सड़क सुरक्षा समिति बैठक Jhabua में कलेक्टर डॉ. योगेश भरसट ने सड़क दुर्घटनाओं में 50% कमी लाने का लक्ष्य तय किया। अवैध कट बंद करने, हेलमेट जांच और संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
सड़क सुरक्षा समिति बैठक Jhabua: 50% दुर्घटनाएं कम करने के लिए प्रशासन का बड़ा अभियान
रिपोर्ट: मनीष कुमट Jhabua
झाबुआ। सड़क सुरक्षा समिति बैठक Jhabua में कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं में 50 प्रतिशत तक कमी लाने के लक्ष्य के साथ प्रभावी कार्यवाही की जाए। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा, प्रवर्तन कार्यवाही, जन-जागरूकता कार्यक्रमों और प्रधानमंत्री कैशलेस उपचार योजना की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
मई माह में 107 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज
सड़क सुरक्षा समिति बैठक Jhabua में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में जिले में सड़क दुर्घटनाओं के 107 प्रकरण दर्ज किए गए। इन दुर्घटनाओं में 20 लोगों की मौत हुई जबकि 137 लोग घायल हुए।अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में दुर्घटनाओं में लगभग 8 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। कलेक्टर डॉ. योगेश भरसट ने इस उपलब्धि को सकारात्मक बताते हुए कहा कि आने वाले समय में दुर्घटनाओं को 50 प्रतिशत तक कम करने के लिए और अधिक गंभीर प्रयास किए जाएं।
अवैध कटों से बढ़ रहे हादसे, तत्काल बंद करने के निर्देश
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों और अन्य प्रमुख सड़कों पर बने अवैध कटों को दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण बताया गया।कलेक्टर डॉ. योगेश भरसट ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सभी अवैध कटों का चिन्हांकन कर निर्माण एजेंसियों के माध्यम से उन्हें तत्काल बंद कराया जाए।उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर सुधारात्मक कदम उठाना आवश्यक है।
14 हजार से अधिक वाहनों पर चालानी कार्रवाई
सड़क सुरक्षा समिति बैठक Jhabua में बताया गया कि जनवरी 2026 से अब तक जिले में कुल 14,143 वाहनों पर चालानी कार्रवाई की गई है।इनमें जून माह में ही 1,931 चालान बनाए गए।
हेलमेट नहीं पहनने वालों पर कार्रवाई
बिना हेलमेट वाहन चलाने वाले 1,146 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
परिवहन विभाग की कार्रवाई
जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती कृतिका मोहटा द्वारा पिछले तीन माह में 3,465 चालानी कार्रवाई की गई।
संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश
कलेक्टर ने पुलिस विभाग और परिवहन विभाग को निर्देशित किया कि सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिए सप्ताह में कम से कम एक बार संयुक्त प्रवर्तन अभियान चलाया जाए।विशेष रूप से निम्न मामलों पर कार्रवाई बढ़ाने को कहा गया—
- बिना हेलमेट वाहन संचालन
- मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग
- ओवरस्पीडिंग
- ओवरलोडिंग
- यातायात नियमों का उल्लंघन
उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सख्त प्रवर्तन और जनजागरूकता दोनों जरूरी हैं।
स्कूलों में चलेंगे सड़क सुरक्षा अभियान
सड़क सुरक्षा समिति बैठक झाबुआ में कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि जिले के सभी स्कूलों में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।इसके अंतर्गत—
- निबंध प्रतियोगिता
- भाषण प्रतियोगिता
- चित्रकला प्रतियोगिता
- सड़क सुरक्षा शपथ कार्यक्रम
आयोजित किए जाएंगे।कलेक्टर ने कहा कि बच्चों के माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है।
प्रधानमंत्री कैशलेस उपचार योजना की समीक्षा
बैठक में प्रधानमंत्री कैशलेस उपचार योजना की भी समीक्षा की गई।अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत 34 प्रकरण दर्ज हैं।कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी क्लेम का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए और सड़क दुर्घटना में घायल प्रत्येक पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ दिलाया जाए।उन्होंने कहा कि दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति को तत्काल और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।
बैठक में मौजूद रहे ये अधिकारी
बैठक में पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र पाटीदार, वनमंडलाधिकारी भरत सोलंकी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जितेन्द्र सिंह चौहान, अपर कलेक्टर सी.एस. सोलंकी, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ महेश मंडलोई, जिला परिवहन अधिकारी श्रीमती कृतिका मोहटा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।वहीं पेटलावद, थांदला और मेघनगर के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
सड़क सुरक्षा समिति बैठक झाबुआ का मुख्य संदेश
कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने स्पष्ट किया कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए विभागीय समन्वय, सख्त प्रवर्तन, अवैध कटों को बंद करना, हेलमेट अनिवार्यता और जन-जागरूकता कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर लागू किया जाएगा।जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों की जान बचाना और दुर्घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाना है।
