—Advertisement—

Thandla में आध्यात्मिक चेतना का संदेश: धार्मिक प्रवचन में संस्कार, अनुशासन और आधुनिक चुनौतियों पर जोर

Author Picture
Published On: 2 July 2026
Thandla में आध्यात्मिक चेतना का संदेश: धार्मिक प्रवचन में संस्कार, अनुशासन और आधुनिक चुनौतियों पर जोर

—Advertisement—

Thandla में आध्यात्मिक चेतना का संदेश: धार्मिक प्रवचन में संस्कार, अनुशासन और आधुनिक चुनौतियों पर जोर

प्रस्तावना

मध्य प्रदेश के Thandla में हाल ही में एक भव्य धार्मिक आयोजन हुआ, जिसमें जैन संतों, श्रद्धालुओं और स्थानीय समाज ने भाग लिया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य जीवन में आध्यात्मिक मूल्यों, संस्कारों और नैतिक अनुशासन को मजबूत करना था।

इस अवसर पर पूज्य संत Chandreshmuniji और Jinanshmuniji ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए जीवन के गूढ़ सत्य, आधुनिक चुनौतियों और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला।

साथ ही जलगाँव निवासी भंडारी परिवार द्वारा आयोजित वर्षीतप पारणा कार्यक्रम भी इस आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा।

सहनशीलता और आध्यात्मिक शक्ति का महत्व

चंद्रेशमुनिजी ने अपने प्रवचन में कहा कि सहनशीलता केवल एक गुण नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शक्ति है जो व्यक्ति को महान बनाती है। उन्होंने भगवान राम के जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी सहनशीलता और क्षमा भावना ने उन्हें विश्व में पूजनीय बनाया।

उन्होंने कहा कि व्यक्ति जब अपने भीतर झांकता है और बाहरी आकर्षणों से ऊपर उठता है, तभी वह वास्तविक धर्म को समझ पाता है।

राम और रावण के जीवन से सीख

संत ने भगवान राम और रावण के जीवन की तुलना करते हुए कहा कि राम का जीवन संयम, धर्म और मर्यादा का प्रतीक है, जबकि रावण का जीवन अहंकार और पतन की कहानी है।

उन्होंने बताया कि रावण के पतन के पीछे तीन प्रमुख गलतियाँ थीं—

  • बुरे विचार आने पर गुरु से सलाह न लेना
  • सलाह मिलने पर क्रोध करना
  • अच्छे विचारों पर तुरंत अमल न करना

उन्होंने कहा कि ये तीनों गलतियाँ आज भी मानव जीवन में देखने को मिलती हैं और व्यक्ति को पतन की ओर ले जाती हैं।

1a

संवेग और मोक्ष का मार्ग

चंद्रेशमुनिजी ने कहा कि संसार से मुक्ति की तीव्र इच्छा ही संवेग है। जब जीव कर्म बंधनों से मुक्त होने की भावना रखता है, तभी वह आध्यात्मिक उन्नति की ओर बढ़ता है।

उन्होंने समझाया कि इंद्रियों और मन के माध्यम से व्यक्ति धर्म के वास्तविक स्वरूप को समझ सकता है, लेकिन इसके लिए आत्मचिंतन आवश्यक है।

आधुनिक जीवन और मोबाइल का प्रभाव

जिनांशमुनिजी ने अपने प्रवचन में आधुनिक जीवन की सबसे बड़ी समस्या—मोबाइल की लत—पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि आज छोटे-छोटे बच्चे भी मोबाइल के आदी हो रहे हैं, जिससे उनका मानसिक और नैतिक विकास प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने चेतावनी दी कि—

  • बच्चे गलत और सही में अंतर नहीं कर पा रहे
  • वे अनुचित वेब सामग्री की ओर आकर्षित हो रहे हैं
  • परिवार से दूरी और अवज्ञा की भावना बढ़ रही है

संस्कारों का क्षरण और माता-पिता की जिम्मेदारी

संत ने कहा कि यदि माता-पिता अपने बच्चों को संस्कार नहीं देंगे, तो समाज में नैतिक गिरावट निश्चित है। संस्कार ही व्यक्ति को सही और गलत का भेद सिखाते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि आज कई बच्चे आधुनिक प्रभावों के कारण परिवार के मूल्यों से दूर हो रहे हैं, जो समाज के लिए चिंता का विषय है।

वर्षीतप पारणा समारोह

कार्यक्रम के दौरान जलगाँव, महाराष्ट्र के Jalgaon, Maharashtra, India निवासी भंडारी परिवार द्वारा 90 वर्षीतप आराधकों के पारणा का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर पूज्य Piyush Vijayji मुनि ने पारणा स्थल पर पहुंचकर मंगलिक श्रवण करवाया और नवकार महामंत्र के सामूहिक जाप के बाद तपस्वियों ने पारणा किया।

यह आयोजन धार्मिक श्रद्धा और सामूहिक भक्ति का सुंदर उदाहरण बना।

समाज और धार्मिक एकता

इस आयोजन में संतों, श्रद्धालुओं और समाज के विभिन्न वर्गों की सक्रिय भागीदारी रही। कार्यक्रम ने सामाजिक एकता और धार्मिक अनुशासन का संदेश दिया।

स्थानीय कार्यकर्ताओं और संघ के पदाधिकारियों ने पूरे आयोजन को व्यवस्थित रूप से संपन्न कराया।

1b

आधुनिक युग में धर्म की प्रासंगिकता

संतों ने बताया कि चाहे समय कितना भी आधुनिक क्यों न हो जाए, धर्म और संस्कार हमेशा जीवन की दिशा तय करते हैं।

उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग सही दिशा में हो, लेकिन उससे संस्कार और नैतिकता कमजोर नहीं होनी चाहिए।

निष्कर्ष

Thandla, Madhya Pradesh, India में हुआ यह धार्मिक आयोजन केवल एक प्रवचन नहीं, बल्कि जीवन मूल्यों की पुनर्स्थापना का संदेश था।

राम के जीवन से सहनशीलता, रावण से सीख, और मोबाइल के दुष्प्रभाव जैसे विषयों ने समाज को आत्मचिंतन के लिए प्रेरित किया।

अंततः संदेश यही रहा कि सच्चा विकास केवल भौतिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक और नैतिक उन्नति में निहित है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp