MP Weather Today: मध्य प्रदेश में मानसून ने पकड़ी रफ्तार, अगले चार दिन भारी से अति भारी बारिश के आसार, खंडवा-हरदा में रेड अलर्ट
MP में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और आने वाले चार दिन प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने खंडवा और हरदा जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि 19 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। लगातार सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश के कई क्षेत्रों में जलभराव, नदी-नालों के उफान और यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जुलाई के पहले सप्ताह में होने वाली बारिश जून में हुई वर्षा की कमी को काफी हद तक पूरा कर सकती है।
नौ दिन की देरी के बाद पूरे प्रदेश में सक्रिय हुआ मानसून
इस वर्ष दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य प्रदेश में सामान्य समय से लगभग नौ दिन की देरी से पहुंचा, लेकिन अब यह पूरे प्रदेश में सक्रिय हो चुका है। शुरुआती दिनों में बारिश का असर सीमित जिलों तक था, लेकिन अब लगभग सभी संभागों में अच्छी वर्षा दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अन्य सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से अगले चार दिनों तक प्रदेश में लगातार बारिश का दौर जारी रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई का महीना मानसून के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि प्रदेश की कुल मौसमी वर्षा का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा इसी महीने दर्ज किया जाता है।
खंडवा और हरदा में रेड अलर्ट
MP मौसम विभाग ने खंडवा और हरदा जिलों के लिए सीजन का पहला रेड अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि अगले 24 घंटों के दौरान इन दोनों जिलों में 4 से 8 इंच तक बारिश हो सकती है। भारी वर्षा के कारण निचले इलाकों में जलभराव, ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्ग बाधित होने और नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
प्रशासन को भी संभावित आपदा से निपटने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।
इन जिलों में अति भारी बारिश की संभावना
रेड अलर्ट वाले जिलों के अलावा धार, बड़वानी, खरगोन, देवास, बुरहानपुर और बैतूल में भी अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में लगातार तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
इसके अलावा रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, डिंडौरी और अनूपपुर सहित कुल 19 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है।
पूरे प्रदेश में पहुंचा मानसून, फिर भी बारिश का वितरण असमान
हालांकि मानसून पूरे मध्य प्रदेश को कवर कर चुका है, लेकिन बारिश का वितरण अभी भी समान नहीं है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के 38 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।
वहीं दूसरी ओर भोपाल, इंदौर, देवास सहित 15 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे अधिक वर्षा देवास जिले में दर्ज की गई है, जहां अब तक लगभग साढ़े 10 इंच बारिश हो चुकी है। भोपाल और इंदौर भी उन जिलों में शामिल हैं जहां आठ इंच से अधिक वर्षा रिकॉर्ड की गई है।
जून में रही कमी, जुलाई से बढ़ी उम्मीद
मौसम विभाग का कहना है कि जून महीने में अपेक्षाकृत कम बारिश होने के कारण कई क्षेत्रों में किसानों और आम लोगों की चिंता बढ़ गई थी। हालांकि जुलाई की शुरुआत से मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और आगामी दिनों में लगातार बारिश होने की संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जुलाई में यदि इसी तरह सक्रिय मानसून बना रहता है तो जून में हुई बारिश की कमी काफी हद तक पूरी हो सकती है। इससे खरीफ फसलों की बुवाई और कृषि गतिविधियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
अब तक सामान्य से 23 प्रतिशत कम वर्षा
प्रदेश में अब तक औसतन 113.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 147.7 मिलीमीटर मानी जाती है। यानी अब तक लगभग 23 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में वर्षा की कमी अधिक दर्ज की गई है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में मानसून अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों की बारिश से यह अंतर कम हो सकता है।
किसानों और आम लोगों के लिए राहत
लगातार बारिश का दौर किसानों के लिए राहत लेकर आया है। खरीफ सीजन की फसलों, विशेष रूप से सोयाबीन, धान, मक्का और दलहनी फसलों की बुवाई को इससे गति मिलेगी। जिन क्षेत्रों में अब तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई थी, वहां भी खेतों में नमी बढ़ने से कृषि कार्य तेज होने की संभावना है।
हालांकि लगातार बारिश के कारण कुछ इलाकों में जलभराव और फसलों को नुकसान की आशंका भी बनी हुई है। ऐसे में किसानों को मौसम विभाग की सलाह के अनुसार कृषि कार्य करने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी
MP मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में नदी-नालों और जलभराव वाले स्थानों से दूर रहने की अपील की गई है। प्रशासन ने भी लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा है।
विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से बिजली गिरने और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
अगले चार दिन महत्वपूर्ण
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले चार दिन मध्य प्रदेश के मानसून सीजन के लिए बेहद अहम साबित हो सकते हैं। यदि पूर्वानुमान के अनुसार व्यापक स्तर पर बारिश होती है, तो प्रदेश में बारिश की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी और जलाशयों, बांधों तथा भूजल स्तर में भी सुधार देखने को मिलेगा। फिलहाल पूरे प्रदेश में मानसून पूरी सक्रियता के साथ आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।
