Mungawali जनपद में ट्रांसफर पॉलिसी बेअसर, सालों से जमे उपयांत्रियों के रसूख के आगे लाचार प्रशासन
संवाददाता : राहुल जैन
अशोकनगर। Mungawali जनपद पंचायत इन दिनों विकास कार्यों के लिए नहीं, बल्कि प्रशासनिक शिथिलता और सालों से एक ही जगह जमे उपयंत्रियों के कारण चर्चा में है। मुंगावली जनपद में कई उपयंत्री ऐसे हैं, जिन्होंने अंगद के पैर की तरह अपनी सीटें संभाल रखी हैं। सालों बीत जाने और सरकार की स्थानांतरण नीति के बावजूद, इन उपयंत्रियों का बाल भी बांका नहीं हो सका है। स्थानीय स्तर पर इनका तबादला न होना, अब जिले के प्रशासनिक और राजनैतिक गलियारों में बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
नियमों के मुताबिक, शासकीय सेवकों को एक निश्चित अवधि के बाद स्थानांतरित किया जाना अनिवार्य है ताकि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत न हो सकें। परंतु मुंगावली जनपद में इन नियमों को ताक पर रख दिया गया है। कुछ उपयंत्री पिछले कई वर्षों से मुंगावली में ही जमे हुए हैं। इनका तबादला न होना, किसी बड़े संरक्षण की ओर इशारा करता है। राजनीतिक रसूख और प्रशासनिक सांठगांठ के चलते ये उपयंत्री अपनी कुर्सी से इस कदर चिपक गए हैं कि इन्हें हटाने की हिम्मत कोई अधिकारी नहीं जुटा पा रहा है।
लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ रहने के कारण इन उपयंत्रियों का स्थानीय स्तर पर एक मजबूत सांठगांठ बन चुका है। मुंगावली जनपद के अंतर्गत आने वाली विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बेहद खराब है। कई गांवों में सीसी रोड, सुदूर सड़क, कपिल धारा कूप और प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत होने वाले निर्माण कार्यों में जमकर धांधली की जा रही है। बिना काम पूरा हुए ही उपयंत्रियों द्वारा मूल्यांकन कर राशि का आहरण कर लिया जाता है। अब देखना यह होगा कि इस खबर के सामने आने के बाद अशोकनगर जिला कलेक्टर और पंचायत राज विभाग के आला अधिकारी नींद से जागते हैं या फिर मुंगावली के ये ‘अंगद’ अपनी सीटों पर इसी तरह भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत करते रहेंगे।
