Indore News: बारिश से पहले बदहाल पड़ी राजेंद्र नगर सर्विस रोड, ओवरब्रिज में दरार से बढ़ी चिंता
Indore । शहर में मानसून की दस्तक के साथ ही सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर की खामियां एक बार फिर सामने आने लगी हैं। राजेंद्र नगर क्षेत्र में राऊ से आने वाली सर्विस रोड की हालत बारिश से पहले ही बेहद खराब बनी हुई है। जगह-जगह उखड़ी हुई सड़क, गड्ढों और जलभराव ने यहां से गुजरने वाले हजारों वाहन चालकों की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं दूसरी ओर, इसी इलाके में बने एक ओवरब्रिज में दरारें दिखने से सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
सर्विस रोड की हालत बदतर, रोज लग रहा जाम
राऊ से राजेंद्र नगर की ओर जाने वाली सर्विस रोड कई स्थानों पर पूरी तरह टूट चुकी है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भर जाने से स्थिति और खराब हो गई है। सुबह और शाम के समय यहां भारी ट्रैफिक जाम लग रहा है, जिससे लोगों को लंबा समय फंसकर गुजारना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात शुरू होने से पहले ही सड़क की मरम्मत जरूरी थी, लेकिन समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कुछ दिन पहले केवल अस्थायी रूप से गड्ढों में गिट्टी और मिट्टी भर दी गई थी, जो पहली ही बारिश में बह गई।
पीडब्ल्यूडी ने खोला फ्लाईओवर का हिस्सा
बिगड़ती स्थिति को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने अस्थायी राहत के तौर पर फ्लाईओवर के एक हिस्से को यातायात के लिए खोल दिया है। हालांकि इससे कुछ हद तक दबाव कम हुआ है, लेकिन सर्विस रोड की समस्या जस की तस बनी हुई है।
अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही गड्ढों को भरने का काम शुरू किया जाएगा और लगभग 15 दिनों के भीतर सर्विस रोड की मरम्मत पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
ओवरब्रिज में दरार से बढ़ी चिंता
राजेंद्र नगर क्षेत्र में स्थित करीब 5 साल पुराने ओवरब्रिज पर अब दरारें दिखाई देने लगी हैं। यह पुल लगभग 35 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया था और यहां से रोजाना बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं।
बरसात के मौसम में दरारें और अधिक गंभीर चिंता का कारण बन सकती हैं, क्योंकि फिसलन और संरचनात्मक कमजोरी के कारण दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। स्थानीय नागरिकों ने इसकी तत्काल तकनीकी जांच और मरम्मत की मांग की है।
जल निकासी व्यवस्था बनी बड़ी समस्या
फ्लाईओवर के नीचे जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से भी समस्या बढ़ गई है। नालियों का निर्माण अब तक पूरा नहीं हुआ है, जबकि यह काम पहले ही बरसात से पहले होना चाहिए था।
फिलहाल जलभराव से बचाव के लिए कुछ हिस्सों में यातायात को डायवर्ट किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ड्रेनेज सिस्टम का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है ताकि आगे जलभराव की स्थिति न बने।
निर्माण कार्यों में लापरवाही के आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसियों की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है। बारिश से पहले केवल औपचारिक मरम्मत की गई, जो टिकाऊ साबित नहीं हुई। नतीजा यह हुआ कि पहली बारिश में ही सड़कें फिर से खराब हो गईं और हालात पहले से ज्यादा बिगड़ गए।
लोगों का कहना है कि यदि समय पर उचित मरम्मत और गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य किया जाता, तो आज यह समस्या नहीं होती।
फ्लाईओवर की संरचना पर भी सवाल
जानकारी के अनुसार, रेलवे ट्रैक के पास फ्लाईओवर का पूरा भार पहले केवल एक पिलर पर था, जबकि मानक के अनुसार वहां तीन पिलर होने चाहिए थे। बाद में मैनिट द्वारा किए गए स्ट्रक्चरल ऑडिट में इस कमी की पुष्टि हुई।
इसके बाद अतिरिक्त दो पिलर बनाने का कार्य शुरू किया गया। खुदाई और कास्टिंग का काम पूरा हो चुका है, जबकि कुछ हिस्सों में निर्माण कार्य अभी जारी है। अधिकारियों का दावा है कि शेष कार्य जल्द पूरा कर लिया जाएगा।
बायपास की सर्विस रोड भी खराब हालत में
Indore -देवास बायपास की राऊ सर्कल सर्विस रोड भी पूरी तरह जर्जर स्थिति में पहुंच चुकी है। यहां बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहनों को गुजरने में भारी परेशानी हो रही है। विशेषकर भारी वाहनों और दोपहिया चालकों को अधिक जोखिम उठाना पड़ रहा है।
बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है, क्योंकि वाहन चालक गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाते और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।
एनएचएआई की परियोजनाओं से भी प्रभावित यातायात
इस क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा चल रहे निर्माण कार्यों के कारण भी यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। राऊ चौराहे पर चल रहे काम की वजह से कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया गया है, जिससे लोगों को अतिरिक्त समय लग रहा है।
निष्कर्ष
Indore के राजेंद्र नगर और आसपास के क्षेत्रों में सड़क और पुलों की बदहाल स्थिति ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बारिश से पहले आवश्यक मरम्मत और सुधार कार्य न होने के कारण अब नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
