राजस्थान बस हादसा में पिता की अस्थियां विसर्जित कर ऋषिकेश से लौट रहे आष्टा के रामपुरा कलां निवासी देवेंद्र सिंह ठाकुर की दर्दनाक मौत हो गई। दौसा में बस-ट्राले की टक्कर के बाद लगी आग में 8 लोगों की मौत हुई। पढ़ें पूरी खबर।
राजस्थान बस हादसा: पिता की अस्थियां विसर्जित कर लौट रहे बेटे की दर्दनाक मौत, आग में जिंदा जला; गांव में पसरा मातम
रिपोर्ट: अनीस कुमार | खाचरौद
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा क्षेत्र के लिए बुधवार का दिन बेहद दुखद खबर लेकर आया। राजस्थान बस हादसा में आष्टा तहसील के ग्राम रामपुरा कलां निवासी देवेंद्र सिंह ठाकुर की दर्दनाक मौत हो गई। देवेंद्र सिंह अपने स्वर्गीय पिता की अस्थियां विसर्जित कर ऋषिकेश से इंदौर लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में राजस्थान के दौसा जिले में हुए भीषण सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली।
बताया जा रहा है कि राजस्थान के दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात ऋषिकेश से इंदौर आ रही एक यात्री बस सामने से आ रहे ट्राले से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ ही क्षणों में बस में आग लग गई और कई यात्री उसमें फंस गए।
राजस्थान बस हादसा कैसे हुआ?
जानकारी के अनुसार, राजस्थान के दौसा जिले के कोलवा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक यात्री बस और ट्राले के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इसके बाद बस में आग लग गई और देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि कई यात्रियों को बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिल सका।
बस में लगी भीषण आग, 8 लोगों की मौत
इस दर्दनाक हादसे में बस में सवार 8 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचे।कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पिता की अस्थियां विसर्जित कर लौट रहे थे देवेंद्र सिंह ठाकुर
हादसे में जान गंवाने वाले देवेंद्र सिंह ठाकुर मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की आष्टा तहसील अंतर्गत ग्राम रामपुरा कलां के निवासी थे।परिजनों के अनुसार उनके पिता नरबत सिंह ठाकुर का 23 जून को निधन हो गया था। परिवार अंतिम संस्कार के बाद उनकी अस्थियां विसर्जित करने के लिए ऋषिकेश गया था।अस्थि विसर्जन के बाद देवेंद्र सिंह अकेले बस से इंदौर लौट रहे थे। इसी दौरान राजस्थान के दौसा जिले में हुए भीषण सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
परिवार अभी पिता के निधन के सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि बेटे की दर्दनाक मौत की खबर ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।गांव रामपुरा कलां में जैसे ही हादसे की सूचना पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
4 जुलाई को होना था तेरहवीं कार्यक्रम
परिवार के सदस्यों ने बताया कि स्वर्गीय नरबत सिंह ठाकुर की 4 जुलाई को तेरहवीं का कार्यक्रम रखा गया था।लेकिन उससे पहले ही बेटे देवेंद्र सिंह की दर्दनाक मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।गांव में हर कोई इस घटना से स्तब्ध है।
राहत एवं बचाव दल ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे।दमकल कर्मियों ने काफी देर की मशक्कत के बाद आग बुझाई।इसके बाद बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया।घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है।
प्रशासन ने शुरू की जांच
राजस्थान पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार और आमने-सामने की टक्कर हादसे का कारण मानी जा रही है।हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
यह हादसा एक बार फिर देश में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।विशेषज्ञों का कहना है कि लंबी दूरी की बसों की नियमित तकनीकी जांच, चालक की पर्याप्त विश्राम व्यवस्था तथा हाईवे पर भारी वाहनों की निगरानी बढ़ाना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
निष्कर्ष
राजस्थान बस हादसा ने एक पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। पिता के निधन के बाद अस्थियां विसर्जित कर लौट रहे बेटे की दर्दनाक मौत ने हर किसी को झकझोर दिया है।जिस घर में 4 जुलाई को तेरहवीं की तैयारी चल रही थी, वहां अब एक और मातम छा गया है।
