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इंदौर मेट्रो को मिली नई रफ्तार: Khajrana चौराहा से रेलवे स्टेशन तक अंडरग्राउंड रूट के टेंडर जल्द होंगे जारी

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Published On: 23 June 2026
इंदौर मेट्रो को मिली नई रफ्तार: Khajrana चौराहा से रेलवे स्टेशन तक अंडरग्राउंड रूट के टेंडर जल्द होंगे जारी

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इंदौर मेट्रो को मिली नई रफ्तार: Khajrana चौराहा से रेलवे स्टेशन तक अंडरग्राउंड रूट के टेंडर जल्द होंगे जारी

कैबिनेट की मंजूरी के बाद परियोजना ने पकड़ी गति

इंदौर मेट्रो परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। हाल ही में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में मेट्रो परियोजना की बढ़ी हुई लागत को मंजूरी दे दी गई है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में की गई घोषणा के अनुरूप Khajrana चौराहा से रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो रूट के लिए जल्द ही ऑनलाइन टेंडर जारी किए जाएंगे। इस निर्णय के बाद लंबे समय से प्रतीक्षित इस परियोजना के अगले चरण का रास्ता साफ हो गया है।

मेट्रो कॉर्पोरेशन ने सर्वेक्षण, तकनीकी अध्ययन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं लगभग पूरी कर ली हैं। अब टेंडर प्रक्रिया शुरू होते ही निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है। यह रूट पहले एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में प्रस्तावित था, लेकिन बाद में शहर की यातायात व्यवस्था, घनी आबादी और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए इसे अंडरग्राउंड बनाने पर सहमति बनी।

5 हजार करोड़ रुपये से अधिक बढ़ी परियोजना की लागत

इंदौर मेट्रो परियोजना की कुल लागत में समय के साथ काफी वृद्धि हुई है। प्रारंभिक अनुमान की तुलना में अब परियोजना की लागत 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक बढ़ चुकी है। वर्तमान में इसकी कुल लागत 19 हजार करोड़ रुपये के पार पहुंच गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना में हुई देरी, डिजाइन में बदलाव, निर्माण सामग्री की बढ़ती कीमतें और अंडरग्राउंड रूट को शामिल करने जैसे कारणों से लागत में यह वृद्धि हुई है। हालांकि सरकार का मानना है कि शहर के दीर्घकालिक विकास और बेहतर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था के लिए यह निवेश आवश्यक है।

अंडरग्राउंड रूट को लेकर डेढ़ साल तक चली प्रक्रिया

मेट्रो परियोजना में सबसे बड़ा बदलाव खजराना चौराहा से रेलवे स्टेशन तक के हिस्से को लेकर हुआ। प्रारंभिक योजना के तहत इस रूट को एलिवेटेड बनाया जाना था, लेकिन बाद में विभिन्न तकनीकी और शहरी विकास संबंधी पहलुओं पर विचार करने के बाद इसे अंडरग्राउंड करने का निर्णय लिया गया।

इस बदलाव के कारण सर्वेक्षण, डिजाइन, तकनीकी स्वीकृतियों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में लगभग डेढ़ साल का समय लग गया। अब मुख्यमंत्री की मंजूरी और कैबिनेट की स्वीकृति के बाद इस हिस्से का निर्माण कार्य आगे बढ़ाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

जल्द जारी होंगे ऑनलाइन टेंडर

मेट्रो कॉर्पोरेशन के अधिकारियों के अनुसार अंडरग्राउंड रूट के लिए आवश्यक तकनीकी दस्तावेज तैयार किए जा चुके हैं। पीटीआई और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं। जैसे ही औपचारिकताएं पूरी होंगी, ऑनलाइन टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।

टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा और इसके बाद अंडरग्राउंड कॉरिडोर का निर्माण कार्य शुरू होगा। यह हिस्सा इंदौर मेट्रो परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण भाग माना जा रहा है।

रेडिसन चौराहा तक मेट्रो संचालन का इंतजार

दूसरी ओर गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक लगभग 17.5 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर पर मेट्रो संचालन शुरू करने की तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं। 20 जून को इस खंड का लोकार्पण प्रस्तावित था, लेकिन अंतिम समय में कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया।

अब प्रयास किए जा रहे हैं कि इस कॉरिडोर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों कराया जाए। इसी कारण उद्घाटन कार्यक्रम की नई तारीख का इंतजार किया जा रहा है।

मेट्रो सुरक्षा आयुक्त की अनुमति समाप्त होने की स्थिति

मेट्रो संचालन के लिए मेट्रो सुरक्षा आयुक्त द्वारा दी गई व्यावसायिक संचालन की अनुमति 24 जून को समाप्त हो रही है। चूंकि निर्धारित समय में यात्री सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं, इसलिए अब मेट्रो कॉर्पोरेशन को नए सिरे से अनुमति प्राप्त करनी होगी।

नियमों के अनुसार सुरक्षा मंजूरी की अवधि समाप्त होने के बाद दोबारा निरीक्षण और आवश्यक औपचारिकताओं की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। इसके बाद ही यात्रियों के लिए मेट्रो सेवा शुरू की जा सकेगी।

एयरपोर्ट कॉरिडोर को लेकर विवाद और कानूनी अड़चनें

मेट्रो परियोजना के कुछ हिस्सों में स्थानीय विरोध और कानूनी चुनौतियां भी सामने आई हैं। एयरपोर्ट की ओर जाने वाले कॉरिडोर के निर्माण के दौरान क्षेत्र के रहवासियों और दुकानदारों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं।

इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की गई है। न्यायालय के निर्देश पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने प्रभावित पक्षों की आपत्तियां सुनने के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। इस निर्णय का असर परियोजना की गति पर पड़ सकता है।

Robot चौराहा से Khajrana तक निर्माण जारी

फिलहाल रोबोट चौराहा से खजराना क्षेत्र तक एलिवेटेड कॉरिडोर के विस्तार का कार्य जारी है। निर्माण एजेंसियां निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने का प्रयास कर रही हैं।

यह हिस्सा शहर के प्रमुख यातायात मार्गों में शामिल है और इसके पूरा होने के बाद शहर के दक्षिणी हिस्सों को मेट्रो नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

यात्रियों की संख्या बढ़ाने की चुनौती

इंदौर मेट्रो के पहले चरण में गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर के स्टेशन-3 तक व्यावसायिक संचालन लगभग एक वर्ष पहले शुरू किया गया था। हालांकि इस रूट पर यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे मेट्रो नेटवर्क का विस्तार होगा और प्रमुख व्यावसायिक तथा आवासीय क्षेत्रों को जोड़ा जाएगा, यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि होगी। रेडिसन चौराहा तक संचालन शुरू होने के बाद मेट्रो को अधिक यात्री मिलने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री से लोकार्पण कराने की तैयारी

मेट्रो परियोजना से जुड़े सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार और मेट्रो कॉर्पोरेशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नए विस्तारित कॉरिडोर का लोकार्पण कराने के प्रयास कर रहे हैं। यदि ऐसा होता है तो इंदौर मेट्रो के विकास को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया जा सकेगा।

प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की उपलब्धता के अनुसार उद्घाटन की नई तारीख तय की जाएगी। इसके बाद रेडिसन चौराहा तक यात्री सेवाएं शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा।

शहर की यातायात व्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव

इंदौर मेट्रो परियोजना को शहर की बढ़ती आबादी और यातायात दबाव को देखते हुए विकसित किया जा रहा है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। इससे सड़क यातायात का दबाव कम होगा, प्रदूषण में कमी आएगी और यात्रियों को तेज, सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा का विकल्प मिलेगा।

खजराना चौराहा से रेलवे स्टेशन तक अंडरग्राउंड रूट और अन्य प्रस्तावित कॉरिडोर पूरे होने के बाद इंदौर देश के आधुनिक मेट्रो शहरों की सूची में और मजबूती से अपनी जगह बना सकेगा।

निष्कर्ष

इंदौर मेट्रो परियोजना का अंडरग्राउंड विस्तार शहर के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने और टेंडर प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही परियोजना को नई गति मिली है। हालांकि लागत वृद्धि, कानूनी चुनौतियां और प्रशासनिक प्रक्रियाएं अभी भी कुछ बाधाएं बनी हुई हैं, लेकिन सरकार और मेट्रो कॉर्पोरेशन का दावा है कि आने वाले वर्षों में इंदौर को एक आधुनिक और व्यापक मेट्रो नेटवर्क का लाभ मिलेगा।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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