Indore पुलिस की संवेदनशीलता: NEET परीक्षा में दो छात्राओं को समय पर सेंटर पहुंचाया, बचा एक साल
Indore में आयोजित NEET UG परीक्षा 2026 के दौरान इंदौर पुलिस ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता की मिसाल पेश की। परीक्षा के दिन दो अलग-अलग घटनाओं में पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए दो छात्राओं को उनके सही परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया, जिससे उनका पूरा साल बर्बाद होने से बच गया।
इन घटनाओं ने न केवल परीक्षार्थियों और उनके परिजनों को राहत दी, बल्कि आम जनता के बीच इंदौर पुलिस की सकारात्मक छवि को और मजबूत किया है।
गलत सेंटर पर पहुंची छात्रा को मिली तुरंत मदद
पहला मामला एक ऐसी छात्रा का है, जो दूसरे शहर से इंदौर परीक्षा देने आई थी। लेकिन वह गलती से गलत परीक्षा केंद्र पर पहुंच गई। जब उसे पता चला कि उसका असली सेंटर कहीं और है, तो वह घबरा गई और समय निकलने की चिंता में परेशान होकर सेंटर के बाहर ही भटकने लगी।
इसी दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थिति को समझा और छात्रा से बातचीत की। पूछताछ में पता चला कि वह गलत स्थान पर पहुंच गई है। इसके बाद पुलिस ने बिना देर किए उसे अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाया और तेजी से उसके सही परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया।
समय पर सेंटर पहुंचने के बाद छात्रा और उसके परिजनों ने इंदौर पुलिस का आभार जताया और कहा कि यदि पुलिस समय पर मदद नहीं करती तो उसका परीक्षा में बैठना मुश्किल हो सकता था।
बस स्टैंड पर फंसी छात्रा को ADCP ने पहुंचाया परीक्षा केंद्र
दूसरी घटना सरवटे बस स्टैंड की है, जहां एक छात्रा अपने पिता के साथ परीक्षा केंद्र जाने के लिए खड़ी थी। परीक्षा शुरू होने में बहुत कम समय बचा था और ट्रैफिक व दूरी के कारण दोनों काफी चिंतित थे।
इसी दौरान वहां ड्यूटी पर मौजूद एडिशनल डीसीपी (ADCP) की नजर छात्रा पर पड़ी। उन्होंने स्थिति को समझते हुए पिता और बेटी से बातचीत की। छात्रा ने बताया कि उसका परीक्षा केंद्र कृषि कॉलेज में है, लेकिन समय कम होने और ट्रैफिक जाम के कारण उसके देर होने की संभावना है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ADCP ने तुरंत अपनी सरकारी गाड़ी उपलब्ध कराई और छात्रा व उसके पिता को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया। पुलिस की इस तत्परता के चलते छात्रा समय पर परीक्षा में शामिल हो सकी।
पुलिस की संवेदनशीलता की हो रही सराहना
इन दोनों घटनाओं के बाद इंदौर पुलिस की जमकर सराहना हो रही है। आमतौर पर पुलिस की जिम्मेदारी कानून व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखने की होती है, लेकिन इन घटनाओं ने यह साबित कर दिया कि जरूरत पड़ने पर पुलिस मानवीय मदद के लिए भी उतनी ही सक्रिय रहती है।
दोनों छात्राओं के लिए यह मदद बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई, क्योंकि परीक्षा छूट जाने पर उनका एक पूरा शैक्षणिक वर्ष प्रभावित हो सकता था। पुलिस की इस पहल ने न केवल उनका भविष्य बचाया, बल्कि एक सकारात्मक संदेश भी दिया।
परीक्षा के दिन पुलिस की सक्रिय भूमिका
NEET जैसी बड़ी और महत्वपूर्ण परीक्षा के दौरान ट्रैफिक, भीड़ और मार्ग संबंधी समस्याएं आम होती हैं। ऐसे में पुलिस प्रशासन की भूमिका और भी अहम हो जाती है। इंदौर पुलिस ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था संभाली, बल्कि जरूरतमंद छात्रों की मदद कर यह दिखाया कि वे सिर्फ कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नागरिक सेवा में भी अग्रणी भूमिका निभाते हैं।
परिजनों ने जताया आभार
दोनों मामलों में छात्राओं और उनके परिजनों ने इंदौर पुलिस का दिल से धन्यवाद किया। उनका कहना था कि पुलिस की त्वरित मदद के कारण ही वे समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुंच सके, अन्यथा बड़ा नुकसान हो सकता था।
निष्कर्ष
Indore पुलिस की यह पहल प्रशासनिक संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का बेहतरीन उदाहरण है। परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर दी गई यह मदद न केवल छात्राओं के भविष्य को बचाने वाली रही, बल्कि समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को भी मजबूत करती है। ऐसी घटनाएं यह साबित करती हैं कि सही समय पर की गई छोटी मदद किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।
