PM Garib Kalyan Anna Yojana: राशन कार्ड धारकों को मिलेगा बेहतर चावल, सरकार ने बदले गुणवत्ता के नियम
80 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा पहले से बेहतर राशन
PM Garib Kalyan Anna Yojana: अगर आप भी सरकारी राशन योजना का लाभ लेते हैं, तो आपके लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत वितरित किए जाने वाले चावल की गुणवत्ता में बड़ा सुधार करने का फैसला किया है।
सरकार के इस निर्णय के बाद अब राशन में मिलने वाले चावल की गुणवत्ता पहले से बेहतर होगी। खास बात यह है कि राशन की मात्रा में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पात्र लाभार्थियों को पहले की तरह ही मुफ्त अनाज मिलेगा, लेकिन अब उसमें टूटे हुए चावल के दानों की संख्या काफी कम होगी।
चावल की गुणवत्ता में किया गया बड़ा बदलाव
केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राशन में मिलने वाले चावल की गुणवत्ता संबंधी नए मानकों को मंजूरी दे दी है।
नए नियमों के अनुसार अब कच्चे (Raw) चावल में टूटे हुए दानों की अधिकतम सीमा 25 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं, आधे उबले (Parboiled) चावल में टूटे दानों की सीमा 16 प्रतिशत से घटाकर केवल 5 प्रतिशत कर दी गई है।
सरकार का कहना है कि इससे लाभार्थियों को पहले की तुलना में कहीं अधिक बेहतर गुणवत्ता वाला चावल मिलेगा।
करीब 30 साल बाद बदले गुणवत्ता के नियम
सरकार के अनुसार राशन में वितरित किए जाने वाले चावल के गुणवत्ता मानकों में लगभग तीन दशक बाद इतना बड़ा बदलाव किया गया है। लंबे समय से लाभार्थियों की ओर से बेहतर गुणवत्ता वाले अनाज की मांग की जा रही थी, जिसे ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।
सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले चावल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
राशन की मात्रा में नहीं होगा कोई बदलाव
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले का असर केवल चावल की गुणवत्ता पर पड़ेगा। राशन की मात्रा में किसी प्रकार की कटौती या बदलाव नहीं किया जाएगा।
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत पात्र लाभार्थियों को पहले की तरह ही निर्धारित मात्रा में मुफ्त अनाज मिलता रहेगा।
NFSA के तहत मिलता रहेगा मुफ्त अनाज
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत प्रत्येक पात्र व्यक्ति को हर महीने 5 किलोग्राम मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया जाता है।
वहीं, अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत पात्र परिवारों को हर महीने 35 किलोग्राम मुफ्त अनाज मिलता रहेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नई व्यवस्था में केवल गुणवत्ता बेहतर होगी, वितरण प्रणाली और पात्रता नियम पहले जैसे ही रहेंगे।
सरकार ने बताया फैसले का उद्देश्य
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के अनुसार सरकार का उद्देश्य देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों को बेहतर गुणवत्ता वाला खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत लगभग 80 करोड़ लाभार्थी मुफ्त राशन का लाभ उठाते हैं और नए गुणवत्ता मानकों का सीधा फायदा इन्हीं लोगों को मिलेगा।
सरकार का मानना है कि बेहतर गुणवत्ता वाला चावल उपलब्ध कराने से लाभार्थियों को पौष्टिक और संतोषजनक खाद्यान्न मिलेगा तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर लोगों का भरोसा भी और मजबूत होगा।
किसे मिलेगा इस फैसले का लाभ?
इस निर्णय का लाभ उन सभी पात्र परिवारों और व्यक्तियों को मिलेगा जो प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY), राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत मुफ्त राशन प्राप्त कर रहे हैं।
देशभर में करोड़ों राशन कार्ड धारकों को आने वाले समय में पहले की तुलना में बेहतर गुणवत्ता वाला चावल उपलब्ध कराया जाएगा।
निष्कर्ष
केंद्र सरकार का यह फैसला राशन कार्ड धारकों के लिए राहत भरा माना जा रहा है। अब सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से मिलने वाले चावल में टूटे दानों की मात्रा काफी कम होगी, जिससे लाभार्थियों को बेहतर गुणवत्ता वाला अनाज मिलेगा। हालांकि राशन की मात्रा में कोई बदलाव नहीं किया गया है और पात्र परिवारों को पहले की तरह ही मुफ्त राशन मिलता रहेगा। सरकार का मानना है कि लगभग 30 वर्षों बाद किए गए इस सुधार से देश के करीब 80 करोड़ लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
