—Advertisement—

Moharram के अवसर पर धार जिले के मनावर तहसील के ग्राम सिघान में ताजिये का भव्य जुलूस: आस्था, परंपरा और सामाजिक सहभागिता की मिसाल

Author Picture
Published On: 26 June 2026
Moharram के अवसर पर धार जिले के मनावर तहसील के ग्राम सिघान में ताजिये का भव्य जुलूस: आस्था, परंपरा और सामाजिक सहभागिता की मिसाल

—Advertisement—

Moharram के अवसर पर धार जिले के मनावर तहसील के ग्राम सिघान में ताजिये का भव्य जुलूस: आस्था, परंपरा और सामाजिक सहभागिता की मिसाल 

धार जिले की मनावर तहसील अंतर्गत ग्राम सिघान में Moharram की 9वीं और 10वीं तारीख के अवसर पर पारंपरिक ताजिये का जुलूस बड़े ही हर्ष, श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाला गया। यह आयोजन हर वर्ष की तरह इस बार भी धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है।

ग्राम सिघान में मोहर्रम का यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समुदाय की सामूहिक भावनाओं, श्रद्धा और ऐतिहासिक परंपराओं का जीवंत प्रतीक माना जाता है। इस दौरान गांव का वातावरण पूरी तरह धार्मिक रंग में रंगा नजर आया।

ताजियों की तैयारी और परंपरा

मोहर्रम की 9वीं तारीख तक ताजिये पूरी तरह तैयार कर लिए जाते हैं। स्थानीय लोग अपने-अपने स्थानों पर पारंपरिक तरीके से ताजियों का निर्माण करते हैं, जिनमें धार्मिक भावनाओं और कलात्मकता का विशेष समावेश होता है।

ताजियों की सजावट में रंग-बिरंगे कागज, रोशनी और पारंपरिक डिजाइन का उपयोग किया जाता है, जिससे वे अत्यंत आकर्षक दिखाई देते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और पीढ़ी दर पीढ़ी इसे आगे बढ़ाया जा रहा है।

जुलूस की भव्य शुरुआत

मोहर्रम के दिन ताजियों का जुलूस बैंड-बाजों, ढोल-नगाड़ों और धार्मिक गीतों के साथ निकाला गया। इस दौरान इमाम हुसैन की याद में कव्वालियां और नातें प्रस्तुत की गईं, जिससे पूरा वातावरण भावनात्मक और आध्यात्मिक बन गया।

जुलूस मुख्य मार्गों से गुजरता हुआ अपने निर्धारित स्थान पर वापस पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, युवा, बुजुर्ग, बच्चे और महिलाएं शामिल हुए, जिससे यह आयोजन और भी भव्य और जनसहभागिता वाला बन गया।

महिलाओं और बच्चों की भागीदारी

इस जुलूस की एक विशेष बात यह रही कि इसमें महिलाओं और बच्चों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। महिलाएं और बच्चे पूरे उत्साह के साथ जुलूस में शामिल हुए, जो सामाजिक एकता और पारिवारिक सहभागिता को दर्शाता है।

हालांकि हर वर्ष देखा जाता है कि जुलूस के दौरान पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी एक समस्या बन जाती है, लेकिन इस बार आयोजन समिति द्वारा पीने के पानी की विशेष व्यवस्था की गई, जिससे प्रतिभागियों को काफी राहत मिली।

सामाजिक व्यवस्था और प्रशासनिक सहयोग

इस आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो, इसके लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

सिघान चौकी प्रभारी सहित स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे कार्यक्रम पर निगरानी रखी, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पंचायत और स्थानीय कमेटी के सदस्यों ने भी आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सक्रिय भूमिका निभाई।

दूसरे दिन का जुलूस और परंपरा

मोहर्रम की 10वीं तारीख को भी ताजियों का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस झंडा चौक से शुरू होकर गांव के मुख्य मार्गों से होता हुआ वापस अपने स्थान पर समाप्त हुआ।

यह परंपरा इस बात का प्रतीक है कि मोहर्रम केवल शोक का पर्व नहीं, बल्कि बलिदान, धैर्य और इंसानियत के संदेश को आगे बढ़ाने का माध्यम भी है।

सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व

मोहर्रम का यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। इसमें विभिन्न समुदायों के लोग एक साथ मिलकर भाग लेते हैं, जिससे आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश मजबूत होता है।

इमाम हुसैन के बलिदान की याद में मनाया जाने वाला यह पर्व लोगों को सत्य, न्याय और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

स्थानीय लोगों की भूमिका

ग्राम सिघान के स्थानीय लोगों ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आयोजन समिति के सदस्यों, जैसे निसार खान, बरकत खान, मनजर खान, अकरम खान, चिनटु खान सहित अन्य लोगों ने व्यवस्था संभाली।

स्थानीय नागरिकों ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और इसे शांतिपूर्ण एवं सफल बनाने में सहयोग दिया।

निष्कर्ष

ग्राम सिघान में मोहर्रम के अवसर पर निकला यह ताजिया जुलूस धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत उदाहरण है। प्रशासन, आयोजन समिति और स्थानीय लोगों के सहयोग से यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और भव्य रूप से संपन्न हुआ।

यह आयोजन न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि समाज में भाईचारे, शांति और आपसी सहयोग का संदेश भी देता है, जो आज के समय में और भी अधिक प्रासंगिक हो जाता है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp