मनावर जनपद पंचायत में पंचायत इंस्पेक्टर Radheshyam Khode की सम्मानपूर्वक सेवानिवृत्ति
20–25 वर्षों की प्रशासनिक सेवा का हुआ समापन
मनावर (धार): जनपद पंचायत मनावर में लंबे समय तक अपनी सेवाएं देने वाले पंचायत इंस्पेक्टर Radheshyam Khode 30 जून को प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। उनके सेवानिवृत्त होने के साथ ही एक लंबे प्रशासनिक अनुभव और समर्पित कार्यकाल का भी समापन हो गया, जिसमें उन्होंने लगभग 20 से 25 वर्षों तक निरंतर सेवा दी।
उनके कार्यकाल के दौरान मनावर जनपद पंचायत क्षेत्र में पंचायत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने में उनकी भूमिका को महत्वपूर्ण माना जाता है।
ग्रामीण प्रशासन में महत्वपूर्ण योगदान
अपने लंबे कार्यकाल में राधेश्याम खोड़े ने ग्रामीण प्रशासन की विभिन्न जिम्मेदारियों को निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया। पंचायत स्तर पर होने वाले कार्यों की निगरानी, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन और जनहित से जुड़े मुद्दों के समाधान में उनकी सक्रिय भूमिका रही।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने हमेशा पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया। उनके अनुभव का लाभ न केवल प्रशासन को मिला बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में भी मदद मिली।
विदाई समारोह में उमड़ा सम्मान और भावनाओं का सैलाब
उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर जनपद पंचायत मनावर में एक भव्य और सम्मानजनक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अधिकारी, कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं पंचायत से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान माहौल भावनात्मक रहा, जहां सभी ने उनके साथ बिताए गए वर्षों को याद किया और उनके योगदान की सराहना की। कई कर्मचारियों ने उन्हें एक मार्गदर्शक और प्रेरणादायक व्यक्तित्व बताया।

जनप्रतिनिधियों और कर्मचारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर जनपद पंचायत के कई महत्वपूर्ण पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) प्रमुख रूप से शामिल थे।
इसके अलावा पंचायत स्तर के कर्मचारी जैसे सचिव, रोजगार सहायक, सरपंच एवं जनपद सदस्य भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर राधेश्याम खोड़े को सम्मानपूर्वक विदाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
सहकर्मियों ने किया सम्मान व्यक्त
कार्यक्रम में उपस्थित सहकर्मियों ने उनके साथ काम करने के अनुभव साझा किए। सभी ने कहा कि राधेश्याम खोड़े ने हमेशा टीम भावना के साथ काम किया और प्रशासनिक कार्यों को सरल एवं प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाई।
कई कर्मचारियों ने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा नए कर्मचारियों का मार्गदर्शन किया और पंचायत व्यवस्था की बारीकियों को समझने में मदद की।
लंबे कार्यकाल की यादें
करीब ढाई दशकों तक जनपद पंचायत में कार्य करते हुए राधेश्याम खोड़े ने अनेक बदलाव देखे और कई प्रशासनिक सुधारों का हिस्सा बने। समय के साथ पंचायत व्यवस्था में आए डिजिटल बदलाव और योजनाओं के क्रियान्वयन में भी उन्होंने सक्रिय भागीदारी निभाई।
उनका कार्यकाल इस बात का उदाहरण रहा कि यदि प्रशासनिक अधिकारी समर्पण के साथ कार्य करें तो ग्रामीण विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन और व्यवस्थाएं
इस सम्मान समारोह का संचालन शैलेन्द्र शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया और सभी अतिथियों का परिचय कराया।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए और राधेश्याम खोड़े के योगदान को याद किया। पूरे समारोह में गरिमा और सम्मान का वातावरण बना रहा।
प्रमुख उपस्थित अधिकारी और कर्मचारी
इस अवसर पर पंचायत सचिव संगठन से जुड़े कई पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे, जिनमें रोहित पिचौरे, सन्तोष पाटिदार, दिनेश सोलंकी, जगदीश गोयल, जैल सिंह भाटिया, लक्ष्मण पंवार, जितेंद्र पाटीदार, राजेंद्र पाटीदार आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।
इसके साथ ही एपीओ फत्तु सिंह सोलंकी तथा नवागत पीसीओ मगनलाल बांखेडे भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर सेवानिवृत्त अधिकारी को शुभकामनाएं दीं।

आभार प्रदर्शन और समापन
कार्यक्रम के अंत में जगदीश गोयल द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। उन्होंने सभी उपस्थित अतिथियों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया और कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी के सहयोग की सराहना की।
इसके बाद कार्यक्रम का औपचारिक समापन किया गया, लेकिन उपस्थित लोगों के बीच राधेश्याम खोड़े के कार्यकाल की चर्चाएं देर तक चलती रहीं।
सम्मान और प्रेरणा का संदेश
सेवानिवृत्ति केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि एक जीवन यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव होती है। राधेश्याम खोड़े का यह विदाई समारोह इस बात का प्रतीक रहा कि जब कोई अधिकारी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य करता है, तो उसे समाज और सहयोगियों से सम्मान अवश्य मिलता है।
उनका कार्यकाल आने वाले कर्मचारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा, विशेषकर उन लोगों के लिए जो पंचायत एवं ग्रामीण प्रशासन से जुड़े हैं।
निष्कर्ष
मनावर जनपद पंचायत में आयोजित यह विदाई समारोह केवल एक अधिकारी की सेवानिवृत्ति नहीं था, बल्कि एक लंबे प्रशासनिक अनुभव और समर्पित सेवा की सार्वजनिक सराहना भी थी। राधेश्याम खोड़े ने अपने कार्यकाल में जो योगदान दिया, वह लंबे समय तक याद रखा जाएगा और ग्रामीण प्रशासनिक व्यवस्था में उनकी भूमिका एक उदाहरण के रूप में देखी जाएगी।
