मध्य प्रदेश में सुरक्षा मानकों पर बड़ी कार्रवाई: Indore, भोपाल, ग्वालियर और शिवपुरी में कोचिंग सेंटरों पर छापेमारी, कई संस्थान सील
लखनऊ में हुए कोचिंग अग्निकांड के बाद मध्य प्रदेश में भी कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने बड़ा अभियान शुरू किया है। राज्य के विभिन्न शहरों—Indore, भोपाल, ग्वालियर और शिवपुरी—में फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों की जांच तेज कर दी गई है। इस अभियान के दौरान कई संस्थानों में गंभीर खामियां सामने आई हैं, जिसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए कई कोचिंग सेंटरों को सील कर दिया है।
Indore में 18 कोचिंग सेंटर और अन्य संस्थान सील
Indore में प्रशासनिक टीम ने व्यापक जांच अभियान चलाते हुए कुल 23 संस्थानों पर कार्रवाई की है। इनमें 18 कोचिंग और लाइब्रेरी सेंटर शामिल हैं, जबकि 5 होटल, रेस्टोरेंट और कार्यालय भी सुरक्षा मानकों का पालन न करने के कारण सील किए गए हैं।
जांच के दौरान वेदा बिजनेस पार्क, अपोलो एवेन्यू, अपोलो आर्केड और भंवरकुआं क्षेत्र के कई व्यावसायिक परिसरों में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। निरीक्षण में पाया गया कि कई भवनों में फायर सिस्टम या तो खराब पड़े थे या फिर उनका नियमित रखरखाव नहीं किया गया था।
गीता भवन क्षेत्र स्थित कुछ कोचिंग सेंटरों में इमरजेंसी एग्जिट बंद पाए गए, जो किसी भी आपात स्थिति में गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा रामानुजन, आयाम, इकरथ और अन्य कोचिंग संस्थानों को भी अस्थायी रूप से सील किया गया है।
भोपाल में वेंटिलेशन और इमरजेंसी एग्जिट की कमी
राजधानी भोपाल में भी फायर विभाग की टीम ने कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर वेंटिलेशन सिस्टम की कमी पाई गई। इसके अलावा इमरजेंसी एग्जिट गेट भी मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
अधिकारियों के अनुसार, कई बहुमंजिला इमारतों में आपातकालीन निकासी मार्ग या तो बंद थे या ठीक तरह से बनाए ही नहीं गए थे, जिससे आग या किसी अन्य दुर्घटना की स्थिति में बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है।
ग्वालियर में चौंकाने वाला खुलासा
ग्वालियर में प्रशासन की जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। शहर के 1050 से अधिक कोचिंग सेंटरों में से केवल 4 संस्थानों के पास ही फायर सेफ्टी से संबंधित वैध एनओसी और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम पाए गए हैं।
यह स्थिति प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि इतने बड़े पैमाने पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी छात्रों की जान के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
शिवपुरी में 12 कोचिंग सेंटर सील
शिवपुरी में भी प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 12 कोचिंग संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। इन सभी संस्थानों में फायर एनओसी और जरूरी सुरक्षा उपकरणों की कमी पाई गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक ये संस्थान सभी मानकों को पूरा नहीं करते, तब तक इन्हें संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।
Indore में चलाया गया ‘ऑपरेशन कोचिंग’
Indore में एसडीएम घनश्याम धनगर के नेतृत्व में ‘ऑपरेशन कोचिंग सेंटर’ नाम से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य शहर के सभी शैक्षणिक और व्यावसायिक भवनों में सुरक्षा व्यवस्था की जांच करना है।
अधिकारियों ने बताया कि जिन भवनों में कोचिंग के साथ अन्य व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित हो रही हैं और वहां सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। अब तक कई रेस्टोरेंट, कार्यालय और अन्य संस्थानों को भी सील किया गया है।
इमरजेंसी एग्जिट और फायर सिस्टम में गंभीर खामियां
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि कई बहुमंजिला भवनों में इमरजेंसी एग्जिट गेट या तो बंद थे या फिर उनका उपयोग अवरुद्ध किया गया था। फायर सिस्टम कई जगहों पर काम नहीं कर रहे थे या लंबे समय से उनकी मरम्मत नहीं की गई थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसी लापरवाही किसी भी बड़े हादसे की स्थिति में जानमाल के भारी नुकसान का कारण बन सकती है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए फायर सेफ्टी और भवन सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।
अधिकारियों ने यह भी कहा है कि सभी कोचिंग और व्यावसायिक संस्थानों को निर्धारित मानकों के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी, अन्यथा उन्हें बंद कर दिया जाएगा।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश में चलाया जा रहा यह सुरक्षा अभियान शैक्षणिक संस्थानों में सुरक्षा मानकों को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और शिवपुरी में हुई कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि प्रशासन अब किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।
