Sehore भूमि कब्जा विवाद में धारा 250 के तहत कब्जा दिलाने पहुंची राजस्व टीम का आदिवासियों ने विरोध किया। जेसीबी और ट्रैक्टर पर पथराव हुआ। पुलिस की सूझबूझ से बड़ा विवाद टल गया। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
Sehore भूमि कब्जा विवाद: धारा 250 के आदेश पर कब्जा दिलाने पहुंची राजस्व टीम का विरोध, आदिवासियों का हंगामा; जेसीबी के शीशे फोड़े, बड़ा विवाद टला
रिपोर्ट: अनीस कुमार खाचरौद
Sehore। सीहोर भूमि कब्जा विवाद सोमवार को उस समय सुर्खियों में आ गया, जब जिले के सिद्दीकगंज थाना क्षेत्र के आदिवासी बाहुल्य गांव नौमानिया में न्यायालय के आदेश के बाद राजस्व विभाग की टीम भूमि का कब्जा दिलाने पहुंची। कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में आदिवासी महिला, पुरुष और बच्चे मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया तथा राजस्व अमले का घेराव कर लिया गया। विरोध के दौरान जेसीबी और ट्रैक्टर पर पथराव एवं तोड़फोड़ की गई। समय रहते पुलिस के पहुंचने से बड़ा विवाद टल गया।
धारा 250 के आदेश पर शुरू हुई कार्रवाई
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत झीकड़ी मेवाती के अंतर्गत आने वाले गांव नौमानिया निवासी सुनील कुमार वर्मा पुत्र मोतीलाल वर्मा के पक्ष में न्यायालय द्वारा धारा 250 के प्रकरण में निर्णय दिया गया था। इसी आदेश के पालन में राजस्व विभाग की टीम सोमवार को भूमि का कब्जा दिलाने मौके पर पहुंची।कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के आरआई कमल कीर तथा हल्का पटवारी गुलाब सिंह चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे थे।
आदिवासियों ने किया विरोध, राजस्व अमले का घेराव
जैसे ही राजस्व टीम ने कब्जा दिलाने की प्रक्रिया शुरू की, बड़ी संख्या में आदिवासी महिला, पुरुष और बच्चे लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए।ग्रामीणों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए राजस्व अमले का घेराव कर लिया। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ गया और हालात बिगड़ने लगे।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विरोध इतना बढ़ गया कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
जेसीबी के शीशे तोड़े, ट्रैक्टर पर भी हमला
विरोध के दौरान कुछ महिलाओं ने पथराव शुरू कर दिया।पथराव में मौके पर मौजूद जेसीबी के शीशे टूट गए, जबकि ट्रैक्टर पर भी लाठी-डंडों से हमला किया गया।स्थिति बिगड़ती देख ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से भाग गया। वहीं जेसीबी चालक किसी तरह मशीन लेकर सुरक्षित स्थान की ओर निकल गया।घटना के कारण कुछ समय के लिए कब्जा दिलाने की पूरी कार्रवाई बाधित हो गई।
समय पर पहुंची पुलिस, बड़ा विवाद टला
घटना की सूचना मिलते ही सिद्दीकगंज थाना से एसआई सूरज सिंह परिहार तथा एएसआई अशोक दुबे तत्काल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।दोनों अधिकारियों ने स्थिति को संभालते हुए ग्रामीणों और राजस्व अमले को शांत कराया।प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर नहीं पहुंचती तो मामला हिंसक रूप ले सकता था।कुछ देर बाद थाना प्रभारी राजू सिंह बघेल भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
थाना प्रभारी राजू सिंह बघेल ने क्या कहा?
घटना के संबंध में सिद्दीकगंज थाना प्रभारी राजू सिंह बघेल ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है।उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों को खाचरौद पुलिस चौकी बुलाकर समझाइश दी गई।इसके साथ ही दोनों पक्षों से जमीन से संबंधित सभी दस्तावेज मंगाकर उनकी जांच की गई।थाना प्रभारी के अनुसार दोनों पक्षों को समझाइश देकर फिलहाल मामले को शांत करा दिया गया है।
क्षेत्र में बना हुआ है तनाव
घटना के बाद गांव नौमानिया सहित आसपास के क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।हालांकि पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताते हुए क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना दोबारा न हो।
धारा 250 क्या है?
मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 250 के अंतर्गत भूमि पर अवैध कब्जे अथवा कब्जा दिलाने से जुड़े मामलों में सक्षम न्यायालय आदेश पारित कर सकता है।न्यायालय के आदेश के बाद राजस्व विभाग संबंधित भूमि पर कब्जा दिलाने की कार्रवाई करता है।
निष्कर्ष
Sehore भूमि कब्जा विवाद ने एक बार फिर यह दिखाया कि भूमि संबंधी मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान संवेदनशीलता और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था कितनी आवश्यक है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की सक्रियता से स्थिति नियंत्रण में है तथा दोनों पक्षों को समझाइश देकर मामला शांत कराया गया है। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई कर रहा है।
