विप्र गौरव दिवस 2026 पर भीनमाल में विप्र फाउंडेशन ने संस्थापक सुशील ओझा का जन्मदिवस महायज्ञ, सुंदरकांड पाठ, गौ-सेवा, अन्नदान और दिव्यांग बच्चों की सेवा के साथ मनाया।
विप्र गौरव दिवस 2026: सेवा और समर्पण के साथ मनाया गया सुशील ओझा का जन्मदिवस, भीनमाल में महायज्ञ, सुंदरकांड पाठ और गौ-सेवा
रिपोर्ट: मुकेश सोलंकी | भीनमाल
विप्र गौरव दिवस 2026 पूरे देश में सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकारों के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। विप्र फाउंडेशन के संस्थापक संयोजक सुशील ओझा के जन्मदिवस के अवसर पर देशभर में धार्मिक, सामाजिक एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में विप्र फाउंडेशन भीनमाल ब्लॉक द्वारा दो दिवसीय भव्य सेवा एवं समर्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महायज्ञ, सुंदरकांड पाठ, गौ-सेवा, अन्नदान और दिव्यांग बच्चों की सेवा जैसे अनेक प्रेरणादायी आयोजन हुए।
विप्र गौरव दिवस 2026 का उद्देश्य
विप्र गौरव दिवस 2026 के अवसर पर देशभर में समाज सेवा, धार्मिक आस्था और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम आयोजित किए गए। विप्र फाउंडेशन के संस्थापक संयोजक सुशील ओझा के जन्मदिवस को सेवा दिवस के रूप में मनाते हुए संगठन ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहयोग और संवेदनशीलता का संदेश दिया।
भीनमाल ब्लॉक में आयोजित कार्यक्रमों ने समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने का कार्य किया और सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, इस संदेश को जन-जन तक पहुंचाया।
महायज्ञ एवं सुंदरकांड पाठ से भक्तिमय हुआ वातावरण
कार्यक्रम संयोजक राजेन्द्र वैष्णव ने बताया कि आयोजन का शुभारंभ 4 जुलाई को पूज्य रमेशदास महाराज के सानिध्य में दासपा रोड स्थित सैनजी महाराज मंदिर में हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान के साथ गणेश-गौरी पूजन एवं मंगलाचरण से हुई। इसके बाद विश्व शांति, राष्ट्र कल्याण तथा मेधा-वृद्धि की कामना के लिए भव्य महायज्ञ आयोजित किया गया।
शाम के समय संगीतमय सुंदरकांड पाठ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीराम एवं हनुमान जी की आराधना करते हुए विश्व शांति, सुख-समृद्धि और मानव कल्याण की प्रार्थना की।
कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. घनश्याम व्यास ने किया।
गौ-सेवा और नर-सेवा के अनुकरणीय कार्य
विप्र गौरव दिवस 2026 के दूसरे दिन यानी 5 जुलाई को सुबह से ही सेवा कार्यों की शुरुआत हुई।सुबह 9 बजे स्थानीय गौशाला में विप्र फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं ने गौवंश को हरा चारा एवं लापसी खिलाकर गौ-सेवा की।इसके बाद सुबह 10 बजे अन्नपूर्णा रसोई के माध्यम से गरीब, जरूरतमंद एवं असहाय लोगों को सम्मानपूर्वक निःशुल्क भोजन कराया गया।इस सेवा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लेकर मानव सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया।
दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचकर बांटी खुशियां
दोपहर 12 बजे विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता दिव्यांग विद्यालय पहुंचे।यहां बच्चों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की गई तथा उनके साथ समय बिताकर उन्हें प्रोत्साहित किया गया।कार्यकर्ताओं ने कहा कि समाज के हर वर्ग तक प्रेम, सहयोग और सम्मान पहुंचाना ही संगठन का मूल उद्देश्य है।
महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ समापन
दिनभर चले धार्मिक एवं सेवा कार्यक्रमों का समापन सायंकाल सैनजी महाराज मंदिर में विशेष महाआरती एवं प्रसाद वितरण के साथ हुआ।श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर धर्म, सेवा और सामाजिक समरसता के इस आयोजन को सफल बनाया।
इन गणमान्य नागरिकों की रही विशेष उपस्थिति
कार्यक्रम में
- दिनेश कुमार दवे
- रमेश कुमार शर्मा (सेवानिवृत्त विकास अधिकारी)
- प्रेमाराम बंजारा
- दिनेश सोनी चाटवाड़ा
- दरगाराम पुरोहित
- ओटाराम
- मानाराम पुरोहित (सेवानिवृत्त नायब तहसीलदार)
- डॉ. प्रेमाराज परमार
- डॉ. अक्षय बोहरा
- विप्र फाउंडेशन के प्रदेश मंत्री प्रमोद व्यास
- जवाहर राजपुरोहित
- वासुदेव अवस्थी
- अध्यक्ष भोमाराम
- पूर्णदास महाराज
- दिलीप दवे
- कंचन वैष्णव
- जाफर खां
- महेन्द्र शर्मा
- राजेन्द्र वैष्णव
- नैनाराम चौहान
- प्यारेलाल व्यास
- मुकेश शर्मा
- मंजु वैष्णव
- महेन्द्र वैष्णव
- भवसिंह इराणी
- छतराराम
सहित बड़ी संख्या में विप्र फाउंडेशन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
विप्र गौरव दिवस 2026 केवल एक जन्मदिवस समारोह नहीं रहा, बल्कि समाज सेवा, धार्मिक आस्था और मानवीय संवेदनाओं का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया। भीनमाल में आयोजित महायज्ञ, सुंदरकांड पाठ, गौ-सेवा, अन्नदान एवं दिव्यांग बच्चों की सेवा ने यह संदेश दिया कि समाज के प्रति समर्पण ही सच्ची श्रद्धांजलि और वास्तविक उत्सव है।


