सुरक्षा जवानों को तनावमुक्त और खुशहाल जीवन जीने के दिए गए मंत्र, इंदौर में ब्रह्माकुमारीज का विशेष अभियान
‘स्व सशक्तिकरण से राष्ट्र सशक्तिकरण’ अभियान के तहत हुआ आयोजन
Indore News : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सुरक्षा सेवा प्रभाग द्वारा संचालित ‘स्व सशक्तिकरण से राष्ट्र सशक्तिकरण’ अभियान के तहत इंदौर में विभिन्न सुरक्षा संगठनों, चिकित्सा संस्थानों और शैक्षणिक परिसरों में विशेष जागरूकता एवं प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य सुरक्षा बलों के जवानों, विद्यार्थियों और समाज के विभिन्न वर्गों को तनावमुक्त, सकारात्मक और संतुलित जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।
अभियान के दौरान वक्ताओं ने मानसिक स्वास्थ्य, आत्मबल, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक जीवनशैली के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों को राजयोग मेडिटेशन के माध्यम से आंतरिक शांति और आत्मिक सशक्तिकरण का अनुभव भी कराया गया।
बीके संजीव ने बताए जीवन में खुश रहने के सूत्र
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर एवं लाइफ कोच ब्रह्माकुमार बीके संजीव ने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज केवल हमारी बातों से नहीं, बल्कि हमारे व्यवहार और कर्मों से प्रेरणा लेता है।
उन्होंने कहा, “हमें किसी को कहकर नहीं, बल्कि स्वयं करके दिखाना है। यदि हम चाहते हैं कि समाज सकारात्मक बने, तो सबसे पहले हमें अपने जीवन में सकारात्मकता लानी होगी।”
उन्होंने जवानों से कहा कि वे अपने व्यक्तित्व को ऐसा बनाएं कि लोग उनके व्यवहार से प्रेरित होकर स्वयं अच्छे कार्य करने के लिए आगे आएं।
तनावमुक्त जीवन का मूल मंत्र
बीके संजीव ने कहा कि वर्तमान समय में हर व्यक्ति किसी न किसी प्रकार के तनाव का सामना कर रहा है, लेकिन परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, खुश रहना हमारे अपने हाथ में है।
उन्होंने कहा कि जीवन में आने वाली चुनौतियों को बोझ मानने के बजाय सीखने का अवसर समझना चाहिए। उन्होंने जवानों को संदेश दिया कि किसी भी परिस्थिति में अपनी मुस्कान और आत्मविश्वास नहीं खोना चाहिए।
उनके अनुसार, “स्थिति कैसी भी हो, खुशी कभी गुम नहीं होनी चाहिए।”

आत्मस्वरूप में स्थित रहने का संदेश
अपने उद्बोधन में उन्होंने आध्यात्मिक दृष्टिकोण को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने बाहरी रोल से अधिक अपनी आत्मा की शक्ति पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हम सभी इस संसार रूपी रंगमंच पर अपनी-अपनी भूमिकाएं निभा रहे हैं, लेकिन हमारी वास्तविक पहचान आत्मा है। यदि व्यक्ति स्वयं को आत्मस्वरूप मानकर कार्य करता है तो वह परिस्थितियों से प्रभावित होने के बजाय उन्हें सहजता से संभाल सकता है।
कार्यालय का तनाव घर तक न ले जाएं
बीके संजीव ने जवानों को सलाह दी कि वे अपने कार्यस्थल का तनाव अपने परिवार तक न ले जाएं। उन्होंने कहा कि घर ऐसा स्थान होना चाहिए जहां व्यक्ति मानसिक शांति और आत्मीयता का अनुभव करे।
उन्होंने कहा कि यदि हम कार्यालय का तनाव घर लेकर जाते हैं तो उसका प्रभाव परिवार के प्रत्येक सदस्य पर पड़ता है। इसलिए कार्य और पारिवारिक जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है।
मुस्कान को बनाएं अपनी पहचान
उन्होंने उपस्थित सभी जवानों से कहा कि मुस्कान व्यक्ति की सबसे बड़ी ताकत होती है। एक सकारात्मक और मुस्कुराता हुआ व्यक्ति न केवल स्वयं खुश रहता है बल्कि अपने आसपास के लोगों में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।
उन्होंने सभी से अपील की कि मुस्कुराना जीवन की आदत बनाएं और हर परिस्थिति में सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखें।

सकारात्मक चिंतन का महत्व बताया
सीमा सुरक्षा बल के अधीनस्थ सहायक प्रशिक्षक केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास को जीवन की सफलता का आधार बताया गया।
वक्ताओं ने कहा कि सकारात्मक विचार व्यक्ति की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं और कठिन परिस्थितियों में भी सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित करते हैं। सुरक्षा बलों के जवानों के लिए मानसिक दृढ़ता उतनी ही आवश्यक है जितनी शारीरिक क्षमता।
राजयोग मेडिटेशन का कराया अनुभव
विशाखापट्टनम से पधारी ब्रह्माकुमारी माधुरी बहन ने उपस्थित जवानों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया।
उन्होंने बताया कि राजयोग केवल ध्यान की एक विधि नहीं, बल्कि स्वयं को पहचानने और मन को शांत रखने का प्रभावी माध्यम है। नियमित राजयोग अभ्यास से तनाव कम होता है, एकाग्रता बढ़ती है और निर्णय क्षमता मजबूत होती है।
कार्यक्रम में शामिल जवानों ने ध्यान के माध्यम से कुछ समय के लिए मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया।
नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
ब्रह्माकुमारीज के मेडिकल प्रभाग की जोनल कोऑर्डिनेटर ब्रह्माकुमारी उषा दीदी ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने तथा पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दिलाया।
उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लिए नशामुक्त जीवनशैली अत्यंत आवश्यक है। साथ ही पर्यावरण की स्वच्छता और संरक्षण भी प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
उन्होंने सभी से पौधारोपण, प्लास्टिक का कम उपयोग और स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया।

स्व सशक्तिकरण से राष्ट्र निर्माण का संदेश
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब प्रत्येक नागरिक मानसिक, नैतिक और आध्यात्मिक रूप से मजबूत हो।
विशेष रूप से सुरक्षा बलों के जवान देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाते हैं, इसलिए उनका मानसिक रूप से संतुलित और सकारात्मक रहना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
आज होगा अभियान का समापन समारोह
ब्रह्माकुमारीज द्वारा संचालित इस अभियान का समापन 3 जुलाई को इंदौर स्थित ज्ञान शिखर ओम शांति भवन में विशेष कार्यक्रम के साथ किया जाएगा।
समापन समारोह में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक, सुरक्षा बलों के अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता तथा ब्रह्माकुमारीज परिवार के सदस्य शामिल होंगे। इस अवसर पर आत्मिक सशक्तिकरण, सकारात्मक जीवनशैली और राष्ट्र निर्माण में आध्यात्मिक मूल्यों की भूमिका पर विशेष विचार साझा किए जाएंगे।
समाज को मिला सकारात्मक संदेश
इंदौर में आयोजित इस अभियान ने यह संदेश दिया कि मानसिक स्वास्थ्य, आत्मबल और सकारात्मक सोच केवल व्यक्तिगत जीवन ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक हैं। ब्रह्माकुमारीज द्वारा चलाया जा रहा ‘स्व सशक्तिकरण से राष्ट्र सशक्तिकरण’ अभियान लोगों को आत्मिक रूप से मजबूत बनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
