—Advertisement—

Ujjain में गूंजा जय श्री महाकाल का जयघोष, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Author Picture
Published On: 23 June 2026
Ujjain
— उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब। झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के बीच बाबा महाकाल ने भक्तों को दिए दिव्य दर्शन।

—Advertisement—

Ujjain में गूंजा जय श्री महाकाल का जयघोष, भस्म आरती में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

Ujjain स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में मंगलवार को ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की नवमी के अवसर पर आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। सुबह चार बजे होने वाली भस्म आरती में शामिल होने के लिए हजारों श्रद्धालु देर रात से ही मंदिर परिसर पहुंचने लगे थे। बाबा महाकाल के दर्शन की इच्छा लेकर आए श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े रहे और जैसे ही मंदिर के पट खुले, पूरा परिसर “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा।

सुबह चार बजे जागे बाबा महाकाल

परंपरा के अनुसार बाबा महाकाल को सुबह चार बजे जागृत किया गया। मंदिर के पट खुलने के बाद सबसे पहले वीरभद्र जी से आज्ञा ली गई और फिर गर्भगृह में विराजित सभी देवी-देवताओं का विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया। इस दौरान मंदिर में वैदिक मंत्रों का उच्चारण और धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम जारी रहा।

पंचामृत और फलों के रस से हुआ विशेष अभिषेक

Ujjain महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा के अनुसार, भगवान महाकाल का विशेष अभिषेक जल, दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और विभिन्न फलों के रसों से किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह अभिषेक भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माना जाता है। अभिषेक के दौरान श्रद्धालु मंत्रोच्चार के बीच इस दिव्य अनुष्ठान के साक्षी बने।

घंटाल की ध्वनि के साथ शुरू हुआ पूजन

पूजन प्रक्रिया की शुरुआत घंटाल बजाकर हरि-ओम का जल अर्पित करने से हुई। इसके बाद पुजारियों और पुरोहितों ने बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार किया। कपूर आरती के पश्चात भगवान को नवीन मुकुट धारण कराया गया। इस दिव्य श्रृंगार ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया और गर्भगृह का दृश्य अत्यंत आकर्षक दिखाई दिया।

त्रिपुंड, चंद्रमा और त्रिनेत्र से सजा बाबा का स्वरूप

आज के विशेष श्रृंगार की खास बात यह रही कि बाबा महाकाल को पूजन सामग्री से अलंकृत किया गया। उनके मस्तक पर त्रिपुंड सजाया गया तथा चंद्रमा और त्रिनेत्र से दिव्य स्वरूप प्रदान किया गया। श्रृंगार के बाद भगवान का अलौकिक रूप देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।

Ujjain भस्म अर्पण के बाद हुई भव्य भस्म आरती

श्रृंगार पूर्ण होने के बाद महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से भगवान महाकाल के शिवलिंग पर पवित्र भस्म अर्पित की गई। इसके पश्चात झांझ-मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद की गूंज के बीच भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु भक्तिभाव से आरती में शामिल हुए और भगवान महाकाल का आशीर्वाद प्राप्त किया।

शंखनाद और जयघोष से भक्तिमय हुआ वातावरण

Ujjain भस्म आरती के दौरान मंदिर में शंखनाद की मधुर ध्वनि, झांझ-मंजीरों की ताल और ढोल-नगाड़ों की गूंज ने वातावरण को पूरी तरह शिवमय बना दिया। श्रद्धालुओं द्वारा लगाए जा रहे “जय श्री Mahakal” और “हर-हर महादेव” के जयघोषों से पूरा परिसर भक्तिरस में डूब गया। कई श्रद्धालुओं ने इसे जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया।

Ujjain भस्म आरती की विशेष धार्मिक मान्यता

महाकाल मंदिर की भस्म आरती विश्वभर में प्रसिद्ध है। धार्मिक मान्यता है कि भस्म अर्पित किए जाने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। यही कारण है कि देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आरती में शामिल होने के लिए उज्जैन पहुंचते हैं। इसे भगवान शिव की सबसे अनूठी और दिव्य आरतियों में से एक माना जाता है।

देशभर से पहुंचे श्रद्धालु

मंगलवार को मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। कई भक्त देर रात से ही मंदिर परिसर में पहुंच गए थे ताकि उन्हें भस्म आरती में शामिल होने और नजदीक से दर्शन का अवसर मिल सके। श्रद्धालुओं का कहना था कि बाबा महाकाल के दर्शन से उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है।

जानिए महाकालेश्वर मंदिर में आरतियों का समय

मंदिर प्रशासन द्वारा जारी समय-सारणी के अनुसार—

  • भस्म आरती : सुबह 4:00 बजे से 6:00 बजे तक
  • दद्योदक आरती : सुबह 7:00 बजे से 7:45 बजे तक
  • भोग आरती : सुबह 10:00 बजे से 10:45 बजे तक
  • संध्या पूजन : शाम 5:00 बजे से 5:45 बजे तक
  • संध्या आरती : शाम 7:00 बजे से 7:45 बजे तक
  • शयन आरती : रात 10:30 बजे से 11:00 बजे तक
शरद पूर्णिमा तक लागू रहेगा नया समय

मंदिर प्रशासन के अनुसार आरतियों के समय में किया गया यह परिवर्तन आश्विन मास की पूर्णिमा यानी शरद पूर्णिमा तक प्रभावी रहेगा। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे दर्शन और आरती में शामिल होने से पहले समय की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें।

आस्था का केंद्र बना महाकाल मंदिर

Ujjain भस्म आरती के दौरान उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ और गूंजते जयघोषों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि उज्जैन का श्री महाकालेश्वर मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन और भव्य भस्म आरती ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया और पूरा वातावरण शिवमय हो उठा।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp