MP Weather: मध्य प्रदेश में मानसून का जोर, 23 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 9 जिलों में अति भारी वर्षा की चेतावनी
MP में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार के लिए प्रदेश के 23 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जबकि 9 जिलों में अति भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। लगातार हो रही बारिश से कई नदियों और जलाशयों का जलस्तर बढ़ने लगा है। वहीं मौसम में ठंडक घुलने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है।
इन जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
MP मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को सागर, दमोह, बैतूल, देवास, आलीराजपुर, उमरिया, सिवनी, छिंदवाड़ा और अनूपपुर जिलों में अति भारी बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की आशंका भी जताई गई है।
23 जिलों में भारी वर्षा का अलर्ट
अति भारी बारिश वाले जिलों के अलावा रतलाम, उज्जैन, धार, शाजापुर, सीहोर, विदिशा, गुना, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, डिंडौरी और पन्ना सहित कई जिलों में भी भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि इन इलाकों में दिनभर रुक-रुक कर तेज बारिश हो सकती है।
इसके अतिरिक्त भोपाल, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, टीकमगढ़, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, मंदसौर, नीमच, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, राजगढ़ और आगर-मालवा समेत अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज वर्षा होने की संभावना बनी हुई है।
रविवार को 25 से अधिक जिलों में बरसे मेघ
रविवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून मेहरबान रहा। 25 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सीहोर में घने बादलों के कारण दिन में ही अंधेरा छा गया, जबकि शाजापुर में लगभग 28 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। लगातार बारिश के चलते कालीसिंध नदी का जलस्तर बढ़ गया और नदी उफान पर पहुंच गई।
मौसम विभाग के अनुसार रविवार को सबसे अधिक वर्षा छिंदवाड़ा जिले में हुई, जहां ढाई इंच से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा सिवनी, उज्जैन, श्योपुर, टीकमगढ़, ग्वालियर, दतिया, गुना, इंदौर, राजगढ़, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, सागर, सीधी, बालाघाट, शाजापुर, भिंड, विदिशा, सीहोर, मंदसौर और पांढुर्णा में भी अच्छी बारिश हुई।
बारिश से तापमान में आई गिरावट
लगातार हो रही बारिश का असर प्रदेश के तापमान पर भी साफ दिखाई दिया है। अधिकांश शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली।
रविवार को इंदौर का अधिकतम तापमान 30.9 डिग्री सेल्सियस, भोपाल का 32.2 डिग्री, उज्जैन का 32.7 डिग्री, जबलपुर का 34 डिग्री और ग्वालियर का 37.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान खजुराहो में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि सबसे कम तापमान बैतूल में 27 डिग्री सेल्सियस रहा।
अब तक 6.4 इंच बारिश दर्ज
मानसून सीजन की शुरुआत से अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 163.1 मिलीमीटर (करीब 6.4 इंच) वर्षा दर्ज की जा चुकी है। यह सामान्य औसत 172.8 मिलीमीटर से लगभग 6 प्रतिशत कम है। हालांकि मौसम विभाग का मानना है कि जुलाई में मानसून अधिक सक्रिय रहेगा, जिससे यह कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है।
आंकड़ों के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में अब तक सामान्य से लगभग 29 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी MP में औसत से करीब 17 प्रतिशत अधिक वर्षा दर्ज की गई है। इससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में वर्षा का वितरण असमान बना हुआ है।
जुलाई से बढ़ी अच्छी बारिश की उम्मीद
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जून की तुलना में जुलाई में मानसून अधिक सक्रिय रहता है। सामान्य तौर पर पूरे मानसून सीजन की लगभग 40 प्रतिशत बारिश अकेले जुलाई महीने में होती है। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है। इससे किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई में भी लाभ मिलेगा और जलाशयों में जलस्तर बढ़ने की उम्मीद है।
देवास में सबसे ज्यादा बारिश
इस मानसून सीजन में अब तक देवास जिला सबसे अधिक बारिश वाला जिला बना हुआ है। यहां अब तक लगभग 14.2 इंच वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से करीब 125 प्रतिशत अधिक है।
इसके अलावा भोपाल, इंदौर, बैतूल, बुरहानपुर, गुना, हरदा, खंडवा, सीहोर, बालाघाट और सिवनी जैसे जिलों में भी 8 इंच या उससे अधिक बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी है। लगातार हो रही वर्षा से कई जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ रहा है, जो सिंचाई और पेयजल की दृष्टि से राहतभरी खबर है।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
MP मौसम विभाग ने भारी और अति भारी बारिश वाले जिलों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नदी-नालों के आसपास जाने से बचने, जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही न करने और मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन भी संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए अलर्ट मोड पर है।
