आष्टा बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर सीहोर के आष्टा में प्रशासन अलर्ट है। SDM महेंद्र प्रताप सिंह किरार और SDOP दामोदर गुप्ता ने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर बाढ़ राहत, बचाव और निगरानी के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए। पढ़ें पूरी खबर।
लगातार बारिश अलर्ट: आष्टा में बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन पूरी तरह तैयार, SDM महेंद्र प्रताप सिंह किरार ने दिए 10 बड़े निर्देश
रिपोर्टर : अनीस कुमार | खाचरौद
आष्टा बाढ़ आपदा प्रबंधन: लगातार बारिश के बीच प्रशासन पूरी तरह सतर्क
आष्टा बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र में प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) महेंद्र प्रताप सिंह किरार एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस दामोदर गुप्ता ने ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित कर बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से मानसून के दौरान संभावित आपदा से निपटने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी ली गई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी रखी जाए तथा किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ किया जाए।
आष्टा बाढ़ आपदा प्रबंधन बैठक में सभी विभागों को दिए गए निर्देश
बैठक के दौरान एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह किरार ने कहा कि मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग अपने-अपने स्तर पर पूरी तैयारी रखें और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करें।
एसडीओपी दामोदर गुप्ता ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार गश्त की जाए तथा नदी-नालों के आसपास लोगों की आवाजाही पर निगरानी रखी जाए।
संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी
आष्टा बाढ़ आपदा प्रबंधन के तहत प्रशासन ने उन सभी क्षेत्रों की सूची तैयार कर ली है जहां हर वर्ष जलभराव या बाढ़ जैसी स्थिति बनती है।बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि—
- नदी-नालों के जलस्तर की लगातार मॉनिटरिंग की जाए।
- बाढ़ प्रभावित गांवों पर विशेष नजर रखी जाए।
- राहत एवं बचाव दलों को हर समय तैयार रखा जाए।
- आवश्यक संसाधनों एवं उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- नाव, रस्सी, जैकेट एवं अन्य सुरक्षा उपकरण उपलब्ध रहें।
- किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
राहत एवं बचाव दल रहेंगे पूरी तरह सक्रिय
बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा।प्रशासन ने स्वास्थ्य विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।
कंट्रोल रूम रहेगा 24 घंटे सक्रिय
आष्टा बाढ़ आपदा प्रबंधन के तहत प्रशासन ने कंट्रोल रूम को भी पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए हैं।किसी भी आपदा या दुर्घटना की सूचना मिलते ही संबंधित विभाग तत्काल मौके पर पहुंचेगा तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू करेगा।
प्रशासन ने नागरिकों से की महत्वपूर्ण अपील
लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि—
- अनावश्यक रूप से नदी-नालों के पास न जाएं।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में प्रवेश न करें।
- बच्चों को नदी एवं तालाबों के आसपास न जाने दें।
- किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
- प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
अधिकारियों ने बनाई विस्तृत कार्ययोजना
बैठक में उपस्थित सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने बाढ़ आपदा प्रबंधन की तैयारियों पर अपने सुझाव भी दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आवश्यकता पड़ने पर सभी विभाग संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य करेंगे ताकि किसी भी प्रकार की जनहानि या नुकसान को रोका जा सके।
निष्कर्ष
लगातार हो रही बारिश को देखते हुए आष्टा बाढ़ आपदा प्रबंधन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया है। एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह किरार एवं एसडीओपी दामोदर गुप्ता ने सभी विभागों को सतर्क रहकर कार्य करने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सावधानी बरतने और मौसम विभाग तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
