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Indore चौंकाने वाला खुलासा: आंगनवाड़ी भोजन में निकल रहे कंकड़, 2-3 महीने की देरी से मिलता किराया – मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के सामने फूटा दर्द

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Published On: 21 June 2026

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Indore आंगनवाड़ी भोजन में कंकड़ निकलने और 2-3 महीने की देरी से किराया मिलने की शिकायत इंदौर की आंगनवाड़ी संचालिकाओं ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के सामने रखी। बच्चों के पोषण आहार, किराया भुगतान और अन्य समस्याओं पर मंत्री ने समाधान का आश्वासन दिया।

आंगनवाड़ी भोजन में कंकड़: बच्चों के खाने की गुणवत्ता और किराया भुगतान को लेकर संचालिकाओं ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के सामने रखी समस्याएं

Indore। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति को लेकर शनिवार को एक महत्वपूर्ण मुद्दा सामने आया। आंगनवाड़ी भोजन में कंकड़ निकलने और भवन किराया समय पर नहीं मिलने की शिकायत आंगनवाड़ी संचालिकाओं एवं सहायिकाओं ने वरिष्ठ भाजपा नेता एवं विधायक कैलाश विजयवर्गीय के सामने रखी।

विधायक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र क्रमांक-1 की करीब 200 आंगनवाड़ियों को 80 लाख रुपये की लागत से फर्नीचर वितरण किया गया। इसी अवसर पर क्षेत्र में प्रस्तावित 18 बोरिंग कार्यों का भूमिपूजन भी किया गया।

आंगनवाड़ी भोजन में कंकड़ निकलने की शिकायत

Indore कार्यक्रम के दौरान जब कैलाश विजयवर्गीय ने आंगनवाड़ी संचालिकाओं से उनकी समस्याओं के बारे में पूछा तो कई महिलाओं ने एक साथ अपनी परेशानी सामने रखी।

संचालिकाओं ने बताया कि बच्चों को जो भोजन उपलब्ध कराया जाता है, उसमें कई बार कंकड़ और अशुद्धियां निकलती हैं। बच्चे इसकी शिकायत करते हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर उनके पास समस्या का कोई समाधान नहीं होता।

महिलाओं ने कहा कि भोजन की गुणवत्ता में सुधार किया जाना चाहिए ताकि बच्चों को सुरक्षित और पौष्टिक भोजन मिल सके।

बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण आहार पर भी उठे सवाल

संचालिकाओं ने बताया कि केवल बच्चों का भोजन ही नहीं बल्कि गर्भवती महिलाओं को मिलने वाला पोषण आहार भी लंबे समय तक एक जैसा ही आता है।उनका कहना था कि यदि पोषण आहार में समय-समय पर बदलाव किया जाए तो महिलाओं को स्वाद के साथ बेहतर पोषण भी मिल सकेगा।महिलाओं के अनुसार एक ही प्रकार का भोजन लगातार मिलने से कई बार लाभार्थियों की रुचि कम हो जाती है।

देवास प्लांट से आता है भोजन

कार्यक्रम में मौजूद महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी पल्लवी बिलोटिया तथा इंदू शर्मा ने भी शिकायतों को गंभीरता से सुना।

इंदू शर्मा ने बताया कि बच्चों के लिए भोजन देवास स्थित प्लांट से आता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि भोजन की गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों को वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा ताकि उचित कार्रवाई हो सके।

किराया भुगतान में 2 से 3 महीने की देरी

आंगनवाड़ी संचालिकाओं ने एक और गंभीर समस्या की ओर ध्यान आकर्षित किया।उन्होंने बताया कि अधिकांश आंगनवाड़ी केंद्र किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं, लेकिन भवन किराया समय पर नहीं मिलता।कई बार किराया मिलने में 2 से 3 महीने तक की देरी हो जाती है। इस दौरान भवन मालिकों को भुगतान करने का दबाव रहता है और संचालिकाओं को अपनी जेब से किराया देना पड़ता है।

मीटिंग और कार्यक्रमों का खर्च भी खुद उठाना पड़ता है

महिलाओं ने कहा कि विभागीय बैठकों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य आयोजनों में शामिल होने के लिए भी उन्हें अपने निजी खर्च से यात्रा करनी पड़ती है।उनका कहना था कि मानदेय सीमित होने के कारण अतिरिक्त खर्च उठाना कठिन हो जाता है।

संचालिकाओं ने मांग की कि इन खर्चों की समय पर प्रतिपूर्ति की जाए और किराया भुगतान की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाया जाए।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने दिया भरोसा

महिलाओं की समस्याएं सुनने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने उन्हें आश्वस्त किया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।उन्होंने कहा—

“आप चिंता मत कीजिए, मैं इस विभाग की मंत्री से चर्चा करूंगा और समस्याओं का समाधान करवाने का प्रयास करूंगा।”

विजयवर्गीय ने आंगनवाड़ी संचालिकाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनके ऊपर बच्चों के भविष्य निर्माण की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

बच्चों में संस्कार निर्माण की जिम्मेदारी

अपने संबोधन में विजयवर्गीय ने कहा कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता केवल बच्चों की देखभाल ही नहीं करतीं बल्कि उनमें संस्कार निर्माण का भी महत्वपूर्ण कार्य करती हैं।उन्होंने कहा कि बच्चे भगवान का स्वरूप होते हैं और उनकी सेवा करना पुण्य का कार्य है।उन्होंने सभी संचालिकाओं से बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने की अपील की।

80 लाख रुपये का फर्नीचर वितरण

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र क्रमांक-1 की लगभग 200 आंगनवाड़ियों को बच्चों के बैठने के लिए आधुनिक फर्नीचर उपलब्ध कराया गया।करीब 80 लाख रुपये की लागत से वितरित किए गए इस फर्नीचर का उद्देश्य बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है।इसके साथ ही क्षेत्र में जल समस्या के समाधान के लिए 18 नए बोरिंग कार्यों का भूमिपूजन भी किया गया।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

इस अवसर पर कई जनप्रतिनिधि एवं भाजपा पदाधिकारी उपस्थित रहे।मुख्य रूप से उपस्थित लोगों में शामिल रहे—

  • कैलाश विजयवर्गीय
  • पल्लवी बिलोटिया
  • इंदू शर्मा
  • पार्षद शिवम यादव
  • सीमा डाबी
  • सूरज कैरो
  • निरंजन सिंह चौहान
  • अशोक चौहान
  • हरिनारायण यादव

साथ ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक भी मौजूद रहे।

आंगनवाड़ी व्यवस्था सुधारने की जरूरत

विशेषज्ञों का मानना है कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण कार्यक्रमों की रीढ़ हैं।यदि भोजन की गुणवत्ता, किराया भुगतान और आधारभूत सुविधाओं जैसी समस्याओं का समय पर समाधान किया जाए तो इन केंद्रों की कार्यक्षमता और प्रभावशीलता में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।आंगनवाड़ी भोजन में कंकड़ जैसी शिकायतें केवल गुणवत्ता नियंत्रण का मुद्दा नहीं बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से भी जुड़ा विषय हैं। ऐसे में संबंधित विभागों द्वारा त्वरित जांच और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाना आवश्यक माना जा रहा है।

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