सेवा, संस्कार और सौम्यता की मिसाल बने Prithviraj Tetwal, जन्मदिन पर समाजसेवा से जीता हर दिल
जनसेवा ही मेरा धर्म और समाज का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।” पृथ्वीराज गौतम टेटवाल
संवादाता : मनोज कुमार पुष्पत की रिपोर्ट
सारंगपुर। व्यक्ति का वास्तविक व्यक्तित्व उसके पद या पहचान से नहीं, बल्कि उसके व्यवहार, संवेदनशीलता और समाज के प्रति समर्पण से पहचाना जाता है। विधायक प्रतिनिधि Prithviraj Tetwal ने अपने जन्मदिन को सेवा, संस्कार और सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ मनाकर न केवल एक प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत किया, बल्कि अपनी सरलता, सौम्यता और जनसरोकारों से जुड़े व्यक्तित्व की एक बार फिर सशक्त झलक दिखाई।जन्मदिन के शुभ अवसर पर उन्होंने सर्वप्रथम बाबा महाकाल एवं भेस्वामाता का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात कपिलेश्वर महादेव एवं जीवनदायिनी माँ कालीसिंध का पूजन-अर्चन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना की। गौशाला पहुँचकर गौमाता का विधिवत पूजन किया, उन्हें हरा चारा खिलाया तथा प्रकृति संरक्षण का संदेश देते हुए वृक्षारोपण भी किया।
उनकी धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।इसके बाद पृथ्वीराज टेटवाल प्राथमिक विद्यालय, तलेनी पहुँचे, जहाँ उन्होंने विद्यार्थियों को स्कूल बैग वितरित किए। तत्पश्चात कन्या शाला में छात्राओं को शैक्षणिक सामग्री भेंट कर शिक्षा के प्रति निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बच्चों के बीच उन्होंने किसी जनप्रतिनिधि की तरह नहीं, बल्कि परिवार के एक बड़े सदस्य की तरह आत्मीयता से समय बिताया। बच्चों से सहज संवाद किया, उनका उत्साह बढ़ाया और स्नेहपूर्वक उनका उत्साहवर्धन किया। उनकी विनम्रता और सरल व्यवहार ने सभी का मन मोह लिया।
विद्यालय परिवार ने इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि यदि जनप्रतिनिधि अपने व्यक्तिगत अवसरों को भी समाजहित से जोड़ें तो निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक परिवर्तन का वातावरण बनता है।
कार्यक्रम के दौरान उनके मित्र एवं शुभचिंतक भी उपस्थित रहे और समाजसेवा के इस पुनीत कार्य में सहभागी बने।
इसके पश्चात सेवा सदन स्थित कार्यालय पर सारंगपुर विधानसभा परिवार, वरिष्ठ नागरिकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, मातृशक्ति एवं कार्यकर्ताओं ने आत्मीय स्वागत कर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएँ एवं आशीर्वाद प्रदान किया। पूरे दिन सेवा सदन पर शुभेच्छुओं का तांता लगा रहा, जो उनके प्रति जनता के स्नेह, विश्वास और बढ़ते जनसंपर्क का प्रतीक बना।
इस अवसर पर पृथ्वीराज टेटवाल ने कहा कि “मेरे लिए जन्मदिन का सबसे बड़ा उत्सव लोगों का प्रेम, बड़ों का आशीर्वाद और बच्चों के चेहरे पर आई मुस्कान है। यदि हमारे छोटे-छोटे प्रयास किसी के जीवन में खुशी और प्रेरणा ला सकें, तो यही मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि है। जनसेवा ही मेरा धर्म और समाज का विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी पूंजी है।”
अपने सहज, सौम्य और मिलनसार व्यक्तित्व के कारण पृथ्वीराज टेटवाल आज युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आमजन के बीच एक अलग पहचान बना चुके हैं। वे सदैव बिना किसी भेदभाव के लोगों की समस्याओं को सुनने, उनके सुख-दुख में सहभागी बनने और समाजहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए जाने जाते हैं।
उनका यह जन्मदिन केवल एक व्यक्तिगत उत्सव नहीं, बल्कि सेवा, संस्कार, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता का ऐसा संदेश बन गया, जिसने यह सिद्ध कर दिया कि नेतृत्व की वास्तविक पहचान जनसेवा, विनम्रता और लोगों के दिलों में बसने से होती है।
