Sanwer में 220 केवी पावर ग्रिड में भीषण आग, धमाकों से दहला इलाका, करोड़ों का नुकसान
जैतपुरा पहाड़ी स्थित ग्रिड में देर रात बड़ा हादसा
इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र में Sanwer-उज्जैन हाईवे पर जैतपुरा पहाड़ी के पास स्थित 220 केवी विद्युत पावर ग्रिड में बुधवार देर रात भीषण आग लग गई। इस हादसे के दौरान कई तेज धमाके हुए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। आग इतनी भयानक थी कि कुछ ही मिनटों में पूरी यूनिट उसकी चपेट में आ गई और करोड़ों रुपए के उपकरण जलकर खाक हो गए।
जोरदार धमाकों से दहला पूरा क्षेत्र
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब 11 बजे अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी, जिसे आसपास के गांवों धरमपुरी और अन्य क्षेत्रों में साफ सुना गया। इसके कुछ ही क्षणों बाद जैतपुरा पहाड़ी की ओर से ऊंची-ऊंची लपटें और घना धुआं उठता दिखाई दिया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आग लगने के बाद ट्रांसफार्मर में हुए विस्फोटों की आवाजें लगातार आती रहीं, जिससे पूरा इलाका दहशत में आ गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत प्रशासन को सूचना दी गई।
160 एमवी ट्रांसफार्मर पूरी तरह नष्ट
आग का सबसे ज्यादा असर 160 एमवी क्षमता के पावर ट्रांसफार्मर पर पड़ा, जो पूरी तरह से जलकर नष्ट हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार इस ट्रांसफार्मर की कीमत 5 करोड़ रुपए से अधिक बताई जा रही है।
इसके अलावा ग्रिड में लगे कई अन्य विद्युत उपकरण भी आग की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। तेज गर्मी और विस्फोटों के कारण आसपास लगे लोहे के तार तक पिघल गए, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।
ऑयल लीक से बढ़ी आग की तीव्रता
जानकारी के अनुसार, ट्रांसफार्मर में आग लगने के बाद उसमें विस्फोट हुआ, जिससे भारी मात्रा में ऑयल बाहर फैल गया। इस तेल ने आग को और भी तेजी से फैलाने का काम किया, जिसके चलते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया।
आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थीं। धुएं का घना गुबार पूरे आसमान में फैल गया और आसपास के गांवों में अफरा-तफरी मच गई।
दमकल और राहत दल ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही बिजली कंपनी के अधिकारी, पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमें तुरंत मौके के लिए रवाना हुईं। इंदौर से कई दमकल वाहन और पानी के टैंकर बुलाए गए ताकि आग पर काबू पाया जा सके।
आग बुझाने के लिए पानी के साथ-साथ रेत और बालू का भी उपयोग किया गया, क्योंकि ट्रांसफार्मर में मौजूद ऑयल के कारण आग बार-बार भड़क रही थी। दमकल कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी और करीब तीन घंटे से अधिक समय तक लगातार प्रयासों के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।
करोड़ों का नुकसान, लेकिन बिजली आपूर्ति जारी
इस भीषण हादसे में शुरुआती अनुमान के अनुसार करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। 160 एमवी ट्रांसफार्मर के अलावा अन्य कई महंगे विद्युत उपकरण पूरी तरह नष्ट हो गए हैं।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस हादसे के बावजूद क्षेत्र की बिजली आपूर्ति प्रभावित नहीं हुई। बिजली कंपनी ने तुरंत वैकल्पिक फीडरों की मदद से लाइन को जोड़कर सप्लाई को जारी रखा, जिससे लंबे समय तक बिजली संकट की स्थिति नहीं बनी।
कारणों की जांच शुरू
हादसे के बाद बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। इंदौर ग्रामीण के अधीक्षण यंत्री डी.एन. शर्मा सहित तकनीकी टीम ने घटना की जांच शुरू कर दी है।
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि यह हादसा तकनीकी खराबी या ट्रांसफार्मर में आए आंतरिक फॉल्ट के कारण हुआ हो सकता है। हालांकि, वास्तविक कारण का पता विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
ग्रामीणों में दहशत का माहौल
इस घटना के बाद पूरे सांवेर और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया है। लोग देर रात तक धमाकों और आग की लपटों से सहमे रहे। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस तरह की घटना पहले कभी नहीं देखी गई थी।
निष्कर्ष
Sanwer में 220 केवी पावर ग्रिड में लगी भीषण आग ने न केवल करोड़ों का नुकसान किया, बल्कि पूरे क्षेत्र को दहला दिया। हालांकि दमकल और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया, लेकिन इस घटना ने विद्युत सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच रिपोर्ट से ही यह स्पष्ट होगा कि यह हादसा तकनीकी खामी था या किसी अन्य कारण से हुआ।
