मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव देने के लिए शासन ने ucc.mp.gov.in पोर्टल शुरू किया है। आमला सहित पूरे प्रदेश के नागरिक विवाह, उत्तराधिकार एवं पारिवारिक कानूनों पर अपने सुझाव भेज सकते हैं।
मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव: आमला के नागरिकों से पोर्टल पर सुझाव देने की अपील
मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव: आमला के नागरिकों से पोर्टल पर सुझाव देने की अपील
आमला। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव अभियान के तहत प्रदेशभर के नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। बैतूल कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कार्यालय के निर्देशानुसार आमला सहित जिले के सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे निर्धारित पोर्टल पर अपने सुझाव दर्ज कर इस महत्वपूर्ण जन-परामर्श प्रक्रिया में भाग लें।
मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता पर जन-परामर्श
मध्यप्रदेश शासन ने विवाह, विवाह विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार तथा अन्य व्यक्तिगत एवं पारिवारिक कानूनों के अध्ययन और परीक्षण के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।समिति विभिन्न वर्गों के नागरिकों से प्राप्त सुझावों और परामर्श के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। इसी उद्देश्य से मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल उपलब्ध कराया गया है।
किन विषयों पर मांगे गए हैं सुझाव?
नागरिक निम्न विषयों पर अपने सुझाव दे सकते हैं—
- विवाह संबंधी कानून
- विवाह विच्छेद (तलाक)
- भरण-पोषण
- उत्तराधिकार
- पारिवारिक कानून
- व्यक्तिगत विधियां
- अन्य सामाजिक एवं कानूनी सुझाव
इन सभी विषयों पर प्राप्त सुझावों का अध्ययन कर समिति अपनी अनुशंसाएं शासन को सौंपेगी।
सुझाव देने की प्रक्रिया
राज्य सरकार ने सुझाव देने के लिए ucc.mp.gov.in पोर्टल तैयार किया है।नागरिक वेबसाइट पर जाकर
- अपना विवरण भरें
- संबंधित विषय का चयन करें
- अपना सुझाव लिखें
- ऑनलाइन सबमिट करें
पूरी प्रक्रिया सरल एवं ऑनलाइन है।
आमला के नागरिकों से प्रशासन की अपील
कलेक्टर कार्यालय ने सभी नगरीय निकायों एवं संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अधिक से अधिक लोगों को मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव अभियान से जोड़ें।प्रशासन ने आमला क्षेत्र के नागरिकों से भी आग्रह किया है कि वे अपने विचार एवं सुझाव पोर्टल पर दर्ज कर जनभागीदारी सुनिश्चित करें।
जनभागीदारी क्यों है जरूरी?
किसी भी बड़े सामाजिक एवं कानूनी सुधार में आम नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण मानी जाती है। सरकार का उद्देश्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग की राय प्राप्त हो ताकि भविष्य में तैयार होने वाली नीतियां अधिक प्रभावी और व्यवहारिक बन सकें।विशेषज्ञों का मानना है कि नागरिकों के सुझाव कानून निर्माण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी एवं सहभागी बनाते हैं।
निष्कर्ष
यदि आप मध्यप्रदेश के निवासी हैं तो मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता सुझाव अभियान में भाग लेकर विवाह, उत्तराधिकार, पारिवारिक कानून एवं अन्य विषयों पर अपने सुझाव ऑनलाइन भेज सकते हैं। शासन द्वारा शुरू की गई यह पहल नागरिकों को नीति निर्माण प्रक्रिया में सहभागी बनने का अवसर प्रदान करती है।
