स्कूल वाहनों की सघन चेकिंग के दौरान सागर के नरयावली में 18 बच्चों से भरी एलपीजी गैस किट लगी मारुति वैन जब्त हुई। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा गया।
स्कूल वाहनों की सघन चेकिंग: सागर में 18 बच्चों से भरी मारुति वैन जब्त, स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई
रिपोर्ट : महेंद्र राज, सागर
सागर। स्कूल वाहनों की सघन चेकिंग अभियान के तहत जिला प्रशासन और परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नरयावली, जिला सागर में एक मारुति ओमनी वैन को जब्त किया है। वाहन में क्षमता से अधिक 18 स्कूली बच्चों का परिवहन किया जा रहा था। जांच के दौरान वाहन में एलपीजी गैस किट भी लगी मिली, जिसके ऊपर बच्चों के बैठने के लिए सीट बनाई गई थी। मामले को गंभीर मानते हुए वाहन को जब्त कर लिया गया तथा स्कूल प्रबंधन के विरुद्ध कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजा गया है।
कलेक्टर के निर्देश पर हुई स्कूल वाहनों की सघन चेकिंग
कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशानुसार जिले में स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्कूल वाहनों की सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इसी दौरान नरयावली में मारुति वैन क्रमांक एमपी-04-बीए-5622 को रोका गया।यह वाहन श्री रामभरोसे पाल, पिता श्री नंदकिशोर पाल, निवासी नरयावली के नाम पर पंजीकृत है। जांच के दौरान चालक कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
एलपीजी गैस किट लगी मिली
वाहन की डिक्की की जांच करने पर उसमें एलपीजी गैस किट लगी हुई पाई गई। गैस किट के ऊपर बच्चों के बैठने के लिए सीट बनाई गई थी। यह वाहन निजी श्रेणी में पंजीकृत होने के बावजूद अनाधिकृत रूप से स्कूली बच्चों के परिवहन में उपयोग किया जा रहा था।परिवहन विभाग के अनुसार यह मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 39 का उल्लंघन है। इसलिए वाहन को धारा 207 के तहत जब्त कर क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी कार्यालय परिसर में सुरक्षित रखा गया है।
स्कूल प्रबंधन को पहले ही दिए गए थे निर्देश
परिवहन विभाग द्वारा जिले के सभी स्कूलों और बस संचालकों को पहले ही सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की चेकलिस्ट उपलब्ध कराई जा चुकी थी।निर्देशों के अनुसार—
- प्रत्येक बच्चे के परिवहन का रिकॉर्ड रखा जाए।
- ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस, परमिट, बीमा, पीयूसी और पुलिस वेरिफिकेशन विद्यालय में उपलब्ध हों।
- एलपीजी गैस किट से संचालित वाहन का उपयोग स्कूल वाहन के रूप में नहीं किया जाए।
- वाहन निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों का परिवहन न करें।
- सीसीटीवी निगरानी में बच्चों को चढ़ाया और उतारा जाए।
- प्रत्येक वाहन में जीपीएस, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड किट और अग्निशमन यंत्र अनिवार्य हों।
- स्कूल स्तर पर शाला परिवहन समन्वय समिति का गठन किया जाए।
पहले भी जब्त हो चुकी है ओमनी वैन
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने बताया कि 4 जुलाई 2026 को मंगलम कॉन्वेंट स्कूल, बाघराज, सागर में संचालित एक ओमनी वैन भी जांच के दौरान जब्त की गई थी। उसमें भी एलपीजी गैस किट लगी हुई पाई गई थी।
उस मामले में भी संबंधित स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय करने और आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला शिक्षा अधिकारी, सागर को पत्र भेजा गया है।
स्कूल प्रबंधन पर होगी कार्रवाई
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई विद्यालय एलपीजी गैस किट लगे वाहनों से बच्चों का परिवहन होने देता है तो दुर्घटना की स्थिति में उसकी जिम्मेदारी भी तय होगी।इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी, सागर के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
अभिभावकों से की गई अपील
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, सागर ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को ऐसे वाहनों में स्कूल न भेजें जो—
- एलपीजी गैस किट से संचालित हों।
- फिटनेस प्रमाणपत्र के बिना चल रहे हों।
- क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाते हों।
- सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते हों।
उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
निष्कर्ष
स्कूल वाहनों की सघन चेकिंग अभियान का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। परिवहन विभाग ने स्कूल संचालकों, वाहन मालिकों और अभिभावकों से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों और संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
रिपोर्ट : महेंद्र राज, सागर
