Indore में 4 घंटे की मूसलधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सड़कों पर बना जलप्रलय जैसा माहौल
Indore । देश भर में मानसून ने दस्तक दे दी है, ऐसे में देश की सबसे क्लीन सिटी कहे जाने वाले शहर इंदौर का केवल 4 घंटे की बारिश में ही हाल बेहाल हो गया। कहीं सड़कों पर गड्ढों के चलते 2 व्हीलर चालक परेशान हैं, तो कहीं गाड़ियां बंद हो गईं। गुरुवार को हुई तेज बारिश ने स्मार्ट सिटी इंदौर की पोल खोल दी। शाम 7 बजे शुरू हुई तेज बारिश रात 11 बजे तक चली, जिसके बाद इंदौर झीलों का शहर लगने लगा।।
शहरवासियों के लिए यह बारिश राहत कम और परेशानी ज्यादा लेकर आई, क्योंकि जहां एक ओर लंबे समय से गर्मी और उमस से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर अचानक हुई भारी बारिश ने यातायात, जल निकासी व्यवस्था और जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया।
चार घंटे की बारिश में शहर की सड़कों पर जलभराव
शाम से शुरू हुई इस बारिश ने धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ी और कुछ ही समय में तेज मूसलधार बारिश में बदल गई। लगातार चार घंटे तक हुई बारिश ने शहर के निचले इलाकों को पूरी तरह प्रभावित कर दिया।
एबी रोड, विजय नगर, पलासिया, भंवरकुआं, एमजी रोड, राजबाड़ा, बंगाली चौराहा और लवकुश चौराहा जैसे प्रमुख और व्यस्त मार्गों पर भारी जलभराव देखा गया। कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गईं और वाहन रेंगते हुए नजर आए।
जलभराव के कारण कई दोपहिया वाहन बीच रास्ते में ही बंद हो गए, जिससे लोगों को पैदल ही पानी से गुजरना पड़ा। कार और अन्य चारपहिया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई जगहों पर घंटों तक जाम की स्थिति बनी रही।
निचले इलाकों में बिगड़े हालात, घरों तक पहुंचा पानी
शहर के निचले इलाकों में बारिश का असर और भी गंभीर रहा। कई कॉलोनियों और बस्तियों में पानी घरों तक पहुंच गया। स्थानीय निवासियों को घरों से पानी निकालने के लिए संघर्ष करना पड़ा।
कई जगहों पर नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह फेल नजर आई। बारिश का पानी तेजी से सड़कों से होते हुए गलियों और घरों में घुस गया, जिससे लोगों को रातभर परेशानी झेलनी पड़ी।
कुछ क्षेत्रों में लोगों ने अपने घरों के बाहर रेत की बोरियां लगाकर पानी को रोकने की कोशिश की, लेकिन लगातार बारिश के कारण हालात पर नियंत्रण पाना मुश्किल हो गया।
यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमराई
चार घंटे की बारिश ने इंदौर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया। शहर के मुख्य मार्गों पर जाम की स्थिति बन गई और वाहन रेंगते हुए चलते नजर आए।
एबी रोड पर कई जगह पानी भर जाने से ट्रैफिक पूरी तरह बाधित हो गया। विजय नगर और पलासिया जैसे व्यस्त क्षेत्रों में ऑफिस टाइम के दौरान लोग घंटों जाम में फंसे रहे।
दफ्तरों से लौट रहे कर्मचारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई लोग अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए घंटों सड़कों पर फंसे रहे।
दोपहिया वाहन चालकों की स्थिति सबसे खराब रही, क्योंकि गहरे पानी में बाइक और स्कूटी कई जगह बंद हो गईं, जिससे लोगों को उन्हें धक्का लगाकर ले जाना पड़ा।
मौसम विभाग के आंकड़े: शहर में भारी वर्षा दर्ज
मौसम विभाग के अनुसार इस बारिश का प्रभाव पूरे शहर में अलग-अलग स्तर पर देखा गया।
- एयरपोर्ट क्षेत्र में लगभग 63.6 मिमी (करीब 2.5 इंच) बारिश दर्ज की गई
- कृषि महाविद्यालय क्षेत्र में लगभग 65 मिमी (करीब 2.6 इंच) वर्षा हुई
- रीगल सर्कल क्षेत्र में लगभग 49.75 मिमी (करीब 2 इंच) बारिश रिकॉर्ड की गई
औसतन पूरे इंदौर जिले में करीब 45.3 मिमी यानी 1.8 इंच बारिश दर्ज की गई, जो एक छोटे समय में काफी अधिक मानी जाती है।
तहसीलवार बारिश का आंकड़ा
जिले के विभिन्न क्षेत्रों में भी बारिश की मात्रा अलग-अलग रही।
- सांवेर में सर्वाधिक 72.5 मिमी (करीब 2.9 इंच) बारिश दर्ज की गई
- इंदौर शहर क्षेत्र में 63.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई
- गौतमपुरा में 44.6 मिमी वर्षा हुई
- महू में 42 मिमी बारिश दर्ज की गई
- देपालपुर में 39.8 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई
- हातोद क्षेत्र में 9.5 मिमी बारिश दर्ज की गई
इन आंकड़ों से साफ है कि बारिश का असर पूरे जिले में अलग-अलग स्तर पर रहा, लेकिन शहरी क्षेत्रों में इसका प्रभाव सबसे ज्यादा देखने को मिला।
दिन में गर्मी, रात में ठंडक
दिनभर तेज धूप और गर्मी के बाद शाम को हुई इस बारिश ने मौसम का पूरा मिजाज बदल दिया। मौसम विभाग के अनुसार बारिश से पहले अधिकतम तापमान 34.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री अधिक था।
बारिश के बाद तापमान में अचानक गिरावट आई और न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग 2 डिग्री कम दर्ज किया गया।
तेज बारिश और ठंडी हवाओं के कारण शहर में मौसम सुहावना हो गया, लेकिन जलभराव और ट्रैफिक समस्या ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दो से तीन दिनों तक इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुककर मध्यम से तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
विशेषज्ञों ने यह भी संभावना जताई है कि यदि इसी तरह तेज बारिश होती रही तो शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन अलर्ट, लोगों से सावधानी की अपील
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाले क्षेत्रों में सावधानी बरतें। ट्रैफिक पुलिस को भी प्रमुख चौराहों पर तैनात किया गया है ताकि यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया जा सके।
नगर निगम की टीमें भी जलनिकासी व्यवस्था सुधारने और सड़कों से पानी निकालने के कार्य में जुटी हुई हैं।
निष्कर्ष
इंदौर में हुई यह चार घंटे की मूसलधार बारिश एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था और शहरी ढांचे पर सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर बारिश ने गर्मी से राहत दी, वहीं दूसरी ओर जलभराव, जाम और अव्यवस्थित यातायात ने आम जनता को भारी परेशानी में डाल दिया।
यदि भविष्य में इसी तरह तेज बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो शहर की तैयारियों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर गंभीर ध्यान देने की आवश्यकता होगी।
