Jantar Mantar पर प्रदर्शन के दौरान झड़प, कॉकरोच जनता पार्टी ने कार्यकर्ता पर हमले का लगाया आरोप
दिल्ली के Jantar Mantar पर विरोध प्रदर्शन कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने आरोप लगाया है कि उनके एक कार्यकर्ता पर हमला किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पार्टी का कहना है कि यह हमला सुनियोजित तरीके से किया गया है और इसका उद्देश्य प्रदर्शन को डराना और दबाव बनाना था।
घटना के बाद संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके और प्रवक्ता सौरभ दास ने दिल्ली पुलिस से मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि पुलिस ने अब तक केवल एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जबकि इस हमले में करीब 15 लोग शामिल थे।
पीड़ित की बेटी का वीडियो वायरल
इस घटना के बाद घायल कार्यकर्ता की बेटी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उसने दावा किया है कि कुछ लोगों ने पहले उसे सड़क पर घेर लिया और जब उसके पिता ने उसे बचाने की कोशिश की, तो उन पर लोहे की रॉड से हमला किया गया।
परिवार का कहना है कि यह हमला अचानक और बेहद हिंसक था, जिसमें पीड़ित के सिर पर गंभीर चोट आई है।
SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने मांग की है कि इस मामले में SC/ST एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया जाए। उनका कहना है कि पीड़ित को गंभीर चोटें आई हैं, लेकिन पुलिस ने इसे हल्की चोट के रूप में दर्ज किया है, जो गलत है।
पार्टी का आरोप है कि हमले और सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, जिससे कार्यकर्ताओं में असुरक्षा का माहौल बन रहा है।
‘डर का माहौल बनाने की कोशिश’ का आरोप
सौरभ दास ने कहा कि यह हमला केवल एक व्यक्ति पर नहीं, बल्कि पूरे प्रदर्शन आंदोलन को दबाने की कोशिश है। उनका आरोप है कि हमलावरों का मकसद जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध को असुरक्षित बनाना और प्रदर्शनकारियों में भय पैदा करना था।
उन्होंने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट में चोट को गंभीर बताया गया है, लेकिन पुलिस रिकॉर्ड में इसे मामूली चोट दिखाया गया है, जो जांच का विषय है।
पुलिस से सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
संगठन के संस्थापक अभिजीत दिपके ने मांग की है कि हमले में शामिल सभी लोगों की पहचान कर तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उनका कहना है कि घटना में लगभग 15 लोग शामिल थे, लेकिन फिलहाल केवल एक गिरफ्तारी हुई है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस इस मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखा रही है।
प्रदर्शन जारी रखने की घोषणा
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने साफ तौर पर ऐलान किया है कि उनका विरोध प्रदर्शन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में इस्तीफा नहीं दे देते। संगठन का कहना है कि यह आंदोलन केवल एक मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा है।
प्रवक्ताओं के अनुसार, जब तक इस मामले में जिम्मेदारी तय नहीं होती और सरकार की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक जंतर-मंतर सहित अन्य स्थानों पर प्रदर्शन जारी रहेगा। पार्टी ने आरोप लगाया कि बार-बार उठाए जा रहे सवालों के बावजूद अब तक किसी बड़े स्तर पर सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए हैं।
CJP का दावा है कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण रहेगा, लेकिन वे अपनी मांगों पर अडिग रहेंगे। संगठन ने कहा कि छात्रों के हितों की अनदेखी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी और जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
निष्कर्ष
जंतर-मंतर की यह घटना एक बार फिर देश के प्रमुख प्रदर्शन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। ऐसे स्थानों पर अक्सर विभिन्न संगठनों और समूहों द्वारा शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किए जाते हैं, लेकिन कई बार तनावपूर्ण परिस्थितियां भी देखने को मिलती हैं, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर चर्चा शुरू हो जाती है।
फिलहाल इस मामले की जांच दिल्ली पुलिस द्वारा की जा रही है और सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े तथ्यों को इकट्ठा किया जा रहा है और गवाहों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। वहीं, इस पूरे मामले में दोनों पक्ष अपने-अपने दावे कर रहे हैं, जिससे स्थिति और अधिक जटिल बन गई है।
प्रदर्शनकारी संगठन जहां इसे सुनियोजित हमला बता रहा है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
