सर्वब्राह्मण समाज नागदा द्वारा 28 मेधावी विद्यार्थियों का भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह संपन्न
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट। 9179662633
Nagda में शिक्षा और संस्कार का भव्य उत्सव
Nagda जं. (निप्र) – सर्वब्राह्मण समाज, नागदा द्वारा मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने हेतु एक भव्य प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम एगॉशदीप स्कूल परिसर में सायं 5 बजे से प्रारंभ हुआ, जिसमें समाज के 28 मेधावी विद्यार्थियों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा समाज में शिक्षा और संस्कारों के महत्व को उजागर करना था। इस आयोजन में बड़ी संख्या में समाजजन, विद्यार्थी, अभिभावक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना से
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति से मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गई। इसके बाद रेखा उपाध्याय द्वारा सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय और आध्यात्मिक बना दिया।
मंच पर उपस्थित अतिथियों ने भी मां सरस्वती के समक्ष नमन कर शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का वातावरण शुरुआत से ही प्रेरणादायक और उत्साहपूर्ण रहा।
मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति
इस अवसर पर खाचरौद भारतीय जनता पार्टी मंडल अध्यक्ष मनीषा शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ समाजसेवी विजयप्रकाश मेहता, चंद्रशेखर दवे, रविकिशन पारीक, संयोजक गुलजारीलाल त्रिवेदी एवं आनंद दीक्षित मंचासीन रहे।
सभी अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम संयोजक पुरुषोत्तम पुरोहित द्वारा किया गया। उन्होंने स्वागत भाषण में कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए समाज में शिक्षा के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला।
अतिथियों के प्रेरक विचार और मार्गदर्शन
मुख्य अतिथि मनीषा शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के समय में शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा बच्चों को आगे तो बढ़ा रही है, लेकिन यदि संस्कार नहीं होंगे तो समाज में संतुलन प्रभावित हो सकता है।
चंद्रशेखर दवे ने विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत और लक्ष्य निर्धारण के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी प्राप्त करने का साधन नहीं है, बल्कि यह जीवन निर्माण का आधार है।
विजयप्रकाश मेहता ने सामाजिक मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में सामाजिक संबंधों में आ रही चुनौतियों को समझकर समाधान निकालना आवश्यक है। उन्होंने विवाह व्यवस्था और सामाजिक समरसता पर भी अपने विचार रखे।
मेधावी विद्यार्थियों का भव्य सम्मान
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान रहा। 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले कुल 28 विद्यार्थियों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया।
इनमें प्रमुख रूप से आकांक्षा शर्मा (गोल्ड मेडलिस्ट), क्षिप्रा शर्मा, तोनीष शर्मा, पूजा शर्मा, दिव्यांश उपाध्याय, तन्मय मेहता, ईशान अग्निहोत्री, मोनिका शर्मा, यशवी शर्मा, साक्षी शर्मा, पूर्वा त्रिवेदी, पर्णिका शर्मा, आयुषी त्रिवेदी, श्रद्धा शर्मा, रितिक जोशी, सजल राजावत, वंदना शर्मा, रिया शर्मा, अर्चित ठाकुर, निखिल शर्मा, जिया शर्मा, चंचल शर्मा, रुद्राक्ष शर्मा, भावन रावल, रीत शर्मा सहित सभी 28 विद्यार्थी शामिल रहे।
इन विद्यार्थियों को दुपट्टा, साफा और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। मंच पर सम्मान प्राप्त करते समय विद्यार्थियों के चेहरे पर गर्व और खुशी साफ झलक रही थी।
खेल और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों का सम्मान
सिर्फ शैक्षणिक ही नहीं बल्कि खेलकूद एवं अन्य प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। समाज ने ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस पहल से यह संदेश दिया गया कि प्रतिभा केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि खेल, सांस्कृतिक और अन्य क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले युवाओं को समान रूप से सम्मान मिलना चाहिए।
समाजसेवियों का भी हुआ विशेष सम्मान
कार्यक्रम में समाज के उन व्यक्तियों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने वर्षों से समाज सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
इनमें चंद्रशेखर दवे, पं. विजयप्रकाश मेहता, पं. अजय मेहता, पं. रविकिशन पारीक और पं. मांगीलाल पंड्या प्रमुख रहे।
चंद्रशेखर दवे को समाज की एकता, धर्मशाला निर्माण और संगठनात्मक कार्यों में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। विजयप्रकाश मेहता को 41 जोड़ों के निःशुल्क विवाह सम्मेलन के लिए सराहा गया। अजय पंड्या को वैदिक परंपराओं और कर्मकांडों के प्रचार के लिए सम्मान मिला। रविकिशन पारीक को मुक्तिधाम के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों के लिए तथा मांगीलाल पंड्या को भारतीय संस्कृति को जीवित रखने में योगदान हेतु सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम संचालन और व्यवस्था
कार्यक्रम का सफल संचालन सीमा सारस्वत द्वारा किया गया, जबकि आभार प्रदर्शन राकेश शर्मा ने किया।
पूरे आयोजन में अनुशासन और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया। अतिथियों और प्रतिभागियों के लिए उचित व्यवस्थाएं की गई थीं, जिससे कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हुआ।
समाजजन एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति
इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाजजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें सुनील त्रिवेदी, राजेश शर्मा, हेमंत तिवारी, मुरलीमनोहर पाराशर, दिनेश पुरोहित, सिद्धनाथ पाठक, संजय उपाध्याय, अरुण पोतदार, अनिल शुक्ला, देवेन्द्र नागर, राजेश भारद्वाज, राकेश दीक्षित, मधुसूदन भट्ट सहित अनेक लोग शामिल थे।
महिला सदस्यों की भी सक्रिय भागीदारी रही, जिन्होंने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिक्षा और संस्कार का संदेश देता आयोजन
यह प्रतिभा सम्मान समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह शिक्षा, संस्कार और सामाजिक एकता का संदेश देने वाला आयोजन था। वक्ताओं ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि समाज की प्रगति के लिए शिक्षा के साथ संस्कारों का संतुलन अत्यंत आवश्यक है।
समापन
कार्यक्रम का समापन सभी अतिथियों, आयोजकों और समाजजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। इस पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल अंकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण, संस्कार और समाज के विकास का आधार भी है। सर्वब्राह्मण समाज नागदा द्वारा आयोजित यह प्रतिभा सम्मान समारोह विद्यार्थियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक साबित हुआ। सम्मान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के चेहरों पर आत्मविश्वास और उत्साह स्पष्ट दिखाई दिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ऐसे आयोजन युवाओं में आगे बढ़ने की नई ऊर्जा भरते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अभिभावकों और समाजजनों ने भी इस पहल की सराहना की और इसे नियमित रूप से आयोजित करने की आवश्यकता बताई। अंत में सभी ने समाज की एकता, शिक्षा के प्रसार और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए सम्मान का अवसर था, बल्कि समाज के भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी साबित हुआ, जो आने वाले समय में और भी व्यापक प्रेरणा देगा।
