Sehore में बड़ा हादसा: बिजली के खंभे से टकराकर पलटी यात्री बस, 18 लोग घायल, समय पर राहत कार्य से टला बड़ा संकट
Sehore मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में गुरुवार को एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। जावर-कजलास मार्ग पर आष्टा से पीपलरावा जा रही एक यात्री बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकरा गई और उसके बाद पलट गई। हादसे के समय बस में सवार यात्रियों के बीच चीख-पुकार मच गई। दुर्घटना में 18 लोग घायल हुए हैं। राहत की बात यह रही कि हादसे के समय बिजली आपूर्ति बंद थी। यदि बिजली लाइन चालू होती तो करंट फैलने से स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।
स्थानीय लोगों की सतर्कता, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की त्वरित कार्रवाई के कारण सभी घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार किसी भी घायल की हालत गंभीर नहीं है।
अचानक अनियंत्रित हुई बस
प्राप्त जानकारी के अनुसार यात्री बस आष्टा से पीपलरावा की ओर जा रही थी। जब बस जावर-कजलास मार्ग पर पहुंची, तभी चालक का वाहन से नियंत्रण अचानक बिगड़ गया। तेज रफ्तार में चल रही बस सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस संतुलन खोकर सड़क किनारे खंती में पलट गई।
बस पलटते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री सीटों के बीच फंस गए, जबकि कुछ को हल्की और कुछ को गंभीर चोटें आईं। बस के अंदर मौजूद लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।
बिजली बंद होने से बची बड़ी त्रासदी
हादसे का सबसे राहतभरा पहलू यह रहा कि जिस बिजली के खंभे से बस टकराई, उस समय उस लाइन की बिजली आपूर्ति बंद थी। यदि लाइन चालू रहती तो बस के संपर्क में आने से करंट फैल सकता था और कई यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बस सीधे बिजली के खंभे से टकराई थी। ऐसे में बिजली चालू होती तो दुर्घटना कहीं अधिक भयावह रूप ले सकती थी। इस संयोग ने एक बड़े हादसे को टाल दिया।
ग्रामीणों ने तुरंत शुरू किया बचाव कार्य
दुर्घटना के बाद आसपास के गांवों के लोग बिना समय गंवाए घटनास्थल पर पहुंच गए। उन्होंने बस के अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। कुछ यात्रियों को खिड़कियों और दरवाजों के माध्यम से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
घटना की सूचना मिलते ही जावर थाना पुलिस, 108 एम्बुलेंस सेवा और स्वास्थ्य विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस जवानों, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवकों और स्थानीय नागरिकों ने मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जावर भेजा गया।
गंभीर रूप से घायल यात्रियों को किया गया रेफर
प्राथमिक उपचार के दौरान चिकित्सकों ने जिन यात्रियों को अधिक चोटें पाई गईं, उन्हें बेहतर इलाज के लिए सिविल अस्पताल आष्टा रेफर कर दिया। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि किसी भी घायल की स्थिति फिलहाल गंभीर नहीं है और सभी खतरे से बाहर हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने घायलों का तत्काल उपचार शुरू किया, जिससे उन्हें समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।
प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंचे अस्पताल
हादसे की सूचना मिलते ही तहसीलदार ओमप्रकाश चोरमा, पुलिस अधिकारी तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों का हालचाल जाना और चिकित्सकों से उपचार की जानकारी ली।
प्रशासन ने अस्पताल प्रबंधन को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। साथ ही दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू करने के लिए पुलिस को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।
हादसे में घायल हुए यात्री
दुर्घटना में घायल होने वालों में संजू (35), रामप्रसाद (55), दुर्गाबाई (55), प्रिया अजमेरा (32), फरीदा बी (43), घिसीबाई (65), माया (40), संपत बाई (60), युवराज रैकवार (ढाई वर्ष), शबाना (26), राजवीर (20), कैलाश नाथ (50), उर्मिला, शकील बी (50), नादिया, जिया (18), प्रकाश सिंह (50), जाहिदा (55) और प्रताप सिंह (60) शामिल हैं।
इन सभी का उपचार विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में किया गया। कुछ यात्रियों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी भी दे दी गई, जबकि अन्य का इलाज जारी है।
कुछ समय के लिए प्रभावित रहा यातायात
बस पलटने के कारण जावर-कजलास मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया। सड़क पर बस पड़े होने से दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर यातायात को नियंत्रित किया और क्रेन की सहायता से बस को हटाकर मार्ग को फिर से सुचारु कराया।
हादसे की जांच शुरू
पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में बस के अनियंत्रित होने को हादसे की मुख्य वजह माना जा रहा है। हालांकि यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चालक से कोई चूक हुई या वाहन में तकनीकी खराबी थी।
यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
राहत कार्य की हुई सराहना
स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव अभियान में शामिल पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, 108 एम्बुलेंस सेवा, आरएसएस स्वयंसेवकों और ग्रामीणों की सक्रिय भूमिका की सराहना की है। समय रहते सभी एजेंसियों के समन्वित प्रयासों के कारण घायलों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाया जा सका और संभावित बड़ा संकट टल गया।
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा, वाहन चालकों की सतर्कता और सार्वजनिक परिवहन की नियमित तकनीकी जांच की आवश्यकता की याद दिलाता है। प्रशासन ने यात्रियों से भी अपील की है कि यात्रा के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और किसी भी तरह की लापरवाही दिखाई देने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें।
