहत पुलिस चौकी निसरपुर एवं थाना कुक्षी पुलिस ने शासकीय चरनोई भूमि से जुड़े चर्चित फर्जीवाड़े के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ₹3,000 के इनामी फरार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर सरकारी चरनोई भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर रजिस्ट्री कराने और उस पर मकान निर्माण कराने का गंभीर आरोप है। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में माना जा रहा है।
निसरपुर पुलिस बड़ी सफलता
निसरपुर पुलिस बड़ी सफलता के अंतर्गत पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे ₹3,000 के इनामी आरोपी साधुराम पिता बालाराम फुलमाली को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी शासकीय चरनोई भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार करने एवं फर्जी स्वामित्व प्रमाण-पत्र के आधार पर भूमि की रजिस्ट्री कराने के मामले में वांछित था।
पुलिस अधीक्षक धार द्वारा आरोपी की गिरफ्तारी पर ₹3,000 का इनाम घोषित किया गया था। तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस टीम ने आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई जांच
इस पूरे मामले की शुरुआत 23 फरवरी 2026 को हुई, जब माननीय उच्च न्यायालय, इंदौर खंडपीठ के आदेश के पालन में ग्राम निम्बोल निवासी मोतिलाल पिता न्यादर पाटीदार द्वारा प्रस्तुत आवेदन की जांच की गई।जांच में सामने आया कि ग्राम निम्बोल स्थित शासकीय चरनोई भूमि, जिसका सर्वे क्रमांक 171/1/1/1/1 एवं कुल रकबा 4.25 हेक्टेयर है, उसके संबंध में तत्कालीन सचिव एवं सरपंच द्वारा फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।
कैसे हुआ पूरा फर्जीवाड़ा?
जांच अधिकारियों के अनुसार फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विनोद पाटीदार एवं रंजना पाटीदार के नाम स्वामित्व प्रमाण-पत्र जारी कर दिया गया। इसी आधार पर संबंधित भूमि की रजिस्ट्री भी कर दी गई तथा उस पर मकान का निर्माण भी कराया गया।
जब राजस्व अभिलेखों की जांच हुई तो स्पष्ट हुआ कि संबंधित भूमि निजी नहीं बल्कि शासकीय चरनोई भूमि है।इसके बाद थाना कुक्षी में अपराध क्रमांक 72/2026 दर्ज किया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया है, जिनमें शामिल हैं—
- धारा 420
- धारा 467
- धारा 468
- धारा 470
- धारा 474
- धारा 120-बी
इन धाराओं के तहत विवेचना लगातार जारी है।
पुलिस ने कैसे पकड़ा आरोपी?
निसरपुर पुलिस बड़ी सफलता के पीछे लगातार कई दिनों तक तकनीकी निगरानी एवं मुखबिर तंत्र सक्रिय रहा।प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक दीपक सिंह चौहान तथा चौकी प्रभारी उप निरीक्षक रवि वास्के के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर फरार आरोपी साधुराम फुलमाली को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया, जिसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
गिरफ्तार आरोपी का विवरण
गिरफ्तार आरोपी की पहचान—साधुराम पिता बालाराम फुलमाली
जाति – बलाई
उम्र – 62 वर्ष
स्थायी निवासी – ग्राम कटनेरा
वर्तमान पता – हरिजन मोहल्ला, ग्राम सुसारी
थाना – कुक्षी
जिला – धार
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस के अनुसार आरोपी के विरुद्ध थाना कुक्षी में दर्ज अपराध क्रमांक 72/2026 के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई जारी है।पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों एवं फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में निम्न अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों का विशेष योगदान रहा—
- थाना प्रभारी निरीक्षक दीपक सिंह चौहान
- चौकी प्रभारी उप निरीक्षक रवि वास्के
- सहायक उपनिरीक्षक भुवान चौहान
- आरक्षक सुभाष चौहान (968)
- आरक्षक गौरव (90)
- आरक्षक किशन (679)
- आरक्षक थानसिंह (265)
- आरक्षक रवि अलावे (55)
इन सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका के चलते पुलिस को बड़ी सफलता मिली।
जांच अभी जारी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण की विवेचना जारी है। फर्जी दस्तावेज तैयार करने, शासकीय भूमि की रजिस्ट्री कराने तथा पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
निसरपुर पुलिस बड़ी सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा एवं फर्जी दस्तावेज तैयार कर सरकारी संपत्ति हड़पने वालों के विरुद्ध पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। ₹3,000 के इनामी आरोपी की गिरफ्तारी से मामले की जांच को नई दिशा मिली है और उम्मीद की जा रही है कि पूरे फर्जीवाड़े से जुड़े अन्य तथ्यों का भी जल्द खुलासा होगा।

