मालथौन परियोजना समीक्षा बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने आंगनवाड़ी केंद्रों की समीक्षा कर कई कार्यकर्ताओं पर मानदेय कटौती, नोटिस और सेवा समाप्ति की कार्रवाई के निर्देश दिए।
मालथौन परियोजना समीक्षा बैठक में विभागीय कार्यों की हुई गहन समीक्षा
सागर। महिला एवं बाल विकास विभाग की मालथौन परियोजना समीक्षा बैठक जिला कार्यक्रम अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में परियोजना कार्यालय मालथौन का समस्त कार्यालयीन स्टाफ उपस्थित रहा। बैठक का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों में संचालित विभागीय योजनाओं, पोषण कार्यक्रमों तथा हितग्राहियों को मिलने वाली सेवाओं की प्रगति का मूल्यांकन करना था।
मालथौन परियोजना समीक्षा बैठक के दौरान कई आंगनवाड़ी केंद्रों का कार्य असंतोषजनक पाया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा जिम्मेदार कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मालथौन परियोजना समीक्षा बैठक में इन केंद्रों की प्रगति रही असंतोषजनक
समीक्षा के दौरान निम्नलिखित आंगनवाड़ी केंद्रों का कार्य अपेक्षित स्तर पर नहीं पाया गया—
- सीपुरखास
- कुआखेड़ा
- कुंवरपुरा
- कुलुआखास
- सीपुरखुर्द
- खिरिया शंकर
- चुरारी डबडेरा-01
- दुगाहाखुर्द
- दुगाहाकलां
- सेमरा लोधी
इन केंद्रों में कार्य संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का 15 दिवस का मानदेय काटने के निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा दिए गए।
इन केंद्रों का मानदेय तैयार नहीं करने के निर्देश
मालथौन परियोजना समीक्षा बैठक में पाया गया कि कुछ केंद्रों में विभागीय कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण नहीं किए गए हैं। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए निम्न केंद्रों का कार्य पूर्ण होने तक संबंधित कार्यकर्ताओं का मानदेय तैयार नहीं करने के निर्देश दिए गए—
- हरदौट
- झड़िया
- कुरमन
- ललोई
- मांदरी
- नेगुवा
- खिरियाकलां-02
- चौका
- चंद्रपुर
- पलेथनी
- खिरिया शंकर
बैठक से अनुपस्थित रहने वालों को कारण बताओ नोटिस
बैठक में अनुपस्थित रहने तथा विभागीय निर्देशों की अनदेखी करने वाले आंगनवाड़ी केंद्रों की कार्यकर्ताओं के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई।
इन केंद्रों की कार्यकर्ताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा 7 दिवस का मानदेय काटने के निर्देश दिए गए—
- खिरियाकलां-01
- कुंवरपुरा
- किशनगढ़
- बम्हौरीलाल
- ढावरी-01
- चुरारी डबडेरा-02
- अंडेला-01
- बमनौरा
- दुगाहाकलां-02
- बड़ोइया
- पहरगुवा
- विदवासन
- मड़िया कीरत-01
- खड़ौआ
सेवा समाप्ति की कार्रवाई भी होगी
मालथौन परियोजना समीक्षा बैठक के दौरान कुछ केंद्रों में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि—
- झड़िया
- खिरियाकलां-01
- किशनगढ़
- बम्हौरीलाल
केंद्रों में विभागीय कार्य अधूरे पाए गए।
इसके अलावा हितग्राहियों को समय पर योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा था तथा संबंधित कार्यकर्ता समीक्षा बैठक में भी अनुपस्थित रहीं। इन गंभीर लापरवाहियों को देखते हुए संबंधित कार्यकर्ताओं के विरुद्ध सेवा समाप्ति की कार्रवाई प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए हैं।
हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने पर जोर
बैठक में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक समय पर पहुंचना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने सभी पर्यवेक्षकों एवं परियोजना स्टाफ को निर्देश दिए कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र की नियमित निगरानी की जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
विभाग ने दिए सख्त निर्देश
बैठक में निम्न बिंदुओं पर विशेष जोर दिया गया—
- सभी विभागीय रजिस्टर समय पर पूर्ण किए जाएं।
- पोषण ट्रैकर एवं ऑनलाइन प्रविष्टियां नियमित हों।
- गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को योजनाओं का समय पर लाभ मिले।
- बच्चों के टीकाकरण एवं पोषण कार्यक्रमों की सतत निगरानी हो।
- प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र पर शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
मालथौन परियोजना समीक्षा बैठक का उद्देश्य
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा समय-समय पर आयोजित की जाने वाली मालथौन परियोजना समीक्षा बैठक का उद्देश्य विभागीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, हितग्राहियों तक समय पर सेवाएं पहुंचाना तथा कार्य में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
विभाग का मानना है कि नियमित समीक्षा से कार्यों में पारदर्शिता बढ़ती है तथा योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहायता मिलती है।
निष्कर्ष
मालथौन परियोजना समीक्षा बैठक में स्पष्ट संदेश दिया गया कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मानदेय कटौती, कारण बताओ नोटिस तथा सेवा समाप्ति की कार्रवाई जैसे कड़े कदम यह दर्शाते हैं कि महिला एवं बाल विकास विभाग योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गंभीर है। अधिकारियों ने सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं से समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य करने की अपेक्षा जताई है।
