Jhaknawada पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ, बच्चों को पिलाई गई पोलियो रोधी खुराक
Jhaknawada में बच्चों को गंभीर और जानलेवा बीमारी पोलियो से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से रविवार को पल्स पोलियो अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में छोटे बच्चों को पोलियो की दो बूंद खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की गई। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश भी दिया गया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने किया शुभारंभ
अभियान के उद्घाटन अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र राठौड़, शिक्षक हेमेन्द्र कुमार जोशी, मनीष कुमट, संजय व्यास तथा डॉ. शोभित शुक्ला सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने नन्हे बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया और इसे सफल बनाने का संकल्प लिया।
इस दौरान उपस्थित अतिथियों ने कहा कि बच्चों को पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए यह अभियान अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है।

पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए अनिवार्य खुराक
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि पांच वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक देना अनिवार्य है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे किसी भी स्थिति में अपने बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स से वंचित न रखें।
अतिथियों ने यह भी कहा कि पोलियो उन्मूलन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसमें आम जनता का सहयोग भी उतना ही आवश्यक है। यदि प्रत्येक अभिभावक जागरूक हो, तो पोलियो जैसी बीमारी को पूरी तरह समाप्त किया जा सकता है।
तीन दिनों तक चलेगा अभियान
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पल्स पोलियो अभियान 28 जून से शुरू होकर 30 जून तक तीन दिनों तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीमें विभिन्न पोलियो बूथों पर तैनात रहेंगी और बच्चों को दवा पिलाने का कार्य करेंगी।
इसके अलावा, घर-घर जाकर भी उन बच्चों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुंच पाते हैं। इसके लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है और सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
घर-घर पहुंचेगा स्वास्थ्य विभाग
अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक तैयारी की है। टीमों को निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। विशेष रूप से दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में भी टीमें भेजी जाएंगी ताकि हर बच्चे तक दवा पहुंच सके।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान बूथ स्तर के साथ-साथ मोबाइल टीमों को भी सक्रिय किया गया है, जो घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाएंगी।
पोलियो उन्मूलन पर जोर
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों ने कहा कि भारत में पोलियो लगभग समाप्त हो चुका है, लेकिन दुनिया के कुछ देशों में अभी भी इसके मामले सामने आते हैं। ऐसे में सतर्कता बनाए रखना जरूरी है ताकि यह बीमारी दोबारा देश में न फैल सके।
उन्होंने कहा कि भारत को पोलियो मुक्त बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि हर बच्चा नियमित रूप से पोलियो की खुराक प्राप्त करे और किसी भी तरह की लापरवाही न हो।
स्वास्थ्य विभाग की अपील
जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम.एल. चोपड़ा ने सभी अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक की आयु के बच्चों को नजदीकी पोलियो बूथ पर अवश्य ले जाएं और उन्हें पोलियो की दो बूंद जीवन रक्षक दवा पिलवाएं।
उन्होंने कहा कि यह अभियान एक राष्ट्रीय जनस्वास्थ्य मिशन का हिस्सा है और इसे सफल बनाना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यदि सभी लोग सहयोग करें, तो पोलियो जैसी बीमारी को पूरी तरह समाप्त रखा जा सकता है।
उपस्थित रहे अधिकारी और कार्यकर्ता
पल्स पोलियो अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में डॉ. अकरम चौहान, आशा सुपरवाइजर मंजू, सुपरवाइजर बहादुर मेड़ा सहित कई स्वास्थ्य कार्यकर्ता और स्थानीय कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने अभियान को सफल बनाने में अपनी भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
निष्कर्ष
Jhaknawada में शुरू हुआ यह पल्स पोलियो अभियान बच्चों के स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। तीन दिनों तक चलने वाले इस अभियान के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। जनसहयोग और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों से इस अभियान को सफल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
