Mahtari Vandana Yojana: नए रजिस्ट्रेशन अटके, 10 लाख महिलाओं का इंतजार बढ़ा
Mahtari Vandana Yojana: छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के तहत नए पंजीयन की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो सकी है। इस वजह से प्रदेश की करीब 10 लाख पात्र महिलाएं योजना से जुड़ने का इंतजार कर रही हैं। इनमें बड़ी संख्या नवविवाहित महिलाओं की है, जबकि बस्तर संभाग में लगभग दो लाख महिलाएं ऐसी हैं जो अब तक योजना के लाभ से वंचित हैं। वर्तमान में राज्य सरकार इस योजना के तहत 68 लाख से अधिक महिलाओं को हर महीने 1000 रुपये की आर्थिक सहायता दे रही है, लेकिन नए लाभार्थियों का पंजीयन फिलहाल रुका हुआ है।
तकनीकी और वित्तीय मंजूरी की फाइल अटकी
महिला एवं बाल विकास विभाग ने नए पंजीयन को शुरू करने के लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर वित्त विभाग को भेज दिया है। हालांकि यह फाइल अभी लंबित है, जिसके कारण पोर्टल को दोबारा शुरू नहीं किया जा सका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के बीच इस विषय पर चर्चा हो चुकी है और मुख्यमंत्री की ओर से सहमति भी मिल चुकी है, लेकिन अंतिम तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति अभी बाकी है। इसी कारण लाखों महिलाओं का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है।
जिलों में वंचित महिलाओं की सूची तैयार
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि राज्य के सभी जिलों में उन महिलाओं का डेटा तैयार कर लिया गया है जो अभी तक योजना से नहीं जुड़ पाई हैं। विभाग ने तकनीकी स्तर पर भी सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जैसे ही वित्त विभाग की मंजूरी मिलती है, पोर्टल को तुरंत दोबारा खोल दिया जाएगा और नए पंजीयन शुरू कर दिए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र महिला इस योजना के लाभ से वंचित न रहे।
8200 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान
राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में महतारी वंदन योजना के लिए लगभग 8200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार का दावा है कि योजना का प्रभाव ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है और इससे लाखों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है।
अब तक 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान
योजना के तहत अब तक 28 किस्तों के माध्यम से लगभग 18,165.19 करोड़ रुपये सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। यह राशि राज्य की बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक मानी जा रही है। हर महीने मिलने वाली 1000 रुपये की सहायता राशि से महिलाओं को घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और अन्य जरूरतों में काफी मदद मिल रही है।
सुशासन तिहार में उठी थी समस्या
हाल ही में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान कई जिलों में महिलाओं ने मुख्यमंत्री के सामने योजना से वंचित रहने की समस्या रखी थी। उस समय मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया था कि पात्र महिलाओं को जल्द ही योजना का लाभ दिया जाएगा। हालांकि, अब तक नए पंजीयन शुरू नहीं हो सके हैं, जिससे महिलाओं में असंतोष और चिंता दोनों बढ़ रहे हैं।
योजना का सामाजिक और आर्थिक प्रभाव
Mahtari Vandana Yojana को राज्य सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानती है। इस योजना से महिलाओं को न केवल आर्थिक सहायता मिल रही है, बल्कि वे अपने परिवार की आर्थिक निर्णय प्रक्रिया में भी अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में इसका विशेष प्रभाव देखने को मिला है, जहां महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता बढ़ी है।
आगे का रास्ता वित्त विभाग के फैसले पर निर्भर
फिलहाल पूरे मामले में अंतिम निर्णय वित्त विभाग की मंजूरी पर निर्भर है। जैसे ही स्वीकृति मिलती है, पंजीयन पोर्टल को पुनः शुरू कर दिया जाएगा और नई पात्र महिलाओं को योजना में शामिल किया जाएगा। सरकार का दावा है कि यह प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और तेजी के साथ आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि किसी भी पात्र महिला को योजना से वंचित न रहना पड़े।
