बिजली के करंट से आदिवासी युवक की मौत का मामला मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा नगर से सामने आया है। वार्ड क्रमांक-4 में बिजली के खंभे के नीचे 35 वर्षीय संतराम सिंह गोंड का शव मिला। प्रारंभिक जांच में तार चोरी के दौरान करंट लगने की आशंका जताई गई है। पुलिस, विद्युत विभाग और जनप्रतिनिधियों के बयान सहित पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
बिजली के करंट से आदिवासी युवक की मौत: तार चोरी की आशंका में 35 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत, पुलिस जांच जारी
संवाददाता: अभिषेक त्रिवेदी, अनूपपुर (कोतमा)
कोतमा। बिजली के करंट से आदिवासी युवक की मौत का एक दर्दनाक मामला अनूपपुर जिले के कोतमा नगर से सामने आया है। नगर के वार्ड क्रमांक-4 स्थित बालक पुरम् सरस्वती हायर सेकेंडरी स्कूल के पीछे बुधवार सुबह बिजली के खंभे के नीचे एक युवक का शव मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान संतराम सिंह गोंड (35 वर्ष), पिता इंद्रपाल सिंह गोंड, निवासी वार्ड क्रमांक-4, सोनू अग्रवाल साइकिल स्टोर के मकान में रहने वाले के रूप में हुई है।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवक बिजली के तार काटने या चोरी करने के प्रयास के दौरान हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
बिजली के करंट से आदिवासी युवक की मौत से क्षेत्र में सनसनी
सुबह स्थानीय लोगों ने वार्ड क्रमांक-4 स्थित बालक पुरम् सरस्वती हायर सेकेंडरी स्कूल के पीछे बिजली के खंभे के नीचे एक युवक का शव पड़ा देखा। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। इसके बाद पुलिस और जनप्रतिनिधियों को घटना की सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि मृतक के हाथ में प्लास था तथा उसका हाथ गंभीर रूप से झुलसा हुआ था। आसपास की परिस्थितियों को देखते हुए प्रथम दृष्टया मामला बिजली के तार काटने के दौरान करंट लगने का प्रतीत हुआ।
घटनास्थल से बरामद हुए बिजली काटने के औजार
पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। जांच के दौरान बिजली के तार काटने में उपयोग किए जाने वाले औजार भी मौके से जब्त किए गए।शव का पंचनामा तैयार कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारण और अन्य परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
विद्युत विभाग ने जताई गंभीर चिंता
विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता लालमणि प्रजापति ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली के तार चोरी करने, तार काटने तथा ट्रांसफार्मरों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा इन घटनाओं की शिकायत समय-समय पर थाना कोतमा में लिखित रूप से दर्ज कराई जाती रही है।उनके अनुसार इन घटनाओं से विभाग को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।उन्होंने कहा—
“प्रथम दृष्टया यह घटना भी बिजली के तार चोरी के प्रयास से जुड़ी प्रतीत होती है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच के बाद ही सामने आएगा।”
जनप्रतिनिधि मनोज सोनी ने की निष्पक्ष जांच की मांग
घटना की सूचना मिलने पर पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मनोज सोनी भी घटनास्थल पहुंचे।उन्होंने कहा कि घटनास्थल की परिस्थितियों को देखने के बाद ऐसा प्रतीत होता है कि युवक बिजली के तार काटने के दौरान करंट की चपेट में आया।उन्होंने पुलिस से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने की मांग की।
पत्नी ने बताया रात 1 बजे घर से निकले थे संतराम
मृतक की पत्नी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 7 जुलाई की रात लगभग 1 बजे उनके पति घर से बिना मोबाइल और चप्पल लिए निकल गए थे।काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिवार के लोग चिंतित थे।सुबह सूचना मिली कि उनके पति की करंट लगने से मौत हो गई है।यह खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस क्या कर रही है?
पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच प्रारंभ कर दी है।जांच के प्रमुख बिंदु—
- घटनास्थल की फोरेंसिक जांच
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट
- बरामद औजारों की जांच
- प्रत्यक्षदर्शियों के बयान
- बिजली विभाग से तकनीकी रिपोर्ट
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा।
थाना प्रभारी का बयान
रत्नांबर शुक्ल, थाना प्रभारी कोतमा, जिला अनूपपुर (मध्य प्रदेश) ने बताया—
“मर्ग कायम कर अग्रिम कार्रवाई जारी है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। जांच के सभी पहलुओं पर पुलिस कार्य कर रही है।”
क्षेत्र में लगातार हो रही हैं तार चोरी की घटनाएं
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कई महीनों से क्षेत्र में बिजली के तार चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।विद्युत विभाग भी कई बार पुलिस को लिखित शिकायत दे चुका है।इन घटनाओं के कारण विद्युत व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ विभाग को लाखों रुपये का नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।
संपादकीय टिप्पणी
बिजली के करंट से आदिवासी युवक की मौत केवल एक दुखद हादसा नहीं है, बल्कि यह अवैध गतिविधियों से जुड़े गंभीर जोखिमों की भी चेतावनी है।यदि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली के तार चोरी की घटनाएं हो रही थीं तो ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए पुलिस और विद्युत विभाग को और अधिक प्रभावी निगरानी एवं संयुक्त कार्रवाई करनी चाहिए।साथ ही समाज में यह जागरूकता भी आवश्यक है कि बिजली से जुड़े उपकरणों और हाई वोल्टेज लाइनों के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ जानलेवा साबित हो सकती है।
निष्कर्ष
फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई।परिवार शोक में डूबा हुआ है, वहीं पूरे कोतमा नगर में इस घटना की चर्चा बनी हुई है।



