Indore दिगंबर जैन सामाजिक संसद ने बीनागंज में मुनि श्री सुधासागर जी महाराज को श्रीफल अर्पित कर वर्ष 2026 का चातुर्मास इंदौर में कराने का भावपूर्ण निमंत्रण दिया।
मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के चातुर्मास हेतु Indore समाज ने बीनागंज में किया श्रीफल अर्पित,Indore में वर्षायोग की प्रबल संभावना
Indore | दैनिक स्वराज वाणी
Indore दिगंबर जैन समाज के लिए वर्ष 2026 ऐतिहासिक बनने की ओर अग्रसर है। जैन समाज के आराध्य, राष्ट्रसंत मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज के पावन वर्षायोग (चातुर्मास) को इंदौर में कराने के उद्देश्य से समाज की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि मंगलवार को Indore दिगंबर जैन सामाजिक संसद (कीर्ति स्तंभ) के नेतृत्व में इंदौर जैन समाज का एक प्रतिष्ठित प्रतिनिधिमंडल शुभ उदय तीर्थ, बीनागंज (जिला गुना) पहुंचा। यहां सभी ने भक्तिभाव से गुरुवर के श्रीचरणों में श्रीफल अर्पित कर वर्ष 2026 का चातुर्मास इंदौर में करने का विनम्र आग्रह किया।
इस अवसर पर पूरे वातावरण में “गुरुवर इंदौर पधारो, हमको तारो” के गगनभेदी जयघोष गूंज उठे। समाज के प्रतिनिधियों ने निवेदन किया कि यदि गुरुवर का चातुर्मास इंदौर में होता है तो मालवा अंचल के लाखों श्रद्धालुओं को धर्म साधना, आत्मकल्याण और आध्यात्मिक मार्गदर्शन का दुर्लभ अवसर प्राप्त होगा।
प्रतिनिधिमंडल के अनुरोध और समाज की गहरी श्रद्धा को देखते हुए मुनि श्री सुधासागर जी महाराज ने Indore चातुर्मास की संभावना को लेकर सकारात्मक संकेत दिए, जिससे समाज में उत्साह का वातावरण और अधिक बढ़ गया है।
प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित
श्रीफल समर्पण कार्यक्रम में सामाजिक संसद के अध्यक्ष आनंद गोधा, महामंत्री हर्ष जैन एवं कोषाध्यक्ष विजय पटोदी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इसके अलावा एम.के. जैन, अशोक रानी दोषी, राजेश जैन दद्दू, प्रीतिपाल टोंग्या, प्रिंसपाल टोंग्या, मनीष-सपना गोधा, धर्मेंद्र जैन, आकाश कोयला, अक्षय कासलीवाल, गिरीश जैन, भूपेंद्र जैन, कमल जैन सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से गुरुवर के श्रीचरणों में अर्घ्य समर्पित कर इंदौर आगमन की मंगल कामना की।
मालवा जैन समाज में उत्साह
Indore सामाजिक संसद के पदाधिकारियों ने बताया कि यदि गुरुवर की कृपा से वर्ष 2026 का चातुर्मास Indore में आयोजित होता है तो यह संपूर्ण मालवा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण अवसर होगा। समाज ने आयोजन की तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं और सभी वर्गों में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।
