—Advertisement—

Anjana Group of Institutions में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य एवं प्रेरणादायक आयोजन

Author Picture
Published On: 22 June 2026
Anjana Group of Institutions में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य एवं प्रेरणादायक आयोजन

—Advertisement—

Anjana Group of Institutions में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का भव्य एवं प्रेरणादायक आयोजन

योग दिवस पर संस्थान में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल

Anjana Group of Institutions में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक भव्य, अनुशासित और प्रेरणादायक योग कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर संस्थान के प्रबंधन, विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं समस्त स्टाफ सदस्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के महत्व को आत्मसात किया।

सुबह से ही संस्थान परिसर में एक अलग ही प्रकार की सकारात्मक ऊर्जा और उत्साह का वातावरण देखने को मिला। सभी प्रतिभागी पारंपरिक योग परिधान में उपस्थित हुए और कार्यक्रम स्थल पर समय से पहले ही एकत्रित हो गए थे। वातावरण में शांति, अनुशासन और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं स्टाफ को योग के महत्व से अवगत कराना, उन्हें नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित करना तथा एक स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवनशैली को अपनाने की दिशा में जागरूक बनाना था।

योग सत्र का कुशल संचालन भाग्यश्री आंजना द्वारा

कार्यक्रम के दौरान योग सत्र का संचालन भाग्यश्री आंजना द्वारा किया गया, जो एक प्रमाणित योग प्रशिक्षक हैं और उन्होंने 500 Hours Yoga Registered Teacher (YRT) का सफलतापूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया है। योग के क्षेत्र में उनका अनुभव और ज्ञान प्रतिभागियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ।

योग सत्र की शुरुआत हल्के वार्म-अप अभ्यासों से की गई, जिसके बाद प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार के योगासन, प्राणायाम और ध्यान की तकनीकों का अभ्यास कराया गया। इनमें ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन, अनुलोम-विलोम, कपालभाति और ध्यान अभ्यास शामिल रहे।

भाग्यश्री आंजना ने प्रत्येक योगासन को विस्तारपूर्वक समझाया और उसके सही अभ्यास की विधि भी बताई। उन्होंने बताया कि योग केवल शरीर को लचीला बनाने का साधन नहीं है, बल्कि यह मानसिक स्थिरता, आत्मनियंत्रण और जीवन में संतुलन बनाए रखने का प्रभावी माध्यम भी है।

योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों पर विस्तृत जानकारी

योग सत्र के दौरान प्रशिक्षिका भाग्यश्री आंजना ने उपस्थित सभी विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों को योग के शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर ऊर्जावान बना रहता है।

उन्होंने यह भी समझाया कि योग तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं को कम करने में अत्यंत प्रभावी है। आज की तेज़ रफ्तार और प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली में मानसिक स्वास्थ्य को संतुलित रखना अत्यंत आवश्यक है, और योग इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है और शरीर को अधिक ऑक्सीजन प्रदान करता है, जिससे व्यक्ति अधिक सक्रिय और स्वस्थ महसूस करता है। ध्यान (मेडिटेशन) मन को शांत करता है और एकाग्रता शक्ति को बढ़ाता है, जो विशेष रूप से विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी है।

संस्थान प्रबंधन का प्रेरक और मार्गदर्शक संदेश

कार्यक्रम के दौरान संस्थान प्रबंधन ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक संपूर्ण पद्धति है।

प्रबंधन ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में तनाव, अनियमित दिनचर्या और जीवनशैली से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं, जिनका समाधान योग के माध्यम से आसानी से किया जा सकता है। यदि व्यक्ति नियमित रूप से योग करे, तो वह न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहता है, बल्कि मानसिक रूप से भी मजबूत बनता है।

संस्थान प्रबंधन ने सभी विद्यार्थियों और स्टाफ सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा कि योग को केवल एक दिन का कार्यक्रम न मानकर इसे अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए। इससे जीवन में अनुशासन, संतुलन और सकारात्मकता आती है।

b1

रजिस्ट्रार अविनाश पाटिल का महत्वपूर्ण संबोधन

संस्थान के रजिस्ट्रार श्री अविनाश पाटिल ने कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि “योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे अपनाकर हम स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जी सकते हैं।”

उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी जीवनशैली है जो व्यक्ति के व्यक्तित्व को संवारती है। योग से आत्मविश्वास बढ़ता है, निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और जीवन में स्थिरता आती है।

उन्होंने यह भी कहा कि यदि युवा पीढ़ी योग को अपनाती है तो आने वाला समाज अधिक स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक होगा।

विद्यार्थियों, प्राध्यापकों और स्टाफ की सक्रिय सहभागिता

कार्यक्रम में विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं समस्त स्टाफ सदस्यों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। सभी ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विभिन्न क्रियाओं का अभ्यास पूरी उत्साह और अनुशासन के साथ किया।

विद्यार्थियों ने इस आयोजन को अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। कई विद्यार्थियों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उन्हें न केवल शारीरिक रूप से सक्रिय रखते हैं, बल्कि मानसिक रूप से भी शांत और केंद्रित रहने में मदद करते हैं।

प्राध्यापकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि योग शिक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए, क्योंकि यह विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहायक है।

योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश

कार्यक्रम के दौरान यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि योग केवल एक शारीरिक गतिविधि नहीं है, बल्कि यह एक वैज्ञानिक और आध्यात्मिक जीवन पद्धति है। योग व्यक्ति को अनुशासन, धैर्य, आत्मनियंत्रण और सकारात्मक सोच प्रदान करता है।

संस्थान ने यह भी संकल्प व्यक्त किया कि भविष्य में भी ऐसे स्वास्थ्य, शिक्षा और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।

कार्यक्रम का भावपूर्ण एवं सफल समापन

कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा नियमित योग करने के संकल्प के साथ किया गया। सभी ने यह निर्णय लिया कि वे योग को अपनी दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाएंगे और एक स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली अपनाएंगे।

संस्थान के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र सिंह आंजना ने इस सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों, प्रबंधन टीम, प्राध्यापकों एवं योग प्रशिक्षिका भाग्यश्री आंजना का हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम संस्थान के शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सामाजिक वातावरण को और अधिक सशक्त बनाते हैं।

निष्कर्ष: योग से स्वस्थ, संतुलित और सशक्त समाज की ओर

आंजना ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स में आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं था, बल्कि यह स्वास्थ्य, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली का संदेश देने वाला एक प्रभावशाली प्रयास था।

इस कार्यक्रम ने सभी प्रतिभागियों में योग के प्रति नई जागरूकता, प्रेरणा और उत्साह का संचार किया। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि शिक्षा संस्थान इस प्रकार की गतिविधियों को प्रोत्साहित करें, तो आने वाली पीढ़ी अधिक स्वस्थ, अनुशासित और सशक्त बन सकती है।

योग के माध्यम से एक स्वस्थ, संतुलित और जागरूक समाज की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp