ICAI राष्ट्रीय सम्मेलन में 700+ सीए का जुटान: नए आयकर अधिनियम 2025 पर गहन मंथन, माइक्रो मिट्टी प्रोपटेक बनी वार्षिक साझेदार
इंदौर में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का भव्य शुभारंभ
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की डायरेक्ट टैक्स कमेटी, नई दिल्ली एवं इंदौर सीए शाखा के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ इंदौर में किया गया। देशभर से आए 700 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स एवं कर सलाहकारों की उपस्थिति ने इस आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया।
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य नए आयकर अधिनियम 2025 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा करना, कर प्रणाली में हो रहे बदलावों को समझना तथा उन्हें अधिक सरल, पारदर्शी और तकनीक-संचालित बनाने के लिए सुझाव साझा करना रहा।
कार्यक्रम में माइक्रो मिट्टी प्रोपटेक ने वार्षिक साझेदार के रूप में सहयोग प्रदान किया, जिससे आयोजन को तकनीकी और संस्थागत स्तर पर और अधिक मजबूती मिली।
700 से अधिक सीए की सक्रिय भागीदारी
सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से आए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने सक्रिय रूप से भाग लिया। 700 से अधिक सीए और टैक्स विशेषज्ञों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को एक राष्ट्रीय स्तर के विचार मंच के रूप में स्थापित किया।
प्रतिभागियों ने कर कानूनों से जुड़े व्यावहारिक अनुभव साझा किए और नए आयकर अधिनियम के संभावित प्रभावों पर गहन चर्चा की। इस दौरान कई विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि डिजिटल कर प्रणाली को और अधिक उपयोगकर्ता-अनुकूल और सरल बनाने की आवश्यकता है।
मुख्य अतिथि का महत्वपूर्ण संबोधन
मुख्य आयकर आयुक्त डॉ. तरुण सीम ने सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि नया आयकर अधिनियम 2025 देश की कर व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
उन्होंने कहा कि यह अधिनियम कर प्रणाली को सरल बनाने के साथ-साथ पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता को भी बढ़ाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कर प्रशासन में तकनीक का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
डॉ. सीम ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि कर अनुपालन और ऑडिट प्रक्रिया में सीए समुदाय की विश्वसनीयता अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, सीए सरकार और करदाताओं के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में कार्य करते हैं।
इंदौर सीए शाखा की मेजबानी पर गर्व
इंदौर सीए शाखा के चेयरमैन सीए समकित भंडारी ने कहा कि इस राष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी इंदौर के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन न केवल शहर की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करते हैं, बल्कि ज्ञान के आदान-प्रदान का भी महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।
ICAI सेंट्रल काउंसिल मेम्बर सीए पंकज शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में ICAI ने आचार संहिता में कई महत्वपूर्ण सुधार लागू किए हैं। इसके साथ ही सीए प्रशिक्षुओं के लिए प्रथम वर्ष में आर्थिक सहायता योजना शुरू की गई है, जिससे युवा पेशेवरों को बड़ा लाभ मिलेगा।
क्षेत्रीय परिषद उपाध्यक्ष सीए अंकुश जैन ने सम्मेलन के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन कर प्रणाली की जटिलताओं को समझने और उनके व्यावहारिक समाधान खोजने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।
आत्मनिर्भर भारत में सीए समुदाय की भूमिका
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के कार्यकारी संचालक सीए वरिंदर कुमार और स्वतंत्र निदेशक सीए राकेश भावसार ने भी सम्मेलन में अपने विचार प्रस्तुत किए।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। वित्तीय अनुशासन, ऑडिट पारदर्शिता और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने में सीए समुदाय का योगदान देश की आर्थिक प्रगति का आधार है।
उनके अनुसार, बदलते आर्थिक परिवेश में सीए पेशेवरों को तकनीकी दक्षता और नए कर कानूनों की गहरी समझ विकसित करनी होगी।
तकनीकी सत्रों में कर कानूनों पर गहन चर्चा
सम्मेलन के दौरान आयोजित तकनीकी सत्रों में कर विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रस्तुति दी।
एडवोकेट (डॉ.) सीए कपिल गोयल, दिल्ली ने तलाशी, जब्ती एवं री-असेसमेंट से जुड़े प्रावधानों का विश्लेषण किया और बताया कि इन प्रक्रियाओं में कानूनी अनुपालन कितना महत्वपूर्ण है।
सीए नमन श्रीमाल, जयपुर ने क्रॉस बॉर्डर टैक्सेशन और एनआरआई कराधान पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैश्विक आर्थिक संबंधों के कारण कराधान के नियम लगातार जटिल हो रहे हैं।
एडवोकेट अनन्या कपूर, दिल्ली ने पेनल्टी और स्टे प्रोसीडिंग्स पर विस्तृत कानूनी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि कर विवादों में उचित दस्तावेजीकरण और समय पर अनुपालन अत्यंत आवश्यक है।
इन सत्रों में प्रतिभागियों ने प्रश्नोत्तर के माध्यम से अपनी शंकाओं का समाधान भी प्राप्त किया।
माइक्रो मिट्टी प्रोपटेक की भागीदारी और विचार
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में माइक्रो मिट्टी प्रोपटेक ने वार्षिक साझेदार के रूप में सहयोग प्रदान किया।
कंपनी के संस्थापक एवं सीईओ श्री मनोज धनोतिया ने कहा कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स देश की आर्थिक व्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा कि सीए जिस भी क्षेत्र में कार्य करते हैं, वहां विश्वास, पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन स्थापित होता है।
उन्होंने आगे कहा कि माइक्रो मिट्टी प्रोपटेक का उद्देश्य भी तकनीक आधारित पारदर्शी समाधान उपलब्ध कराना है, जो आधुनिक आर्थिक व्यवस्था के अनुरूप हो।
उन्होंने इस साझेदारी को केवल व्यावसायिक सहयोग न मानकर एक “दीर्घकालिक संकल्प” बताया और कहा कि इंदौर से शुरू हुई यह पहल देशभर में सकारात्मक प्रभाव डालेगी।
आयोजन का संचालन और प्रमुख उपस्थितियाँ
कार्यक्रम का संचालन सीए राजेश मेहता, सीए सुनील पी. जैन एवं एडवोकेट सीए हितेश चिमनानी द्वारा किया गया।
सम्मेलन में सीए संतोष देशमुख, एडवोकेट महेश अग्रवाल, मिलिंद वाधवानी, मेघा जैन, सिकासा चेयरमैन लविश तातेड़ सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सचिव सीए नारायण सोमानी ने सभी प्रतिभागियों, विशेषज्ञों और अतिथियों का आभार व्यक्त किया और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने के लिए धन्यवाद दिया।
निष्कर्ष
ICAI का यह राष्ट्रीय सम्मेलन नए आयकर अधिनियम 2025 पर विचार-विमर्श का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ। 700 से अधिक चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की भागीदारी ने इसे एक प्रभावशाली राष्ट्रीय आयोजन में बदल दिया।
इस सम्मेलन ने न केवल कर प्रणाली के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डाला, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल टैक्स व्यवस्था की दिशा में सीए समुदाय की भूमिका को भी मजबूती से रेखांकित किया। आने वाले समय में ऐसे आयोजन कर प्रशासन और पेशेवर समुदाय के बीच सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।
